{"_id":"5fbbda528ebc3e9be74e5098","slug":"physicians-set-the-example-of-humanity-in-the-district-amethi-news-lko5513567161","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में चिकित्सकों ने पेश की मनावता की मिसाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में चिकित्सकों ने पेश की मनावता की मिसाल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेठी। सीएमओ के निर्देश पर कोरोना संक्रमित महिला का सीएचसी में प्रसव कराकर चिकित्सकों ने मानवता की मिसाल पेश की है। प्रसव के बाद महिला व नवजात पूरी तरह स्वस्थ हैं। कोरोना संक्रमित महिला के उपचार में चिकित्सकों ने जिस तरह रिस्क लेकर उपचार किया वह लोगों के बीच पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा।
कोविड-19 संक्रमण काल में रविवार को जगदीशपुर सीएचसी पर सिंहपुर के जयनगरा निवासी अंशुमान वर्मा अपनी गर्भवती पत्नी नीतू को लेकर पहुंचे तो वह प्रसव पीड़ा से कराह रही थी। प्रसव पीड़िता के कोरोना संक्रमित होने तथा निजी अस्पतालों की ओर से इलाज करने से मना करने की बात सामने आने पर हड़कंप मच गया।
प्रसूता की हालत, दर्द व समय पूरा होने के साथ रेफर करने पर रास्ते में ही अनहोनी की आशंका तथा लेवल-टू अस्पताल तक नहीं पहुंचने की स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने पूरे मामले की सूचना सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे को दी।
विज्ञापन
जानकारी मिलने के बाद सीएमओ ने पीपीई किट पहन कर डिलीवरी कराने का निर्देश दिया तो नर्स ममता ने सफाई कर्मी अशोक व दाई राधा के साथ प्रसव पीड़िता की सुरक्षित डिलीवरी कराई।
डिलीवरी के बाद महिला व बच्चा सुरक्षित होने पर स्वास्थ्य कर्मियों ने राहत की सांस ली तो लोगों के बीच कर्मियों की ओर से पेश की गई मानवता की चर्चा है। डिलीवरी के बाद महिला व बच्चे को असैदापुर स्थित लेवल-टू कोविड अस्पताल शिफ्ट किया गया जहां जांच के बाद नवजात की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है।
सीएमओ ने जान जोखिम में डाल प्रसव कराने वाले स्टाफ को सम्मनित करने की बात कहते हुए बताया कि महिला व बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हैं।
विज्ञापन
कोविड-19 संक्रमण काल में रविवार को जगदीशपुर सीएचसी पर सिंहपुर के जयनगरा निवासी अंशुमान वर्मा अपनी गर्भवती पत्नी नीतू को लेकर पहुंचे तो वह प्रसव पीड़ा से कराह रही थी। प्रसव पीड़िता के कोरोना संक्रमित होने तथा निजी अस्पतालों की ओर से इलाज करने से मना करने की बात सामने आने पर हड़कंप मच गया।
विज्ञापन
प्रसूता की हालत, दर्द व समय पूरा होने के साथ रेफर करने पर रास्ते में ही अनहोनी की आशंका तथा लेवल-टू अस्पताल तक नहीं पहुंचने की स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने पूरे मामले की सूचना सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे को दी।
विज्ञापन
जानकारी मिलने के बाद सीएमओ ने पीपीई किट पहन कर डिलीवरी कराने का निर्देश दिया तो नर्स ममता ने सफाई कर्मी अशोक व दाई राधा के साथ प्रसव पीड़िता की सुरक्षित डिलीवरी कराई।
डिलीवरी के बाद महिला व बच्चा सुरक्षित होने पर स्वास्थ्य कर्मियों ने राहत की सांस ली तो लोगों के बीच कर्मियों की ओर से पेश की गई मानवता की चर्चा है। डिलीवरी के बाद महिला व बच्चे को असैदापुर स्थित लेवल-टू कोविड अस्पताल शिफ्ट किया गया जहां जांच के बाद नवजात की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है।
सीएमओ ने जान जोखिम में डाल प्रसव कराने वाले स्टाफ को सम्मनित करने की बात कहते हुए बताया कि महिला व बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हैं।