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Amethi News: गबन के मामले में प्रधान व सचिव पर केस दर्ज

Mon, 02 Dec 2024 01:05 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी Updated Mon, 02 Dec 2024 01:05 AM IST
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Case registered against Principal and Secretary in embezzlement case
भादर (अमेठी)। भादर ब्लॉक की ग्राम पंचायत मोचवा की प्रधान व सचिव पर लाखों रुपये सरकारी धन गबन के आरोप में एडीओ पंचायत की तहरीर पर आखिरकार पुलिस ने शनिवार की रात मुकदमा दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि पुलिस कार्रवाई करने में देरी कर रही है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने के बाद केस दर्ज कर लिया गया है। जांच की जा रही है।
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भादर ब्लाॅक की ग्राम पंचायत मोचवा निवासी विनय कुमार तिवारी ने 22 जून को निदेशक पंचायतीराज को शपथ पत्र के साथ शिकायती पत्र देकर बीते 10 वर्षों में ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया था। इसके बाद निदेशक पंचायतीराज के निर्देश पर डीएम ने संयुक्त जांच समिति गठित कर मामले की जांच करवाई। 10 अक्तूबर को संयुक्त जांच समिति ने अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को दी। रिपोर्ट में 34 लाख रुपये से अधिक के सरकारी धन गबन की पुष्टि हुई।
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रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम निशा अनंत ने डीपीआरओ मनोज त्यागी को केस दर्ज करवाते हुए रिपोर्ट मांगी। डीपीआरओ के निर्देश पर एडीओ पंचायत गुलाब चंद्र ने पीपरपुर थाने में तहरीर दी थी, लेकिन शिकायतकर्ता ने पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने में आनाकानी करने का आरोप लगाया था। इसी सिलसिले में आखिरकार पुलिस ने ग्राम प्रधान व सचिव के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। एसएचओ पीपरपुर रामराज कुशवाहा ने बताया कि एडीओ पंचायत गुलाब चंद्र की तहरीर पर तत्कालीन व वर्तमान ग्राम प्रधान किरन देवी के साथ ही लालकुंवर बहादुर सिंह को छोड़कर उस अवधि में कार्यरत अन्य पंचायत सचिवों के विरुद्ध गबन का मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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ग्राम प्रधान पर इन आरोपों की हुई पुष्टि
एडीओ पंचायत की ओर से दी गई तहरीर में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत ग्राम पंचायत के 125 लाभार्थियों को नियम विरुद्ध शौचालय का लाभ देने का आरोप लगाया गया। साथ ही यह आरोप भी लगाया कि 384 व्यक्तिगत शौचालयों में से 98 लाभार्थियों के नाम बेसलाइन सर्वे की सूची में शामिल नहीं किए गए। आरोप है कि विभिन्न तिथियों में ग्राम प्रधान के पति रामयज्ञ मौर्य ने अपने नाम से 19 लाख 30 हजार, प्रधान के देवर रामअचल के नाम से नौ लाख 57 हजार, प्रधान किरन मौर्य के नाम एक लाख 20 हजार, उनके भांजे अमित मौर्य के नाम तीन लाख 36 हजार रुपये का आहरण कर लिया गया। हैंडपंप मरम्मत, रीबोर, इंटरलाॅकिंग कार्य का अभिलेख भी प्रस्तुत नहीं किया गया। 18 सोलर लाइट व स्ट्रीट लाइट पर यूपी नेडा द्वारा निर्धारित दर 21400 रुपये के स्थान पर 25000 रुपये का भुगतान कर 64800 रुपये का गबन कर लिया गया। ग्राम पंचायत सचिव लालकुंवर बहादुर सिंह को छोड़कर अन्य पंचायत सचिवों पर अभिलेखों का चार्ज हस्तगत न करने का आरोप है।
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