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Amethi News: बिजली कटौती से लोग बेहाल, सिंचाई का संकट
Thu, 18 Jul 2024 02:16 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 18 Jul 2024 02:16 AM IST
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अमेठी सिटी। जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित छह घंटे की तय रोस्टिंग से बिजली कटौती की जा रही है। जबकि ग्रामीणों का आरोप है कि दिन में सिर्फ एक से दो घंटे ही बिजली मिल पा रही है। उधर, बिजली की अंधाधुंध कटौती से धान किसानों के सामने रोपाई व सिंचाई का संकट आ गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 15 लाख लोग रोस्टिंग व इमरजेंसी रोस्टिंग से परेशानी का सामना कर रहे हैं।
जिले में छिटपुट बारिश के बाद लंबे समय से पानी नहीं बरसा है। किसानों का कहना है कि बारिश नहीं होने से सूखे जैसे हालात हो गए हैं। नहरों में समुचित पानी नहीं होने से किसान निजी ट्यूबवेल से धान की सिंचाई करना चाह रहे हैं, लेकिन भारी भरकम कटौती से यह काम भी नहीं हो पा रहा है। खरीफ की मुख्य फसल धान की रोपाई का सीजन निकलता जा रहा है, लेकिन बिजली व्यवस्था के प्रति ऊर्जा निगम उदार नहीं दिखाई दे रहा है।
बुधवार को सेमरौता उपकेंद्र में दोपहर डेढ़ से साढ़े चार बजे तक मरम्मत कार्य के लिए बिजली गुल रही। फुरसतगंज में दिन के बाद रात में कटौती से लोग परेशान हैं। 24 घंटे में आठ से 10 घंटे ही आपूर्ति मिल पा रही है। जबकि, पीपरपुर उपकेंद्र में रोस्टिंग व इमरजेंसी रोस्टिंग से किसान धान की रोपाई नहीं कर पा रहे हैं।
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किसानों ने व्यक्त की पीड़ा
बाजारशुकुल के किसान देव शरण ने बताया कि क्षेत्र की बिजली व्यवस्था खराब हो गई है, किसानों की पीड़ा कोई सुनने को तैयार नहीं है। सिंचाई के लिए ट्यूबवेल पर रात दिन बिजली का इंतजार करते रहते हैं।
किसान सुरेंद्र दुबे ने बताया कि धान की बेरन किसी तरह तो लगा दिया पर सिंचाई के समय न तो बिजली साथ दे रही है न नहर में पानी आ रहा है। अब तो भगवान भरोसे ही सिंचाई हो सकती है।
किसान नरेंद्र मिश्र ने बताया कि अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक कोई फोन उठाने को तैयार नहीं है। सिंचाई से परेशान होकर ब्लॉक में बिजली के विरुद्ध धरना भी किया गया लेकिन व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ है।
40 घंटे से ठप है बाजारशुकुल का फीडर
बाजार शुकुल। उपकेंद्र का हुसैनपुर फीडर 40 घंटे से ठप होने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। इलेक्ट्रिक व्यापारी दुकान बंद करने को मजबूर हैं। चक्की, सरसों पेराई व अन्य छोटे कारखाने भी ठप पड़े हुए हैं। इनवर्टर व सबमर्सिबल आदि न चल पानी से घर की व्यवस्थाएं फेल हो गई हैं। ट्रांसफार्मर रखने के बाद भी विभाग बिजली आपूर्ति नहीं दे पा रहा है। विभागीय कर्मचारी फाल्ट ढूंढने में लगे हैं।
किसान गिरधारी मौर्य ने बताया कि बाजार विद्युत केंद्र से चलने वाले हुसैनपुर फीडर पर सिंचाई के लिए बिजली का हफ्तों से इंतजार है। उमस भरी गर्मी से रात में रतजगा कर कर बिताना पड़ रहा है।
लो वोल्टेज से भी दिक्कत
जगदीशपुर। कस्बे में लो वोल्टेज परेशानी का सबब बना है। जगदीशपुर औद्योगिक क्षेत्र में रोड नंबर चार पर बिजली कटौती से उद्यमियों को परेशानी झेलनी पड़ी। बिजली उपकरण व मशीनों का संचालन कटौती के चलते प्रभावित हो रहा है। लो वोल्टेज से संयंत्र भी काम नहीं कर रहे हैं। यही हाल गौरीगंज तहसील के बरनाटीकर उपकेंद्र का है, यहां पर भी लोगों को समस्या का सामना करना पड़ा।
