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Amethi News: डॉक्टरों की हड़ताल से ठप रहीं स्वास्थ्य सेवाएं, मरीज हुए बेहाल
Sun, 18 Aug 2024 02:34 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 18 Aug 2024 02:34 AM IST
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अस्पताल में पसरा रहा सन्नाटा
अमेठी सिटी। कोलकाता में प्रशिक्षु चिकित्सक से हुई दरिंदगी व हत्या के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर शनिवार को हुई चिकित्सकों की हड़ताल का जिले में व्यापक असर रहा। मुंशीगंज स्थित इंदिरा गांधी नेत्र चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं।
वहीं, संजय गांधी अस्पताल में सिर्फ आपातकालीन सेवाएं ही चलीं। दोनों अस्पतालों में बाहर तैनात गार्ड आने वाले मरीजों को हड़ताल का हवाला देते हुए वापस कर रहे थे। दूर-दराज से आने वाले मरीजों को परेशानी हुई। मजबूरी में मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ा।
अस्पताल में चिकित्सकों ने प्रदर्शन कर आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई एवं चिकित्सकों के सुरक्षा की मांग की। इस मौके पर डॉ. यूए सिद्दीकी, डॉ. मीना शर्मा, डॉ. सिद्धार्थ अजय, डॉ. अमित गुप्ता, डॉ. संजय सिंह, डॉ. राहुल, डॉ. प्रशांत द्विवेदी, डॉ. सुधा शुक्ला, डॉ. विनय शुक्ल, संतोष शुक्ल, विपिन श्रीवास्तव, मंजू नायर, आरती, आराधना, शिवांशु राना सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।
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संजय गांधी अस्पताल के प्रबंधक सुरेश सिंह राजपूत ने बताया कि अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं चल रही हैं। चिकित्सकों की हड़ताल के चलते ओपीडी व अन्य सेवाएं शनिवार को ठप रहीं।
करीब एक हजार मरीजों की होती है ओपीडी
मुंशीगंज स्थित संजय गांधी अस्पताल में रोज करीब साढ़े छह से सात सौ मरीजों की ओपीडी होती है। कैथ लैब में 50 से अधिक मरीज आते हैं। अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, एक्सरे, पैथालॉजी, ईएनटी, ईसीजी सहित करीब 800 मरीजों की रोज जांच होती है। करीब आठ डायलिसिस व 10 सर्जरी होती है।
वहीं, इंदिरा गांधी नेत्र चिकित्सालय में रोज करीब 300 ओपीडी, कैंप और अस्पताल को मिलाकर 50 से 70 ऑपरेशन होते हैं। हालांकि हड़ताल के कारण शनिवार को सभी सेवाएं बंद होने से मरीज परेशान रहे।
मरीजों ने बयां किया दर्द
इंदिरा गांधी नेत्र चिकित्सालय में आंख का इलाज कराने आई सुल्तानपुर की सुधा सिंह ने बताया कि इस गर्मी में वह किसी तरह अस्पताल पहुंची हैं। हड़ताल की वजह से इलाज नहीं हुआ।
मुसाफिरखाना के नारा अढ़नपुर से आए मनीष कुमार ने बताया कि आंख में इंफेक्शन हो गया है। प्रतापगढ़ के ईसीपुर गांव से आई बुजुर्ग लालती सिंह ने बताया कि आंख दिखाने के लिए आईं थीं, लेकिन अस्पताल बंद होने से काफी दिक्कत हुई। अयोध्या के बीकापुर से आंख दिखाने आईं मंजू तिवारी ने बताया कि पांच सौ रुपये खर्च कर यहां आई लेकिन बिना इलाज के वापस जाना पड़ रहा है।
प्रतापगढ़ के पट्टी निवासी हीरावती, जगदीशपुर निवासी अनीता और सुल्तानपुर के चांदा छतौना निवासी लालचंद शर्मा ने बताया कि किराया खर्च कर यहां आए और इलाज भी नहीं हुआ।
