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Amethi News: भैया... घर में बच्चे भूखे हैं, एक सिलिंडर दिला दो
Sun, 05 Apr 2026 12:45 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 05 Apr 2026 12:45 AM IST
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अमेठी में दुर्गापुर रोड के पास गोदाम से सिलिंडर लेने के इंतजार में बैठे उपभोक्ता व बच्चे। -संवा
अमेठी। भैया एक सिलिंडर दिला दो, घर में बच्चे भूखे हैं, यह गुहार रामनगर की पुष्पा ने लगाई, जो शनिवार सुबह चार बजे से गैस सिलिंडर के लिए एजेंसी के बाहर लगी कतार में खड़ी थीं। दोपहर 12 बजे तक जब वितरण के लिए सिलिंडरों की गाड़ी नहीं पहुंची तो परेशान महिला एक खाली सिलिंडर वाली गाड़ी के ड्राइवर के पास पहुंची और हाथ जोड़कर बच्चों के भूखे होने की दुहाई देते हुए एक अदद सिलिंडर दिलवाने की गुहार लगाने लगी। महिला की यह बेबसी देख वहां मौजूद अन्य लोग भावुक हो उठे।
अमेठी शहर में घरेलू गैस सिलिंडर की किल्लत थमने का नाम नहीं ले रही है। एक अप्रैल से लगातार दुर्गापुर सड़क स्थित गोदाम के पास सुबह से ही बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष कतार में खड़े हो रहे हैं। तेज धूप में महिलाएं सड़क किनारे बैठकर अपने नंबर का इंतजार करने को विवश हैं। छोटे बच्चों को घर पर छोड़कर या साथ लेकर घंटों लाइन में खड़ा रहना उनकी मजबूरी बना है।
कस्तूरीपुर की मनोरमा ने बताया कि वह पिछले पांच दिनों से सिलिंडर के लिए एजेंसी तक की दौड़ लगा रही हैं। हर दिन सुबह आकर लाइन में लगने के बावजूद जब तक नंबर आता है, सप्लाई के सिलिंडर खत्म हो जाते हैं। गंगागंज की शबाना ने बताया कि पति बाहर काम करते हैं। घर की जिम्मेदारी उन्ही पर है। गैस सिलिंडर न मिलने के कारण उन्हें लकड़ी पर खाना बनाना पड़ रहा है।
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अमेठी शहर में घरेलू गैस सिलिंडर की किल्लत थमने का नाम नहीं ले रही है। एक अप्रैल से लगातार दुर्गापुर सड़क स्थित गोदाम के पास सुबह से ही बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष कतार में खड़े हो रहे हैं। तेज धूप में महिलाएं सड़क किनारे बैठकर अपने नंबर का इंतजार करने को विवश हैं। छोटे बच्चों को घर पर छोड़कर या साथ लेकर घंटों लाइन में खड़ा रहना उनकी मजबूरी बना है।
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कस्तूरीपुर की मनोरमा ने बताया कि वह पिछले पांच दिनों से सिलिंडर के लिए एजेंसी तक की दौड़ लगा रही हैं। हर दिन सुबह आकर लाइन में लगने के बावजूद जब तक नंबर आता है, सप्लाई के सिलिंडर खत्म हो जाते हैं। गंगागंज की शबाना ने बताया कि पति बाहर काम करते हैं। घर की जिम्मेदारी उन्ही पर है। गैस सिलिंडर न मिलने के कारण उन्हें लकड़ी पर खाना बनाना पड़ रहा है।
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