रोस्टिंग के अनुसार ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की जा रही है। इमरजेंसी रोस्टिंग मुख्यालय के निर्देश पर की जाती है। फाॅल्ट होने पर उसे तुरंत ठीक किया जा रहा है।
-रोहित सिंह, प्रभारी अधीक्षण अभियंता, अमेठी।
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जिले में छिटपुट बारिश के बाद लंबे समय से पानी नहीं बरसा है। किसानों का कहना है कि बारिश नहीं होने से सूखे जैसे हालात हो गए हैं। नहरों में समुचित पानी नहीं होने से किसान निजी ट्यूबवेल से धान की सिंचाई करना चाह रहे हैं, लेकिन भारी भरकम कटौती से यह काम भी नहीं हो पा रहा है। खरीफ की मुख्य फसल धान की रोपाई का सीजन निकलता जा रहा है, लेकिन बिजली व्यवस्था के प्रति ऊर्जा निगम उदार नहीं दिखाई दे रहा है।
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बुधवार को सेमरौता उपकेंद्र में दोपहर डेढ़ से साढ़े चार बजे तक मरम्मत कार्य के लिए बिजली गुल रही। फुरसतगंज में दिन के बाद रात में कटौती से लोग परेशान हैं। 24 घंटे में आठ से 10 घंटे ही आपूर्ति मिल पा रही है। जबकि, पीपरपुर उपकेंद्र में रोस्टिंग व इमरजेंसी रोस्टिंग से किसान धान की रोपाई नहीं कर पा रहे हैं।
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किसानों ने व्यक्त की पीड़ा
बाजारशुकुल के किसान देव शरण ने बताया कि क्षेत्र की बिजली व्यवस्था खराब हो गई है, किसानों की पीड़ा कोई सुनने को तैयार नहीं है। सिंचाई के लिए ट्यूबवेल पर रात दिन बिजली का इंतजार करते रहते हैं।
किसान सुरेंद्र दुबे ने बताया कि धान की बेरन किसी तरह तो लगा दिया पर सिंचाई के समय न तो बिजली साथ दे रही है न नहर में पानी आ रहा है। अब तो भगवान भरोसे ही सिंचाई हो सकती है।
किसान नरेंद्र मिश्र ने बताया कि अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक कोई फोन उठाने को तैयार नहीं है। सिंचाई से परेशान होकर ब्लॉक में बिजली के विरुद्ध धरना भी किया गया लेकिन व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ है।
40 घंटे से ठप है बाजारशुकुल का फीडर
बाजार शुकुल। उपकेंद्र का हुसैनपुर फीडर 40 घंटे से ठप होने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। इलेक्ट्रिक व्यापारी दुकान बंद करने को मजबूर हैं। चक्की, सरसों पेराई व अन्य छोटे कारखाने भी ठप पड़े हुए हैं। इनवर्टर व सबमर्सिबल आदि न चल पानी से घर की व्यवस्थाएं फेल हो गई हैं। ट्रांसफार्मर रखने के बाद भी विभाग बिजली आपूर्ति नहीं दे पा रहा है। विभागीय कर्मचारी फाल्ट ढूंढने में लगे हैं।
किसान गिरधारी मौर्य ने बताया कि बाजार विद्युत केंद्र से चलने वाले हुसैनपुर फीडर पर सिंचाई के लिए बिजली का हफ्तों से इंतजार है। उमस भरी गर्मी से रात में रतजगा कर कर बिताना पड़ रहा है।
लो वोल्टेज से भी दिक्कत
जगदीशपुर। कस्बे में लो वोल्टेज परेशानी का सबब बना है। जगदीशपुर औद्योगिक क्षेत्र में रोड नंबर चार पर बिजली कटौती से उद्यमियों को परेशानी झेलनी पड़ी। बिजली उपकरण व मशीनों का संचालन कटौती के चलते प्रभावित हो रहा है। लो वोल्टेज से संयंत्र भी काम नहीं कर रहे हैं। यही हाल गौरीगंज तहसील के बरनाटीकर उपकेंद्र का है, यहां पर भी लोगों को समस्या का सामना करना पड़ा।
रोस्टिंग के अनुसार ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की जा रही है। इमरजेंसी रोस्टिंग मुख्यालय के निर्देश पर की जाती है। फाॅल्ट होने पर उसे तुरंत ठीक किया जा रहा है।
-रोहित सिंह, प्रभारी अधीक्षण अभियंता, अमेठी।