वहीं, संजय गांधी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने आई बड़गांव निवासी रीता मौर्य, पैर के दर्द से परेशान गौरीगंज निवासी बुजुर्ग सावित्री देवी, पीठीपुर निवासी जीपी ओझा, दुवारा निवासी यशस्वी पांडेय बिना इलाज के लौटीं।
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वहीं, संजय गांधी अस्पताल में सिर्फ आपातकालीन सेवाएं ही चलीं। दोनों अस्पतालों में बाहर तैनात गार्ड आने वाले मरीजों को हड़ताल का हवाला देते हुए वापस कर रहे थे। दूर-दराज से आने वाले मरीजों को परेशानी हुई। मजबूरी में मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ा।
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अस्पताल में चिकित्सकों ने प्रदर्शन कर आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई एवं चिकित्सकों के सुरक्षा की मांग की। इस मौके पर डॉ. यूए सिद्दीकी, डॉ. मीना शर्मा, डॉ. सिद्धार्थ अजय, डॉ. अमित गुप्ता, डॉ. संजय सिंह, डॉ. राहुल, डॉ. प्रशांत द्विवेदी, डॉ. सुधा शुक्ला, डॉ. विनय शुक्ल, संतोष शुक्ल, विपिन श्रीवास्तव, मंजू नायर, आरती, आराधना, शिवांशु राना सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।
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संजय गांधी अस्पताल के प्रबंधक सुरेश सिंह राजपूत ने बताया कि अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं चल रही हैं। चिकित्सकों की हड़ताल के चलते ओपीडी व अन्य सेवाएं शनिवार को ठप रहीं।
करीब एक हजार मरीजों की होती है ओपीडी
मुंशीगंज स्थित संजय गांधी अस्पताल में रोज करीब साढ़े छह से सात सौ मरीजों की ओपीडी होती है। कैथ लैब में 50 से अधिक मरीज आते हैं। अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, एक्सरे, पैथालॉजी, ईएनटी, ईसीजी सहित करीब 800 मरीजों की रोज जांच होती है। करीब आठ डायलिसिस व 10 सर्जरी होती है।
वहीं, इंदिरा गांधी नेत्र चिकित्सालय में रोज करीब 300 ओपीडी, कैंप और अस्पताल को मिलाकर 50 से 70 ऑपरेशन होते हैं। हालांकि हड़ताल के कारण शनिवार को सभी सेवाएं बंद होने से मरीज परेशान रहे।
मरीजों ने बयां किया दर्द
इंदिरा गांधी नेत्र चिकित्सालय में आंख का इलाज कराने आई सुल्तानपुर की सुधा सिंह ने बताया कि इस गर्मी में वह किसी तरह अस्पताल पहुंची हैं। हड़ताल की वजह से इलाज नहीं हुआ।
मुसाफिरखाना के नारा अढ़नपुर से आए मनीष कुमार ने बताया कि आंख में इंफेक्शन हो गया है। प्रतापगढ़ के ईसीपुर गांव से आई बुजुर्ग लालती सिंह ने बताया कि आंख दिखाने के लिए आईं थीं, लेकिन अस्पताल बंद होने से काफी दिक्कत हुई। अयोध्या के बीकापुर से आंख दिखाने आईं मंजू तिवारी ने बताया कि पांच सौ रुपये खर्च कर यहां आई लेकिन बिना इलाज के वापस जाना पड़ रहा है।
प्रतापगढ़ के पट्टी निवासी हीरावती, जगदीशपुर निवासी अनीता और सुल्तानपुर के चांदा छतौना निवासी लालचंद शर्मा ने बताया कि किराया खर्च कर यहां आए और इलाज भी नहीं हुआ।
वहीं, संजय गांधी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने आई बड़गांव निवासी रीता मौर्य, पैर के दर्द से परेशान गौरीगंज निवासी बुजुर्ग सावित्री देवी, पीठीपुर निवासी जीपी ओझा, दुवारा निवासी यशस्वी पांडेय बिना इलाज के लौटीं।