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Amethi News: शहर से गांव तक रोशनी से नहाए
Thu, 31 Oct 2024 01:57 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 31 Oct 2024 01:57 AM IST
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गौरीगंज शहर में दीपावली के उपलक्ष्य में सजी मंदिर।
अमेठी सिटी। दीपावली की पूर्व संध्या पर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र रोशनी से नहा उठा। बीच-बीच में आतिशबाजी से आसमान का नजारा लोगों को आनंदित करता रहा। देर रात तक दूसरे प्रदेश व जिलों से लोगों का घर पहुंचने का सिलसिला चलता रहा। बृहस्पतिवार को पूरे जिले में दीपावली का त्योहार हर्षोंल्लास से मनाया जाएगा।
गौरीपुर निवासी पं. कपिल देव मिश्रा ने बताया कि दीप उत्सव इस बार पांच के बजाए छह दिनों का होगा। दीपावली पर बृहस्पतिवार का संयोग होने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बरसेगी। कार्तिक मास की त्रयोदशी (धनतेरस) से दीप उत्सव शुरू होता है और पांचवें दिन भाई दूज को समाप्त होता है। इस दौरान विभिन्न अनुष्ठानों का पालन किया जाता है और देवी लक्ष्मी के साथ कई अन्य देवी-देवताओं की पूजा की जाती है।
धनतेरस को नई वस्तुएं खासकर सोना और चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। नरक चतुर्दशी के दिन यम दीपक जलाया जाता है। अमावस्या को दीपावली मनाई जाती है। इसके बाद गोवर्धन पूजा और भाई दूज तक पर्व मनाया जाता है। अमावस्या तिथि 31 अक्तूबर से दोपहर 3:12 से एक नवंबर शाम 5:13 बजे तक रहेगी। दिवाली का पर्व 31 अक्तूबर को मनाया जाएगा।
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गोवर्धन पूजा दो और भाई दूज तीन नवंबर को
गोवर्धन पूजा दो नवंबर को होगी। पूजा का मुहूर्त सुबह सुबह 6:33 से 8:45 बजे तक और अपराह्न 3:22 बजे से शाम 5:34 बजे तक रहेगा। भाई दूज का पर्व तीन नवंबर को मनाया जाएगा। इसका शुभ मुहूर्त दोपहर 1:10 बजे से 3:21 बजे तक रहेगा।
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गौरीपुर निवासी पं. कपिल देव मिश्रा ने बताया कि दीप उत्सव इस बार पांच के बजाए छह दिनों का होगा। दीपावली पर बृहस्पतिवार का संयोग होने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बरसेगी। कार्तिक मास की त्रयोदशी (धनतेरस) से दीप उत्सव शुरू होता है और पांचवें दिन भाई दूज को समाप्त होता है। इस दौरान विभिन्न अनुष्ठानों का पालन किया जाता है और देवी लक्ष्मी के साथ कई अन्य देवी-देवताओं की पूजा की जाती है।
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धनतेरस को नई वस्तुएं खासकर सोना और चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। नरक चतुर्दशी के दिन यम दीपक जलाया जाता है। अमावस्या को दीपावली मनाई जाती है। इसके बाद गोवर्धन पूजा और भाई दूज तक पर्व मनाया जाता है। अमावस्या तिथि 31 अक्तूबर से दोपहर 3:12 से एक नवंबर शाम 5:13 बजे तक रहेगी। दिवाली का पर्व 31 अक्तूबर को मनाया जाएगा।
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गोवर्धन पूजा दो और भाई दूज तीन नवंबर को
गोवर्धन पूजा दो नवंबर को होगी। पूजा का मुहूर्त सुबह सुबह 6:33 से 8:45 बजे तक और अपराह्न 3:22 बजे से शाम 5:34 बजे तक रहेगा। भाई दूज का पर्व तीन नवंबर को मनाया जाएगा। इसका शुभ मुहूर्त दोपहर 1:10 बजे से 3:21 बजे तक रहेगा।