{"_id":"69557cce2e3cfeb95e0e3440","slug":"bypass-construction-affected-due-to-farmers-protest-amethi-news-c-96-1-ame1022-155572-2026-01-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: किसानों के विरोध से बाईपास निर्माण प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: किसानों के विरोध से बाईपास निर्माण प्रभावित
Thu, 01 Jan 2026 01:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 01 Jan 2026 01:13 AM IST
विज्ञापन
अमेठी। प्रतापगढ़-अमेठी-गौरीगंज-मुसाफिरखाना हाईवे (एनएच-931) के चौड़ीकरण के तहत ठेंगहा गांव में प्रस्तावित बाईपास का निर्माण कार्यदायी संस्था ने शुरू कराया है। मुआवजे के भुगतान को लेकर कई स्थानों पर किसानों के विरोध के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है। बुधवार को एनएचएआई के अधिकारियों ने किसानों से वार्ता करके उन्हें जल्द मुआवजा दिलाने का आश्वासन भी दिया, लेकिन बात नहीं बनी।
ठेंगहा गांव के रतिपाल मिश्र, करुणेश चंद मिश्र, संतोष सिंह, ओमप्रकाश तिवारी, शिवप्रकाश तिवारी, सुमन मिश्र, कुलदीप तिवारी आदि ने बताया कि भूमि अधिग्रहण के बाद मुआवजा नहीं मिला है। बिना मुआवजा दिए उनकी जमीन पर जबरन निर्माण कराया जा रहा है जो अनुचित है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल मुआवजे के भुगतान और गलत नपत को सुधार कर पुनर्मापन कराने की मांग की है।
बुधवार को हाईवे परियोजना के एजीएम शिवकुमार पाठक और प्रोजेक्ट मैनेजर सुभाष सिंह मौके पर पहुंचे और विरोध कर रहे किसानों से वार्ता की। अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया कि मुआवजे से संबंधित सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा। प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि निर्माण न होने से नुकसान हो रहा है। कंपनी की मशीनें एक महीने से खड़ी हैं। वहीं किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक मुआवजे की राशि उनके खातों में नहीं पहुंच जाती, तब तक वे विरोध जारी रखेंगे और निर्माण नहीं होने देंगे।
विज्ञापन
तहसील प्रशासन पर विवाद खड़ा करने का आरोप
किसान हनुमान ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण का गजट वर्ष 2023 में जारी किया गया। इसके बावजूद हाल ही में तहसील प्रशासन की तरफ से चक का बंटवारा दायर कर दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब खेत में सभी हिस्सेदारों का शेयर बराबर है तो मुआवजा भी सभी को बराबर मिलना चाहिए। हनुमान का कहना है कि गजट जारी होने के बाद किस आधार पर बंटवारा दायर किया गया, यह समझ से परे है और इसी प्रक्रिया ने पूरे मामले में अनावश्यक विवाद खड़ा कर दिया है।
विज्ञापन
ठेंगहा गांव के रतिपाल मिश्र, करुणेश चंद मिश्र, संतोष सिंह, ओमप्रकाश तिवारी, शिवप्रकाश तिवारी, सुमन मिश्र, कुलदीप तिवारी आदि ने बताया कि भूमि अधिग्रहण के बाद मुआवजा नहीं मिला है। बिना मुआवजा दिए उनकी जमीन पर जबरन निर्माण कराया जा रहा है जो अनुचित है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल मुआवजे के भुगतान और गलत नपत को सुधार कर पुनर्मापन कराने की मांग की है।
विज्ञापन
बुधवार को हाईवे परियोजना के एजीएम शिवकुमार पाठक और प्रोजेक्ट मैनेजर सुभाष सिंह मौके पर पहुंचे और विरोध कर रहे किसानों से वार्ता की। अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया कि मुआवजे से संबंधित सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा। प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि निर्माण न होने से नुकसान हो रहा है। कंपनी की मशीनें एक महीने से खड़ी हैं। वहीं किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक मुआवजे की राशि उनके खातों में नहीं पहुंच जाती, तब तक वे विरोध जारी रखेंगे और निर्माण नहीं होने देंगे।
विज्ञापन
तहसील प्रशासन पर विवाद खड़ा करने का आरोप
किसान हनुमान ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण का गजट वर्ष 2023 में जारी किया गया। इसके बावजूद हाल ही में तहसील प्रशासन की तरफ से चक का बंटवारा दायर कर दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब खेत में सभी हिस्सेदारों का शेयर बराबर है तो मुआवजा भी सभी को बराबर मिलना चाहिए। हनुमान का कहना है कि गजट जारी होने के बाद किस आधार पर बंटवारा दायर किया गया, यह समझ से परे है और इसी प्रक्रिया ने पूरे मामले में अनावश्यक विवाद खड़ा कर दिया है।