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Amethi News: यूरिया के लिए कतार, साथ में नैनो लेने का दबाव
Thu, 20 Aug 2026 12:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 20 Aug 2026 12:39 AM IST
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गौरीगंज इफको केंद्र पर लगी किसानों की कतार। -संवाद
अमेठी सिटी। बारिश के बाद धान में यूरिया की मांग बढ़ी तो बुधवार को सरकारी केंद्रों पर किसानों की लंबी कतार लग गई। घंटों इंतजार के साथ निजी दुकानों पर यूरिया के साथ जिंक, नैनो यूरिया दिए जाने से किसानों की परेशानी बढ़ गई।
गौरीगंज, जगदीशपुर, मुसाफिरखाना और बाजारशुक्ल क्षेत्र के खाद केंद्रों पर सुबह से किसान कतार में खड़े रहे। गौरीगंज इफको केंद्र पर मिले किसान गोविंद ने बताया कि सुबह पहुंचने के बाद भी काफी देर इंतजार करना पड़ा। चंद्र प्रकाश ने कहा कि कई घंटे कतार में खड़े रहने के बाद यूरिया मिल सकी। राजबहादुर ने बताया कि बारिश के बाद खेतों में पर्याप्त नमी है और किसान धान में खाद डालने के लिए एक साथ केंद्रों पर पहुंच रहे हैं।
निजी दुकानों पर यूरिया के साथ जिंक नैनो यूरिया भी दी जा रही है। किसानों का कहना है कि उन्हें जरूरत की यूरिया लेने के लिए नैनो यूरिया भी लेनी पड़ रही है। इससे उन पर अतिरिक्त खर्च बढ़ रहा है। जिले में 76 साधन सहकारी समितियां, चार इफको केंद्र और 31 इफको फ्रेंचाइजी हैं।
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ऐसे में सवाल है कि खाद पर्याप्त होने के दावे के बावजूद किसानों को यूरिया के लिए घंटों इंतजार क्यों करना पड़ रहा है। कृषि वैज्ञानिक लाल पंकज सिंह ने बताया कि बारिश के बाद धान की टॉप ड्रेसिंग के लिए समय अनुकूल है। समय से यूरिया मिलने पर फसल की बढ़वार अच्छी होती है।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह निरंजन ने बताया कि जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। निजी दुकानों पर टैगिंग की जांच कराई जा रही है। दोषी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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गौरीगंज, जगदीशपुर, मुसाफिरखाना और बाजारशुक्ल क्षेत्र के खाद केंद्रों पर सुबह से किसान कतार में खड़े रहे। गौरीगंज इफको केंद्र पर मिले किसान गोविंद ने बताया कि सुबह पहुंचने के बाद भी काफी देर इंतजार करना पड़ा। चंद्र प्रकाश ने कहा कि कई घंटे कतार में खड़े रहने के बाद यूरिया मिल सकी। राजबहादुर ने बताया कि बारिश के बाद खेतों में पर्याप्त नमी है और किसान धान में खाद डालने के लिए एक साथ केंद्रों पर पहुंच रहे हैं।
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निजी दुकानों पर यूरिया के साथ जिंक नैनो यूरिया भी दी जा रही है। किसानों का कहना है कि उन्हें जरूरत की यूरिया लेने के लिए नैनो यूरिया भी लेनी पड़ रही है। इससे उन पर अतिरिक्त खर्च बढ़ रहा है। जिले में 76 साधन सहकारी समितियां, चार इफको केंद्र और 31 इफको फ्रेंचाइजी हैं।
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ऐसे में सवाल है कि खाद पर्याप्त होने के दावे के बावजूद किसानों को यूरिया के लिए घंटों इंतजार क्यों करना पड़ रहा है। कृषि वैज्ञानिक लाल पंकज सिंह ने बताया कि बारिश के बाद धान की टॉप ड्रेसिंग के लिए समय अनुकूल है। समय से यूरिया मिलने पर फसल की बढ़वार अच्छी होती है।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह निरंजन ने बताया कि जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। निजी दुकानों पर टैगिंग की जांच कराई जा रही है। दोषी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।