{"_id":"67ddb66efb2ec376120aaa1a","slug":"shivlali-made-her-mark-in-the-region-by-becoming-a-bank-friend-amethi-news-c-96-1-ame1008-136885-2025-03-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: बैंक सखी बनकर शिवलली ने क्षेत्र में बनाई पहचान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: बैंक सखी बनकर शिवलली ने क्षेत्र में बनाई पहचान
Sat, 22 Mar 2025 12:26 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 22 Mar 2025 12:26 AM IST
विज्ञापन
अमेठी सिटी। गांधी स्वयं सहायता समूह महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहा है। समूह की अध्यक्ष ने बैंक सखी बनकर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। इससे जहां उन्होंने अपनी आमदनी बढ़ाई है, वहीं दूसरों के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई हैं।
राष्ट्र के आर्थिक विकास में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ रही है। ब्लॉक अमेठी की ग्राम पंचायत लोहरता के गांव अहिरावल निवासी शिवलली यादव गांधी स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष हैं। वर्ष 2021 में समूह का गठन हुआ। समूह में अध्यक्ष मानी यादव, आशा, ममता यादव, शिवकली, कलावती, प्रभावती, लीलावती, निशा, प्रेमा, जमुना शामिल हैं। वर्ष 2021 में शिवलली बैंक सखी बनीं। शिवलली ने बताया कि इस समय वह ताला ग्रामीण बैंक में बैंक सखी हैं। ब्लॉक अमेठी गौरीगंज में संचालित समूहों को कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) का कार्य देख रही हैं। इस समय दोनों ब्लॉकों के 82 समूहों की सीसीएल बढ़वाई है।
शिवलली ने बताया कि उनकी शैक्षिक योग्यता बीए, बीएड है। पहले वह गृहिणी थीं, तब जरूरत पड़ने पर परिजनों से पैसे मांगने पड़ते थे। उन्होंने होम ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया। समूह से जुडने के बाद वह बैंक सखी बनीं। बैंक सखी व होम ट्यूशन कर करीब आठ हजार रुपये की आमदनी कर रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
राष्ट्र के आर्थिक विकास में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ रही है। ब्लॉक अमेठी की ग्राम पंचायत लोहरता के गांव अहिरावल निवासी शिवलली यादव गांधी स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष हैं। वर्ष 2021 में समूह का गठन हुआ। समूह में अध्यक्ष मानी यादव, आशा, ममता यादव, शिवकली, कलावती, प्रभावती, लीलावती, निशा, प्रेमा, जमुना शामिल हैं। वर्ष 2021 में शिवलली बैंक सखी बनीं। शिवलली ने बताया कि इस समय वह ताला ग्रामीण बैंक में बैंक सखी हैं। ब्लॉक अमेठी गौरीगंज में संचालित समूहों को कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) का कार्य देख रही हैं। इस समय दोनों ब्लॉकों के 82 समूहों की सीसीएल बढ़वाई है।
विज्ञापन
शिवलली ने बताया कि उनकी शैक्षिक योग्यता बीए, बीएड है। पहले वह गृहिणी थीं, तब जरूरत पड़ने पर परिजनों से पैसे मांगने पड़ते थे। उन्होंने होम ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया। समूह से जुडने के बाद वह बैंक सखी बनीं। बैंक सखी व होम ट्यूशन कर करीब आठ हजार रुपये की आमदनी कर रही हैं।
विज्ञापन