{"_id":"5f9c3f828ebc3e9bf3042101","slug":"family-members-refused-funeral-amethi-news-lko547815388","type":"story","status":"publish","title_hn":"परिवारवालों नेे अंतिम संस्कार से किया इन्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परिवारवालों नेे अंतिम संस्कार से किया इन्कार
विज्ञापन
अमेठी। दलित ग्राम प्रधान के पति की हत्या ने शुक्रवार शाम तब नया मोड़ ले लिया जब उसके परिवार ने मृतक के शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। परिवार पर मौके पर मौजूद प्रशासनिक अफसरों के अलावा तमाम लोगों के समझाने बुझाने का कोई असर नहीं दिखा। परिवार वालों का कहना था कि जब तक उनकी पुत्री दिल्ली से नहीं आ जाती वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
बंदोइया की दलित महिला ग्राम प्रधान के पति अर्जुन का शव शुक्रवार शाम चार बजे के बाद गांव पहुंचा। शव के गांव पहुंचने के साथ ही पुलिस व प्रशासनिक अमला अंतिम संस्कार कराने के लिए परिवार वालों से बात शुरू की। पहले परिवार वाले अंतिम संस्कार के लिए तैयार भी हो गए।
परिवार वालों के तैयार होने के बाद अर्जुन का शव दफनाने के लिए कब्र भी खोद दी गई। हालांकि इसी बीच अचानक परिवार के लोग एक बार फिर फूट पड़े।
परिवार वालों ने यह कहते हुए शव को दफनाने से इंकार कर दिया कि जब तक उनकी दिल्ली में रह रही पुत्री पुनीता घर नहीं आ जाती वे किसी को इसकी अनुमति नहीं देंगे। परिवार वालों के यह कहते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
विज्ञापन
मौके पर मौजूद एडीएम वंदिता श्रीवास्तव ने दोबारा परिवार वालों को समझाने की कोशिश शुरू की। उन्होंने परिवर वालों की सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया लेकिन परिवारीजन तैयार नहीं हुए। परिवारीजनों द्वारा अंतिम संस्कार से इंकार करने के बाद प्रशासनिक अमला परेशान है।
विज्ञापन
बंदोइया की दलित महिला ग्राम प्रधान के पति अर्जुन का शव शुक्रवार शाम चार बजे के बाद गांव पहुंचा। शव के गांव पहुंचने के साथ ही पुलिस व प्रशासनिक अमला अंतिम संस्कार कराने के लिए परिवार वालों से बात शुरू की। पहले परिवार वाले अंतिम संस्कार के लिए तैयार भी हो गए।
विज्ञापन
परिवार वालों के तैयार होने के बाद अर्जुन का शव दफनाने के लिए कब्र भी खोद दी गई। हालांकि इसी बीच अचानक परिवार के लोग एक बार फिर फूट पड़े।
परिवार वालों ने यह कहते हुए शव को दफनाने से इंकार कर दिया कि जब तक उनकी दिल्ली में रह रही पुत्री पुनीता घर नहीं आ जाती वे किसी को इसकी अनुमति नहीं देंगे। परिवार वालों के यह कहते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
विज्ञापन
मौके पर मौजूद एडीएम वंदिता श्रीवास्तव ने दोबारा परिवार वालों को समझाने की कोशिश शुरू की। उन्होंने परिवर वालों की सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया लेकिन परिवारीजन तैयार नहीं हुए। परिवारीजनों द्वारा अंतिम संस्कार से इंकार करने के बाद प्रशासनिक अमला परेशान है।