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Amethi News: नायब तहसीलदार सहित पांच पर एफआईआर का आदेश
Mon, 08 Dec 2025 12:49 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 08 Dec 2025 12:49 AM IST
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अमेठी सिटी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुल्तानपुर ने कूटरचित ढंग से वरासत कराने तथा धमकी देने के आरोप में नायब तहसीलदार सहित पांच लोगों पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। यह आदेश जगदीशपुर के निहालगढ़ चकजंगला निवासी सुमित्रा देवी की ओर से दायर वाद पर सुनवाई के बाद पारित हुआ है।
वादिनी सुमित्रा देवी ने कहा कि उनके पिता श्यामलाल के निधन के बाद पैतृक भूमि पर उनका अधिकार है, मगर फर्जी अभिलेख तैयार कर उनका हिस्सा हड़पने का प्रयास किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि गांव निवासी कनिकलाल और राकेश कुमार ने कूटरचित दस्तावेज की मदद से स्वयं को पुत्र दर्शाते हुए वरासत में नाम दर्ज करा लिया। आरोप के अनुसार यह प्रक्रिया तत्कालीन नायब तहसीलदार मुसाफिरखाना की मिलीभगत में पूरी हुई।
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सुमित्रा ने कहा कि नाम चढ़ने के बाद भूमि गुलाबचंद्र को बेचने की जानकारी मिली। सुमित्रा देवी के अनुसार 20 अप्रैल को आपत्ति प्रस्तुत करने पर उन्हें अभद्र भाषा में धमकाया गया। वर्तमान नायब तहसीलदार से मिलने पर कथित रूप से सत्यापित खतौनी दिखाते हुए उन्हें दफ्तर से जाने को कहा गया।
उन्होंने बताया कि मामला थाना मुसाफिरखाना में बताने पर भी इसे जमीन विवाद बताते हुए कोई कार्यवाही नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय का सहारा लिया।
सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने जगदीशपुर थाना प्रभारी को वाद पंजीकृत कर नियमानुसार जांच शुरू करने का आदेश दिया।
आदेश में कहा गया है कि मामले से जुड़े कूटरचित दस्तावेज तथा कथित धमकी की घटना का परीक्षण कराना आवश्यक है।
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वादिनी सुमित्रा देवी ने कहा कि उनके पिता श्यामलाल के निधन के बाद पैतृक भूमि पर उनका अधिकार है, मगर फर्जी अभिलेख तैयार कर उनका हिस्सा हड़पने का प्रयास किया गया।
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उन्होंने आरोप लगाया कि गांव निवासी कनिकलाल और राकेश कुमार ने कूटरचित दस्तावेज की मदद से स्वयं को पुत्र दर्शाते हुए वरासत में नाम दर्ज करा लिया। आरोप के अनुसार यह प्रक्रिया तत्कालीन नायब तहसीलदार मुसाफिरखाना की मिलीभगत में पूरी हुई।
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सुमित्रा ने कहा कि नाम चढ़ने के बाद भूमि गुलाबचंद्र को बेचने की जानकारी मिली। सुमित्रा देवी के अनुसार 20 अप्रैल को आपत्ति प्रस्तुत करने पर उन्हें अभद्र भाषा में धमकाया गया। वर्तमान नायब तहसीलदार से मिलने पर कथित रूप से सत्यापित खतौनी दिखाते हुए उन्हें दफ्तर से जाने को कहा गया।
उन्होंने बताया कि मामला थाना मुसाफिरखाना में बताने पर भी इसे जमीन विवाद बताते हुए कोई कार्यवाही नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय का सहारा लिया।
सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने जगदीशपुर थाना प्रभारी को वाद पंजीकृत कर नियमानुसार जांच शुरू करने का आदेश दिया।
आदेश में कहा गया है कि मामले से जुड़े कूटरचित दस्तावेज तथा कथित धमकी की घटना का परीक्षण कराना आवश्यक है।