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Amethi News: हादसे में घायल युवक की मौत के बाद प्रदर्शन व हंगामा
Thu, 08 Aug 2024 03:48 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 08 Aug 2024 03:48 AM IST
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बाजारशुकुल सीएचसी के बाहर समझाते एसएचओ
बाजारशुकुल (अमेठी)। थाना क्षेत्र में 14 दिन पूर्व सड़क हादसे में घायल युवक की मौत के बाद बुधवार को परिजनों ने शव को थाने पहुंच कर प्रदर्शन व हंगामा शुरू कर दिया। बाइक को टक्कर मारने वाले वाहन सवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग पर अड़े मृतक के परिजन साढ़े चार घंटे तक थाने पर डटे रहे। एसीओ सहित कई थानों की पुलिस व पीएसी ने पहुंच कर स्थिति संभाली। नामजद एफआईआर दर्ज होने के बाद परिजनों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जाने दिया।
दरअसल बाजार शुकुल थाना क्षेत्र के पूरे पितई गांव बाइक सवार निवासी जमुना प्रसाद (30), उसकी मां श्यामपता व भाई इंद्रराज 24 जुलाई को एक अन्य बाइक ने थाना क्षेत्र के ही पांडेयगंज पाली मार्ग पर टक्कर मार दी थी। हादसे में श्यामपता की मौत हो गई थी, जबकि जमुना व इंद्रराज के साथ ही दूसरी बाइक सवार युवक घायल हो गए थे। हादसे को लेकर श्यामपता के परिजनों ने मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन बुधवार को हादसे में घायल जमुना की उपचार के दौरान कमरौली के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। इसके बाद परिजन उसका शव लेकर दोपहर करीब साढ़े 11 बजे थाने पहुंच गए।
थाने से पुलिस ने शव को पड़ोस स्थित सीएचसी भेज दिया तो परिजनों व ग्रामीणों ने अस्पताल से लेकर थाने तक प्रदर्शन शुरू कर दिया। मांग थी, कि टक्कर मारने वाले बाइक सवार के खिलाफ केस दर्ज किया जाए। पुलिस इन लोगों को समझा रही थी कि केस दर्ज किया गया है, लेकिन परिजन नामजद केस दर्ज कराने की मांग पर अड़े थे।
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ग्रामीणों की भारी तादाद देखकर वहां बाजार शुकुल के अलावा कमरौली, जगदीशपुर पुलिस व एक ट्रक पीएसी बुला ली गई। सीओ मुसाफिरखाना अतुल सिंह भी पहुंचे। परिजनों को समझा कर शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, लेकिन कुछ देर बाद मृतक की पत्नी बच्चों को लेकर थाने पहुंची, बोली, जब तक नामजद की एफआईआर कॉपी नहीं मिलेगी, तब तक वह थाने से नहीं जाएगी।
करीब साढ़े घंटे तक प्रदर्शन व हंगामा चलता रहा। पुलिस ने इसी हादसे में घायल दूसरे बाइक सवार के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया। इसके बाद परिजन माने। नामजद किए गए युवक का भी इलाज चल रहा है। एसओ दयाशंकर मिश्र ने मृतक की पत्नी की तहरीर पर पुराने अज्ञात में दर्ज मुकदमे को तरमीम कर नामजद केस में बदल दिया गया है। तहरीर की प्रति मृतक की पत्नी को दे दी गई है।
पत्नी का रोकर बुरा हाल
जमुना प्रसाद की मौत के बाद पत्नी मालती देवी का रोकर बुरा हाल है। बेटी मानवी व सान्वी और बेटे मनीष के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। बच्चे भी बिलख कर रो रहे हैं। बच्चों को रोता देख मौजूद लोगाें की भी आंखें नम हैं। जमुना की मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट आ गया। बच्चों के परवरिश कैसे होगी यह बड़ी चिंता का विषय है। मृतक खेती-किसानी से परिवार की जीविका चलाता था।
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दरअसल बाजार शुकुल थाना क्षेत्र के पूरे पितई गांव बाइक सवार निवासी जमुना प्रसाद (30), उसकी मां श्यामपता व भाई इंद्रराज 24 जुलाई को एक अन्य बाइक ने थाना क्षेत्र के ही पांडेयगंज पाली मार्ग पर टक्कर मार दी थी। हादसे में श्यामपता की मौत हो गई थी, जबकि जमुना व इंद्रराज के साथ ही दूसरी बाइक सवार युवक घायल हो गए थे। हादसे को लेकर श्यामपता के परिजनों ने मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन बुधवार को हादसे में घायल जमुना की उपचार के दौरान कमरौली के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। इसके बाद परिजन उसका शव लेकर दोपहर करीब साढ़े 11 बजे थाने पहुंच गए।
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थाने से पुलिस ने शव को पड़ोस स्थित सीएचसी भेज दिया तो परिजनों व ग्रामीणों ने अस्पताल से लेकर थाने तक प्रदर्शन शुरू कर दिया। मांग थी, कि टक्कर मारने वाले बाइक सवार के खिलाफ केस दर्ज किया जाए। पुलिस इन लोगों को समझा रही थी कि केस दर्ज किया गया है, लेकिन परिजन नामजद केस दर्ज कराने की मांग पर अड़े थे।
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ग्रामीणों की भारी तादाद देखकर वहां बाजार शुकुल के अलावा कमरौली, जगदीशपुर पुलिस व एक ट्रक पीएसी बुला ली गई। सीओ मुसाफिरखाना अतुल सिंह भी पहुंचे। परिजनों को समझा कर शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, लेकिन कुछ देर बाद मृतक की पत्नी बच्चों को लेकर थाने पहुंची, बोली, जब तक नामजद की एफआईआर कॉपी नहीं मिलेगी, तब तक वह थाने से नहीं जाएगी।
करीब साढ़े घंटे तक प्रदर्शन व हंगामा चलता रहा। पुलिस ने इसी हादसे में घायल दूसरे बाइक सवार के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया। इसके बाद परिजन माने। नामजद किए गए युवक का भी इलाज चल रहा है। एसओ दयाशंकर मिश्र ने मृतक की पत्नी की तहरीर पर पुराने अज्ञात में दर्ज मुकदमे को तरमीम कर नामजद केस में बदल दिया गया है। तहरीर की प्रति मृतक की पत्नी को दे दी गई है।
पत्नी का रोकर बुरा हाल
जमुना प्रसाद की मौत के बाद पत्नी मालती देवी का रोकर बुरा हाल है। बेटी मानवी व सान्वी और बेटे मनीष के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। बच्चे भी बिलख कर रो रहे हैं। बच्चों को रोता देख मौजूद लोगाें की भी आंखें नम हैं। जमुना की मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट आ गया। बच्चों के परवरिश कैसे होगी यह बड़ी चिंता का विषय है। मृतक खेती-किसानी से परिवार की जीविका चलाता था।