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Amethi News: जांच में झूठी निकली अपहरण की कहानी
Tue, 03 Sep 2024 02:51 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 03 Sep 2024 02:51 AM IST
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जायस (अमेठी)। कोतवाली क्षेत्र के नवीन गल्ला मंडी में ट्रांसपोर्ट कर्मी के अपहरण की कहानी पुलिस की जांच में झूठी निकली। शनिवार को सहकर्मी ने मामले की सूचना दी तो पुलिस में हड़कंप मच गया। रविवार को स्वयं थाने पहुंच पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य जांच की तो मामला गलत मिला। जांच में सचाई सामने आने के बाद बिना केस लिखवाए चल गया।
जायस थाना क्षेत्र स्थित नवीन गल्ला मंडी में संचालित एक निजी ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करने वाले आजमगढ़ निवासी आलोक कुमार का शनिवार को बहादुरपुर चौराहे से अपहरण होने की सूचना सहकर्मी किशन यादव ने दी। सूचना के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई।
दूसरे दिन रविवार को स्वयं थाने पहुंच झूठी कहानी रचने लगा। बताया कि अपहर्ताओं ने उसे लखनऊ ले जाकर छोड़ दिया। उसकी जेब में रखे 7500 में से पांच हजार रुपये छीन लिए। पुलिस को शंका हुई, उसने सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया तो पुरानी कहानी संदिग्ध मिली।
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इसके बाद पुलिस ने आलोक से अपहरण कहां से हुआ, कहां छोड़ा, रास्ते में मारपीट तो नहीं हुई, कोई दवा तो नहीं खिलाई या सुंघाई जैसे कई सवाल पूछे तो युवक टूट गया। अपहरण की कहानी फर्जी सिद्ध होने के बाद बिना तहरीर दिए थाने से निकल गया।
एसएचओ रवि कुमार सिंह ने बताया की युवक ने अपहरण कि फर्जी कहानी बनाई है। कोई मुकदमा नहीं लिखाया गया है। बताया कि ट्रांसपोर्ट के रुपये न देने पड़ें, इसके लिए कहानी रची थी। मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
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जायस थाना क्षेत्र स्थित नवीन गल्ला मंडी में संचालित एक निजी ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करने वाले आजमगढ़ निवासी आलोक कुमार का शनिवार को बहादुरपुर चौराहे से अपहरण होने की सूचना सहकर्मी किशन यादव ने दी। सूचना के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई।
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दूसरे दिन रविवार को स्वयं थाने पहुंच झूठी कहानी रचने लगा। बताया कि अपहर्ताओं ने उसे लखनऊ ले जाकर छोड़ दिया। उसकी जेब में रखे 7500 में से पांच हजार रुपये छीन लिए। पुलिस को शंका हुई, उसने सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया तो पुरानी कहानी संदिग्ध मिली।
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इसके बाद पुलिस ने आलोक से अपहरण कहां से हुआ, कहां छोड़ा, रास्ते में मारपीट तो नहीं हुई, कोई दवा तो नहीं खिलाई या सुंघाई जैसे कई सवाल पूछे तो युवक टूट गया। अपहरण की कहानी फर्जी सिद्ध होने के बाद बिना तहरीर दिए थाने से निकल गया।
एसएचओ रवि कुमार सिंह ने बताया की युवक ने अपहरण कि फर्जी कहानी बनाई है। कोई मुकदमा नहीं लिखाया गया है। बताया कि ट्रांसपोर्ट के रुपये न देने पड़ें, इसके लिए कहानी रची थी। मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।