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यूक्रेन से लौटे बेटे से लिपटकर रो पड़ी मां
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फुरसतगंज : यूक्रेन से वापस लौटने के बाद परिवार के साथ मौजूद भोला सिंह। -संवाद
- फोटो : AMETHI
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फुरसतगंज (अमेठी)। यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने गया एक और छात्र अपने घर पहुंच गया। युवक को देखते ही परिवार के लोग अपने आंसू नहीं रोक पाए। बेटे से लिपटकर मां फूट-फूटकर रोने लगी। युवक के घर पहुंचने पर परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई।
स्थानीय थाना क्षेत्र के कस्बा निवासी जय नारायन सिंह का छोटा पुत्र भोला सिंह यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने गया था। इसी बीच रूस से युद्ध छिड़ गया और वह वहीं फंस गया। रविवार को भोला दिल्ली से अपने घर पहुंचा तो कई दिनों से घर में छाई उदासी खुशी में तब्दील हो गई। बेटे को अपने सामने सकुशल देख मां ऊषा सिंह उससे लिपटकर फफक पड़ीं तो मौजूद परिवार के अन्य सदस्य व पड़ोसी भी अपने आंसू नहीं रोक सके।
भोला ने बताया कि युद्ध के बीच वहां कैसे समय गुजारा उसे बयां नहीं कर सकता। कहा कि सभी डरे सहमे थे। इसी बीच 24 फरवरी को इवानो शहर पर रूस ने हमला कर दिया। इसके बाद कफ्र्यू लग गया था। बताया कि जिस हाल में रह रहा था वहां लाइट भी नहीं जला सकता था। कहा कि एक बार तो ऐसा लगा कि अब वतन वापसी नहीं हो पाएगी। इस बीच दूतावास से संपर्क करने पर वहां से बताया कि गया कि रोमानिया, पोलैंड या फिर हंगरी बॉर्डर से आप जा सकते हैं।
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भोला ने बताया कि उनके साथ 35 छात्र बस से रोमानिया बॉर्डर पहुंचे जहां काफी भीड़ थी। वहां पर भारतीय दूतावास की ओर से बनाए गए कैंप में पहुंचा तो वहां पूरी मदद मिली। घर पर बात करने के लिए एक सिम भी दिया गया। भोला के अनुसार पहले लड़कियों व जूनियरों को भेजने की प्राथमिकता दी गई ताकि वह सकुशल अपने घर पहुंच सकें। भोला के घर आते ही उनके घर लोगों का तांता लग गया। सभी ने केंद्र सरकार को धन्यवाद ज्ञापित किया है।
छात्रों से मिले नायब तहसीलदार
गौरीगंज (अमेठी)। ब्लॉक क्षेत्र से मेडिकल की पढ़ाई करने यूक्रेन गए छात्रों की सकुशल घर वापसी हो गई है। जिला प्रशासन के निर्देश पर तहसील प्रशासन की टीम रविवार को छात्रों के घर वालों से मुलाकात की। सीएचसी शाहगढ़ में तैनात लक्ष्मी वर्मा के पुत्र छात्र शांतनु वर्मा व पंडरी निवासी सुनील सिंह यादव के पुत्र सौरभ यादव से नायब तहसीलदार आशुतोष पांडेय ने मुलाकात कर वार्ता की। (संवाद)
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स्थानीय थाना क्षेत्र के कस्बा निवासी जय नारायन सिंह का छोटा पुत्र भोला सिंह यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने गया था। इसी बीच रूस से युद्ध छिड़ गया और वह वहीं फंस गया। रविवार को भोला दिल्ली से अपने घर पहुंचा तो कई दिनों से घर में छाई उदासी खुशी में तब्दील हो गई। बेटे को अपने सामने सकुशल देख मां ऊषा सिंह उससे लिपटकर फफक पड़ीं तो मौजूद परिवार के अन्य सदस्य व पड़ोसी भी अपने आंसू नहीं रोक सके।
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भोला ने बताया कि युद्ध के बीच वहां कैसे समय गुजारा उसे बयां नहीं कर सकता। कहा कि सभी डरे सहमे थे। इसी बीच 24 फरवरी को इवानो शहर पर रूस ने हमला कर दिया। इसके बाद कफ्र्यू लग गया था। बताया कि जिस हाल में रह रहा था वहां लाइट भी नहीं जला सकता था। कहा कि एक बार तो ऐसा लगा कि अब वतन वापसी नहीं हो पाएगी। इस बीच दूतावास से संपर्क करने पर वहां से बताया कि गया कि रोमानिया, पोलैंड या फिर हंगरी बॉर्डर से आप जा सकते हैं।
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भोला ने बताया कि उनके साथ 35 छात्र बस से रोमानिया बॉर्डर पहुंचे जहां काफी भीड़ थी। वहां पर भारतीय दूतावास की ओर से बनाए गए कैंप में पहुंचा तो वहां पूरी मदद मिली। घर पर बात करने के लिए एक सिम भी दिया गया। भोला के अनुसार पहले लड़कियों व जूनियरों को भेजने की प्राथमिकता दी गई ताकि वह सकुशल अपने घर पहुंच सकें। भोला के घर आते ही उनके घर लोगों का तांता लग गया। सभी ने केंद्र सरकार को धन्यवाद ज्ञापित किया है।
छात्रों से मिले नायब तहसीलदार
गौरीगंज (अमेठी)। ब्लॉक क्षेत्र से मेडिकल की पढ़ाई करने यूक्रेन गए छात्रों की सकुशल घर वापसी हो गई है। जिला प्रशासन के निर्देश पर तहसील प्रशासन की टीम रविवार को छात्रों के घर वालों से मुलाकात की। सीएचसी शाहगढ़ में तैनात लक्ष्मी वर्मा के पुत्र छात्र शांतनु वर्मा व पंडरी निवासी सुनील सिंह यादव के पुत्र सौरभ यादव से नायब तहसीलदार आशुतोष पांडेय ने मुलाकात कर वार्ता की। (संवाद)