{"_id":"5f4692578ebc3e3caa5fee0d","slug":"school-open-in-amethi-amethi-news-lko5369953179","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूल में बिना मास्क पढ़ते मिले बच्चे, मान्यता रद की संस्तुति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूल में बिना मास्क पढ़ते मिले बच्चे, मान्यता रद की संस्तुति
विज्ञापन
गौरीगंज (अमेठी)। कोविड-19 संक्रमण काल में शासन के निर्देश पर ऑनलाइन शिक्षण कार्य करने के बजाए स्कूल परिसर में शिक्षण कार्य संचालित करना बुधवार को एक निजी स्कूल को भारी पड़ गया। शिकायत पर डीआईओएस ने स्कूल का निरीक्षण किया तो अलग-अलग कक्षाओं में शिक्षण कार्य के साथ कोविड-संक्रमण से बचाव का प्रबंध नहीं मिला। निर्देश के बावजूद स्कूल में शिक्षण कार्य करने से नाराज डीआईओएस ने प्रधानाचार्य व प्रबंधक को नोटिस जारी कर जवाब मांगते हुए सचिव को पत्र जारी कर मान्यता रद की संस्तुति की है।
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए गृह मंत्रालय के निर्देश पर अग्रिम निर्देशों तक स्कूल में शिक्षण कार्य करने के बजाए ऑनलाइन शिक्षण कार्य करने का निर्देश दिया गया है। इसके बावजूद गौरीगंज तहसील के एक गांव में संचालित केपी सिंह इंटर कॉलेज में शैक्षिक कार्य होने की शिकायत मिलने पर बुधवार को डीआईओएस जयकरनलाल वर्मा ने औचक निरीक्षण किया।
इस दौरान कक्षा छह, सात, आठ व दस की कक्षाओं में शिक्षक बच्चों को पढ़ाते मिले। इतना ही नहीं शिक्षण कक्ष में न तो बच्चे और न ही शिक्षकों ने मास्क लगाया था बल्कि संक्रमण से बचाव का स्कूल में कोई प्रबंध नहीं मिला।
विज्ञापन
निर्देशों की अवहेलना कर स्कूल संचालित करने से नाराज डीआईओएस ने प्रबंधक व प्रधानाचार्य से जवाब तलब करते हुए स्कूल के मान्यता प्रत्याहरण करने की संस्तुति करते हुए सचिव को पत्र भेजा है। डीआईओएस ने जवाब से संतुष्ट न होने पर केस दर्ज करने की चेेतावनी देते हुए सिर्फ ऑनलाइन क्लास ही संचालित करने को कहा है। डीआईओएस की कार्रवाई से स्कूल संचालकों में हड़कंप मचा है।
विज्ञापन
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए गृह मंत्रालय के निर्देश पर अग्रिम निर्देशों तक स्कूल में शिक्षण कार्य करने के बजाए ऑनलाइन शिक्षण कार्य करने का निर्देश दिया गया है। इसके बावजूद गौरीगंज तहसील के एक गांव में संचालित केपी सिंह इंटर कॉलेज में शैक्षिक कार्य होने की शिकायत मिलने पर बुधवार को डीआईओएस जयकरनलाल वर्मा ने औचक निरीक्षण किया।
विज्ञापन
इस दौरान कक्षा छह, सात, आठ व दस की कक्षाओं में शिक्षक बच्चों को पढ़ाते मिले। इतना ही नहीं शिक्षण कक्ष में न तो बच्चे और न ही शिक्षकों ने मास्क लगाया था बल्कि संक्रमण से बचाव का स्कूल में कोई प्रबंध नहीं मिला।
विज्ञापन
निर्देशों की अवहेलना कर स्कूल संचालित करने से नाराज डीआईओएस ने प्रबंधक व प्रधानाचार्य से जवाब तलब करते हुए स्कूल के मान्यता प्रत्याहरण करने की संस्तुति करते हुए सचिव को पत्र भेजा है। डीआईओएस ने जवाब से संतुष्ट न होने पर केस दर्ज करने की चेेतावनी देते हुए सिर्फ ऑनलाइन क्लास ही संचालित करने को कहा है। डीआईओएस की कार्रवाई से स्कूल संचालकों में हड़कंप मचा है।