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Amethi News: ग्राम पंचायत के ठेकेदार हजम नहीं कर पाएंगे जीएसटी
Sat, 01 Jun 2024 01:40 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 01 Jun 2024 01:40 AM IST
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अमेठी सिटी। सरकारी ठेकेदार आम तौर पर 18 प्रतिशत जीएसटी का भुगतान सरकार को कर रहे हैं। ग्राम पंचायतों में बड़ी संख्या में ठेकेदारों पर जीएसटी का पैसा हजम करने का आरोप है। जिले के सभी ग्राम पंचायतों में होल्डिंग बैंक खाता खोलने के लिए कहा गया है। दो प्रतिशत टीडीएस काटकर पहले ही जमा कर लिया जाएगा।
जिले के 862 ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य लगभग साल भर चलते रहते हैं। जिसमें मुख्य रूप से ग्राम पंचायत भवन निर्माण, अंत्येष्टि स्थल, कूड़ा प्रबंधन केंद्र, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट, नाली, सड़क, खड़ंजा, इंटरलॉकिंग, चकरोड आदि बहुत से कार्य होते हैं। इसी तरह वाहन, मशीन आदि की खरीद भी ठेकेदारों के माध्यम से की जाती है। जिसमें ठेकेदारों को ग्राम पंचायत की ओर से पूरा भुगतान कर दिया जा रहा है, लेकिन सभी ठेकेदार जीएसटी रिटर्न नहीं दाखिल कर रहे हैं। नई व्यवस्था से लगभग पूरी जीएसटी जमा होने की उम्मीद है।
डीपीआरओ मनोज कुमार त्यागी ने बताया कि पंचायत से ठेकेदार को भुगतान से पहले दो प्रतिशत टैक्स काट कर होल्डिंग अकाउंट में डाल दिया जाएगा। एक माह बाद रिटर्न दाखिल कर दिया जाएगा। जीएसटी विभाग को दो प्रतिशत टैक्स मिलने के साथ ही यह भी पता चल जाएगा कि अभी 16 प्रतिशत बकाया टैक्स अमुक ठेकेदार से मिलना बाकी है। ऐसे में समय से रिटर्न नहीं दाखिल करने वाले ठेकेदार को विभाग की ओर से नोटिस भेजने की कार्रवाई भी की जाएगी।
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राज्य कर विभाग के सहायक आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि पंजीकृत ठेकेदार की ओर से जीएसटी पहले भी जमा हो रही है। इस व्यवस्था के चलते अपंजीकृत ठेकेदार से भी जीएसटी जमा होने लगेगी।
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जिले के 862 ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य लगभग साल भर चलते रहते हैं। जिसमें मुख्य रूप से ग्राम पंचायत भवन निर्माण, अंत्येष्टि स्थल, कूड़ा प्रबंधन केंद्र, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट, नाली, सड़क, खड़ंजा, इंटरलॉकिंग, चकरोड आदि बहुत से कार्य होते हैं। इसी तरह वाहन, मशीन आदि की खरीद भी ठेकेदारों के माध्यम से की जाती है। जिसमें ठेकेदारों को ग्राम पंचायत की ओर से पूरा भुगतान कर दिया जा रहा है, लेकिन सभी ठेकेदार जीएसटी रिटर्न नहीं दाखिल कर रहे हैं। नई व्यवस्था से लगभग पूरी जीएसटी जमा होने की उम्मीद है।
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डीपीआरओ मनोज कुमार त्यागी ने बताया कि पंचायत से ठेकेदार को भुगतान से पहले दो प्रतिशत टैक्स काट कर होल्डिंग अकाउंट में डाल दिया जाएगा। एक माह बाद रिटर्न दाखिल कर दिया जाएगा। जीएसटी विभाग को दो प्रतिशत टैक्स मिलने के साथ ही यह भी पता चल जाएगा कि अभी 16 प्रतिशत बकाया टैक्स अमुक ठेकेदार से मिलना बाकी है। ऐसे में समय से रिटर्न नहीं दाखिल करने वाले ठेकेदार को विभाग की ओर से नोटिस भेजने की कार्रवाई भी की जाएगी।
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राज्य कर विभाग के सहायक आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि पंजीकृत ठेकेदार की ओर से जीएसटी पहले भी जमा हो रही है। इस व्यवस्था के चलते अपंजीकृत ठेकेदार से भी जीएसटी जमा होने लगेगी।