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तहसीलदार गौरीगंज के खिलाफ लामबंद हुए अधिवक्ता
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06 : गौरीगंज : कलेक्ट्रेट में एडीएम को ज्ञापन देते जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व पदाधिकारी।
- फोटो : AMETHI
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गौरीगंज (अमेठी)। तहसीलदार गौरीगंज, तहसील व मुसाफिरखाना के सभी आरके के साथ ही गौरीगंज एसडीएम के पेशकार के गलत कार्य व्यवहार से अधिवक्ता खासे नाराज हैं। सोमवार को बार एसोसिएशन अध्यक्ष ने एडीएम को बिंदुवार शिकायती पत्र देकर हस्तक्षेप करने की मांग की है।
जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष राजकरन त्रिपाठी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने सोमवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व एसपी सिंह व एडीएम न्यायिक सुधीर रूंगटा से मिलकर ज्ञापन दिया। ज्ञापन में तहसीलदार गौरीगंज पर कई गंभीर आरोप लगाए।
कहा गया है कि खारिज दाखिल में आपत्ति प्रस्तुत करते समय मुवक्किल को लाने की जिद की जाती है। धारा 32/38, 80, 67ए उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की पत्रावली रिपोर्ट लगाकर मालबाबू के पास आने पर भी तहसीलदार द्वारा पत्रावली अग्रसारित नहीं की जाती।
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इससे भ्रष्टाचार को प्रश्रय मिलता है। इनके द्वारा धारा 80 के तहत अकृषिक घोषित किए गए गाटों से संबंधित बैनामों के नामांतरण को जान बूझकर लंबित रखा जाता है। इनके द्वारा न्यायालय में अधिवक्ता के देरी से पहुंचने पर पत्रावली आदेश में लगाकर उन्हें सुना नहीं जाता है।
इसी तरह गौरीगंज व मुसाफिरखाना तहसील के सभी आरके समेत एसडीएम गौरीगंज के पेशकार पर भी कई आरोप लगाया है। अंत में अफसरों द्वारा अधिवक्ताओं के प्रति उदार भाव रखने की मांग की गई है। अध्यक्ष ने कहा कि इन दिनों बार एवं बेंच के बीच समन्वय में फैली काफी विसंगतियों को दूर करने के लिए आपस में बैठकर विचार विमर्श कर उपाय तलाशा जाना चाहिए।
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जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष राजकरन त्रिपाठी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने सोमवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व एसपी सिंह व एडीएम न्यायिक सुधीर रूंगटा से मिलकर ज्ञापन दिया। ज्ञापन में तहसीलदार गौरीगंज पर कई गंभीर आरोप लगाए।
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कहा गया है कि खारिज दाखिल में आपत्ति प्रस्तुत करते समय मुवक्किल को लाने की जिद की जाती है। धारा 32/38, 80, 67ए उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की पत्रावली रिपोर्ट लगाकर मालबाबू के पास आने पर भी तहसीलदार द्वारा पत्रावली अग्रसारित नहीं की जाती।
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इससे भ्रष्टाचार को प्रश्रय मिलता है। इनके द्वारा धारा 80 के तहत अकृषिक घोषित किए गए गाटों से संबंधित बैनामों के नामांतरण को जान बूझकर लंबित रखा जाता है। इनके द्वारा न्यायालय में अधिवक्ता के देरी से पहुंचने पर पत्रावली आदेश में लगाकर उन्हें सुना नहीं जाता है।
इसी तरह गौरीगंज व मुसाफिरखाना तहसील के सभी आरके समेत एसडीएम गौरीगंज के पेशकार पर भी कई आरोप लगाया है। अंत में अफसरों द्वारा अधिवक्ताओं के प्रति उदार भाव रखने की मांग की गई है। अध्यक्ष ने कहा कि इन दिनों बार एवं बेंच के बीच समन्वय में फैली काफी विसंगतियों को दूर करने के लिए आपस में बैठकर विचार विमर्श कर उपाय तलाशा जाना चाहिए।