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Amethi News: मकर संक्रांति पर उल्लास, स्नान ध्यान के साथ आज करेंगे दान
Thu, 15 Jan 2026 12:00 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 15 Jan 2026 12:00 AM IST
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अमेठी। मकर संक्रांति पर्व बृहस्पतिवार को मनाया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालु स्नान ध्यान के बाद दान पुण्य करेंगे। पर्व के एक दिन पहले बुधवार को बाजारों में लाई-चूड़ा, तिलवा, पट्टी आदि सामानों की लोगों ने जमकर खरीदारी की। खिचड़ी बनाने की परंपरा से शाम होते सब्जी की दुकानों पर भी भीड़ रही। पतंग की दुकानों पर मांझा व बड़ी छोटी पतंगे खरीदने के लिए भी सुबह से लेकर शाम तक युवाओं की भीड़ रही।
मकर संक्रांति पर्व पर तिल से बनी वस्तुओं को दान देने का विशेष महत्व है। बाजार में तिल से बनी सामग्री की खरीदारी करने के लिए सुबह से लेकर देर शाम तक लोगों की भीड़ जुटी दिखी। दान देने के लिए लोगों ऊनी वस्त्र, चावल, दाल आदि की भी खरीदारी की। पंडित आशुतोष पांडेय ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार मकर संक्रांति पर तिल, गुड़, तिल का तेल, जौ और ऊनी वस्त्र का दान विशेष पुण्यदायी माना गया है। तिल-गुड़ का दान करने से शनि दोष का शमन होता है।
स्वास्थ्य लाभ मिलता है और आर्थिक सुख की प्राप्ति होती है। 15 जनवरी को उदया तिथि मानी जाएगी। इस दिन सूर्य उदय के साथ संक्रांति पर्व का विधिवत पालन किया जाएगा। 15 जनवरी को श्रद्धालु चावल और खिचड़ी का दान कर सकते हैं। इस दिन दान-पुण्य का पुण्यकाल दोपहर 1.32 बजे तक रहेगा।
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मकर संक्रांति से एक दिन पूर्व बुधवार को शहर के गंगागंज मोहल्ले में पतंग की दुकानों पर सुबह से ही जबरदस्त भीड़ उमड़ पड़ी। पतंग और मांझे की जमकर खरीदारी हुई। दुकानदारों को भीड़ संभालने में मशक्कत करनी पड़ी।गंगागंज स्थित जायसवाल पतंग पैलेस के दुकानदार सुनील जायसवाल ने बताया कि बच्चे मकर संक्रांति के एक सप्ताह पहले से ही पतंग उड़ाने लगे हैं। उन्होंने कहा कि पहले अमेठी में गिने-चुने लोग ही पतंग उड़ाते थे, लेकिन अब बड़ी संख्या में लोग पूरे साल पतंग उड़ाते हैं।
इस बार मकर संक्रांति को लेकर पतंगों की बिक्री उम्मीद से कहीं अधिक रही। गंगागंज के ही एक अन्य दुकानदार संतोष ने बताया इस बार बच्चों के साथ-साथ युवाओं में भी पतंगों को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। दिनभर दुकान पर भीड़ लगी रही। पतंग खरीदने आए बच्चों में खासा उत्साह दिखा। कक्षा आठ के छात्र अंकित यादव ने बताया कि मोबाइल से ज्यादा मजा अब छत पर पतंग उड़ाने में आ रहा है। वहीं कक्षा सात की छात्रा अनन्या सिंह ने कहा रंग-बिरंगी डिजाइनर पतंगें बहुत अच्छी लगती हैं। इस बार हमने पूरे परिवार के लिए पतंग खरीदी है।
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मकर संक्रांति पर्व पर तिल से बनी वस्तुओं को दान देने का विशेष महत्व है। बाजार में तिल से बनी सामग्री की खरीदारी करने के लिए सुबह से लेकर देर शाम तक लोगों की भीड़ जुटी दिखी। दान देने के लिए लोगों ऊनी वस्त्र, चावल, दाल आदि की भी खरीदारी की। पंडित आशुतोष पांडेय ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार मकर संक्रांति पर तिल, गुड़, तिल का तेल, जौ और ऊनी वस्त्र का दान विशेष पुण्यदायी माना गया है। तिल-गुड़ का दान करने से शनि दोष का शमन होता है।
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स्वास्थ्य लाभ मिलता है और आर्थिक सुख की प्राप्ति होती है। 15 जनवरी को उदया तिथि मानी जाएगी। इस दिन सूर्य उदय के साथ संक्रांति पर्व का विधिवत पालन किया जाएगा। 15 जनवरी को श्रद्धालु चावल और खिचड़ी का दान कर सकते हैं। इस दिन दान-पुण्य का पुण्यकाल दोपहर 1.32 बजे तक रहेगा।
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मकर संक्रांति से एक दिन पूर्व बुधवार को शहर के गंगागंज मोहल्ले में पतंग की दुकानों पर सुबह से ही जबरदस्त भीड़ उमड़ पड़ी। पतंग और मांझे की जमकर खरीदारी हुई। दुकानदारों को भीड़ संभालने में मशक्कत करनी पड़ी।गंगागंज स्थित जायसवाल पतंग पैलेस के दुकानदार सुनील जायसवाल ने बताया कि बच्चे मकर संक्रांति के एक सप्ताह पहले से ही पतंग उड़ाने लगे हैं। उन्होंने कहा कि पहले अमेठी में गिने-चुने लोग ही पतंग उड़ाते थे, लेकिन अब बड़ी संख्या में लोग पूरे साल पतंग उड़ाते हैं।
इस बार मकर संक्रांति को लेकर पतंगों की बिक्री उम्मीद से कहीं अधिक रही। गंगागंज के ही एक अन्य दुकानदार संतोष ने बताया इस बार बच्चों के साथ-साथ युवाओं में भी पतंगों को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। दिनभर दुकान पर भीड़ लगी रही। पतंग खरीदने आए बच्चों में खासा उत्साह दिखा। कक्षा आठ के छात्र अंकित यादव ने बताया कि मोबाइल से ज्यादा मजा अब छत पर पतंग उड़ाने में आ रहा है। वहीं कक्षा सात की छात्रा अनन्या सिंह ने कहा रंग-बिरंगी डिजाइनर पतंगें बहुत अच्छी लगती हैं। इस बार हमने पूरे परिवार के लिए पतंग खरीदी है।