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फसल अपशिष्ट जलाने की निगरानी करेंगी संयुक्त टीमें
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गौरीगंज (अमेठी)। खरीफ सीजन में खेतों में धान की अपशिष्ट जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए ब्लॉक, तहसील व जिला स्तर पर निगरानी टीम गठित कर दी गई है। टीम गठित करने के बाद कृषि विभाग ने ग्राम प्रधानों को पत्र जारी कर गांव में कृषि विभाग के कर्मियों की मौजूदगी में जागरूकता गोष्ठी आयोजित कर फसल अपशिष्ट जलाने की घटना रोकने में सहयोग करने की अपील की है।
पर्यावरण संतुलन कायम रखने के लिए जिला प्रशासन फसल कटाई के पहले पराली जलाने की घटना रोकने तथा किसानों को जागरूक करने की कोशिश में जुटा है। कवायद सफल हो सके इसके लिए डीएम अरुण कुमार के निर्देश पर कृषि विभाग ने सभी ग्राम प्रधानों को पत्र जारी कर पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करने की अपील की है।
पत्र में गांव में फसल अपशिष्ट जलाने की घटना घटित नहीं हो इसके लिए लेखपाल, पंचायत सचिव व कृषि विभाग के कर्मियों की मौजूदगी में खुली बैठक आयोजित कर किसानों को जागरूक करते हुए अपशिष्ट जलाने के बजाए उसे एकत्र कर गो-आश्रय केंद्र में दान देने के लिए प्रेरित करने को कहा गया है।
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जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि किसानों को अपशिष्ट जलाने से प्रदूषण के साथ खेतों की उर्वरा शक्ति पर पड़ने वाले प्रभाव की जानकारी देते हुए बैठक के बाद रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप पर देने को कहा गया है। इतना ही नहीं क्षेत्र में फसल अपशिष्ट नहीं जले इसके लिए गांव में लेखपाल व पंचायत सचिव की टीम गठित करने के बाद तहसील स्तर पर एसडीएम व सीओ की अगुवाई में चार सदस्यीय तो जिला स्तर पर एडीएम व एएसपी की अगुवाई में 11 सदस्यीय टीम गठित की गई है।
निगरानी टीम क्षेत्र में फसल कटाई के दौरान खेतों में मौजूद रहकर किसानों को अपशिष्ट जलाने से रोकने के साथ पराली एकत्र कर गो-आश्रय केंद्र पहुंचाने का प्रबंध सुनिश्चित करेगी। बावजूद इसके खेतों में अपशिष्ट जलाने पर टीम संबंधित के खिलाफ जुर्माना की कार्रवाई करते हुए अन्य कार्रवाई की संस्तुति कृषि विभाग से करेगा। टीम की संस्तुति पर कृषि विभाग संबंधित के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कराते हुए घटना की रोकथाम के लिए निगरानी करेगा।
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पर्यावरण संतुलन कायम रखने के लिए जिला प्रशासन फसल कटाई के पहले पराली जलाने की घटना रोकने तथा किसानों को जागरूक करने की कोशिश में जुटा है। कवायद सफल हो सके इसके लिए डीएम अरुण कुमार के निर्देश पर कृषि विभाग ने सभी ग्राम प्रधानों को पत्र जारी कर पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करने की अपील की है।
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पत्र में गांव में फसल अपशिष्ट जलाने की घटना घटित नहीं हो इसके लिए लेखपाल, पंचायत सचिव व कृषि विभाग के कर्मियों की मौजूदगी में खुली बैठक आयोजित कर किसानों को जागरूक करते हुए अपशिष्ट जलाने के बजाए उसे एकत्र कर गो-आश्रय केंद्र में दान देने के लिए प्रेरित करने को कहा गया है।
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जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि किसानों को अपशिष्ट जलाने से प्रदूषण के साथ खेतों की उर्वरा शक्ति पर पड़ने वाले प्रभाव की जानकारी देते हुए बैठक के बाद रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप पर देने को कहा गया है। इतना ही नहीं क्षेत्र में फसल अपशिष्ट नहीं जले इसके लिए गांव में लेखपाल व पंचायत सचिव की टीम गठित करने के बाद तहसील स्तर पर एसडीएम व सीओ की अगुवाई में चार सदस्यीय तो जिला स्तर पर एडीएम व एएसपी की अगुवाई में 11 सदस्यीय टीम गठित की गई है।
निगरानी टीम क्षेत्र में फसल कटाई के दौरान खेतों में मौजूद रहकर किसानों को अपशिष्ट जलाने से रोकने के साथ पराली एकत्र कर गो-आश्रय केंद्र पहुंचाने का प्रबंध सुनिश्चित करेगी। बावजूद इसके खेतों में अपशिष्ट जलाने पर टीम संबंधित के खिलाफ जुर्माना की कार्रवाई करते हुए अन्य कार्रवाई की संस्तुति कृषि विभाग से करेगा। टीम की संस्तुति पर कृषि विभाग संबंधित के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कराते हुए घटना की रोकथाम के लिए निगरानी करेगा।