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मजदूरों ने एडीओ पंचायत व सचिव को बनाया बंधक
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गौरीगंज (अमेठी)। वृहद गो-संरक्षण केंद्र का निरीक्षण करने गए एडीएम पंचायत व पंचायत सचिव को 13 माह से मानदेय नहीं मिलने से नाराज दैनिक मजदूरों ने शुक्रवार को बंधक बना लिया। सूचना मिलने पर खंड विकास अधिकारी स्थानीय पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और मजदूरों को समझा-बुझाकर बंधक बनाए गए कर्मियों को छुड़ाकर वापस ले गए।
शासन के निर्देश पर छुट्टा मवेशियों को संरक्षित करने के लिए मुसाफिरखाना के नेवादा में वृहद गो-संरक्षण केंद्र संचालित किया जा रहा है। केंद्र पर 261 गो-वंशों की देखरेख के लिए 13 दैनिक मजदूर रखे गए हैं। मजदूरों को मनरेगा योजना के तहत 201 रुपये प्रति दिन की मजदूरी पर रखा गया है।
मजदूरों के अनुसार पिछले 13 माह से उन्हें मजदूरी नहीं मिली है। शुक्रवार को एडीओ पंचायत गांव के पंचायत सचिव के साथ केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे। मजदूरी नहीं मिलने से नाराज मजदूरों ने दोनों को केंद्र के भीतर बंधक बना लिया। एडीओ पंचायत की ओर से बकाया मजदूरी मिलने का आश्वासन देने के बावजूद मजदूर उन्हें छोड़ने को राजी नहीं हुए।
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एडीओ पंचायत ने पूरे प्रकरण की सूचना खंड विकास अधिकारी को दी। सूचना पर बीडीओ स्थानीय पुलिस को साथ लेकर गो-संरक्षण केंद्र पहुंचे। मजदूरों को बकाया मजदूरी का अविलंब भुगतान करने के साथ ही प्रकरण की जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद मजदूरों ने बंधक कर्मचारियों को छोड़ा। इसके बाद बीडीओ उन्हें लेकर वापस आए।
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शासन के निर्देश पर छुट्टा मवेशियों को संरक्षित करने के लिए मुसाफिरखाना के नेवादा में वृहद गो-संरक्षण केंद्र संचालित किया जा रहा है। केंद्र पर 261 गो-वंशों की देखरेख के लिए 13 दैनिक मजदूर रखे गए हैं। मजदूरों को मनरेगा योजना के तहत 201 रुपये प्रति दिन की मजदूरी पर रखा गया है।
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मजदूरों के अनुसार पिछले 13 माह से उन्हें मजदूरी नहीं मिली है। शुक्रवार को एडीओ पंचायत गांव के पंचायत सचिव के साथ केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे। मजदूरी नहीं मिलने से नाराज मजदूरों ने दोनों को केंद्र के भीतर बंधक बना लिया। एडीओ पंचायत की ओर से बकाया मजदूरी मिलने का आश्वासन देने के बावजूद मजदूर उन्हें छोड़ने को राजी नहीं हुए।
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एडीओ पंचायत ने पूरे प्रकरण की सूचना खंड विकास अधिकारी को दी। सूचना पर बीडीओ स्थानीय पुलिस को साथ लेकर गो-संरक्षण केंद्र पहुंचे। मजदूरों को बकाया मजदूरी का अविलंब भुगतान करने के साथ ही प्रकरण की जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद मजदूरों ने बंधक कर्मचारियों को छोड़ा। इसके बाद बीडीओ उन्हें लेकर वापस आए।