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Amethi News: कन्या सुमंगला योजना में अनियमितता, डीपीओ हटाए गए
Mon, 28 Jul 2025 12:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 28 Jul 2025 12:15 AM IST
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अमेठी सिटी। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के संचालन में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद जिला प्रोबेशन अधिकारी अनिल कुमार मौर्य को पद से हटा दिया गया है। उन्हें मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। महिला कल्याण निदेशालय ने उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेज दी है।
बाल संरक्षण इकाई से जुड़ीं दो महिलाओं ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर योजना से जुड़ीं कई गड़बड़ियों का खुलासा किया था। उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी के साथ ही आउटसोर्सिंग से नियुक्त दो कर्मियों पूजा देवी और गायत्री देवी पर फर्जी डिग्री, अमर्यादित व्यवहार और योजनाओं के दुरुपयोग के आरोप लगाए थे।
महिला कल्याण निदेशालय ने अयोध्या मंडल के उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी को प्रकरण की जांच सौंपी थी। रिपोर्ट में कन्या सुमंगला योजना के आवेदन पत्रों के सत्यापन में लापरवाही, पर्यवेक्षणीय कार्यों में शिथिलता और पद की मर्यादा के अनुरूप आचरण न करने की पुष्टि हुई है। जांच के दौरान यह भी उजागर हुआ कि सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में नियुक्त पूजा देवी की एमएसडब्ल्यू की डिग्री फर्जी है।
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इस आधार पर सेवा प्रदाता संस्था की सेवाएं समाप्त करने की सिफारिश की गई है। सेंटर मैनेजर गायत्री देवी के व्यवहार और आचरण को संदिग्ध मानते हुए उन्हें भविष्य में विभागीय सेवाओं से अलग रखने की अनुशंसा की गई है। महिला कल्याण निदेशालय ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देशित किया है कि वह पूरे प्रकरण का आरोप-पत्र एक सप्ताह के भीतर शासन को उपलब्ध कराएं।
जल्द सौंपा जाएगा चार्ज
मुख्य विकास अधिकारी सूरज पटेल ने बताया कि शासन का आदेश प्राप्त हो चुका है। डीपीओ अनिल मौर्य को दायित्वों से मुक्त कर दिया गया है। विभागीय कार्यों को व्यवस्थित रखने के लिए चार्ज देने की प्रक्रिया गतिमान है। शासन से नए डीपीओ की तैनाती होने तक वैकल्पिक रूप से चार्ज देकर विभागीय कामकाज चलाया जाएगा।
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बाल संरक्षण इकाई से जुड़ीं दो महिलाओं ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर योजना से जुड़ीं कई गड़बड़ियों का खुलासा किया था। उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी के साथ ही आउटसोर्सिंग से नियुक्त दो कर्मियों पूजा देवी और गायत्री देवी पर फर्जी डिग्री, अमर्यादित व्यवहार और योजनाओं के दुरुपयोग के आरोप लगाए थे।
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महिला कल्याण निदेशालय ने अयोध्या मंडल के उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी को प्रकरण की जांच सौंपी थी। रिपोर्ट में कन्या सुमंगला योजना के आवेदन पत्रों के सत्यापन में लापरवाही, पर्यवेक्षणीय कार्यों में शिथिलता और पद की मर्यादा के अनुरूप आचरण न करने की पुष्टि हुई है। जांच के दौरान यह भी उजागर हुआ कि सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में नियुक्त पूजा देवी की एमएसडब्ल्यू की डिग्री फर्जी है।
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इस आधार पर सेवा प्रदाता संस्था की सेवाएं समाप्त करने की सिफारिश की गई है। सेंटर मैनेजर गायत्री देवी के व्यवहार और आचरण को संदिग्ध मानते हुए उन्हें भविष्य में विभागीय सेवाओं से अलग रखने की अनुशंसा की गई है। महिला कल्याण निदेशालय ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देशित किया है कि वह पूरे प्रकरण का आरोप-पत्र एक सप्ताह के भीतर शासन को उपलब्ध कराएं।
जल्द सौंपा जाएगा चार्ज
मुख्य विकास अधिकारी सूरज पटेल ने बताया कि शासन का आदेश प्राप्त हो चुका है। डीपीओ अनिल मौर्य को दायित्वों से मुक्त कर दिया गया है। विभागीय कार्यों को व्यवस्थित रखने के लिए चार्ज देने की प्रक्रिया गतिमान है। शासन से नए डीपीओ की तैनाती होने तक वैकल्पिक रूप से चार्ज देकर विभागीय कामकाज चलाया जाएगा।