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अब आधार कार्ड बनाने के लिए बंटेगा टोकन
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अमेठी। आधार कार्ड बनवाने के लिए इन दिनों नामित बैंक शाखाओं व डाकघरों पर सुबह से ही लंबी कतार लग रही है। भीड़ को देखते हुए अमेठी डाकघर पर अब टोकन वितरित किया जा रहा है। डाकघर पर शुरूआती दौर से ही अव्यवस्था का बोलबाला है।
आधार कार्ड बनवाने के लिए शासन की ओर से बैंक शाखाओं व डाकघरों को नामित करने के बाद लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पहले कंप्यूटर सेंटर व सीएचसी केंद्रों पर आधार कार्ड बनवाने के लिए लोगों को कतार में लगने व नंबर लगाने की जहमत नहीं उठानी पड़ती थी। जब से बैंक शाखा व डाकघरों पर आधार कार्ड बनने लगा तब से लोग कई दिनों तक इन शाखाओं का चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
इन शाखाओं पर इसके लिए एक काउंटर बनाया गया है। वह भी नियमित संचालित नहीं हो पाता। बैंक व डाकघरों में कर्मी की कमी होने पर पहले अपना काम संचालित कराया जाता है बाद में आधार का। यही नहीं आए दिन सर्वर फेल होने की बात कहकर लोगों को वापस कर दिया जाता है। इससे खराब स्थिति तो डाकघर अमेठी की ही है।
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यहां पिछले कई माह से सर्वर खराब होने की बात कहकर लोगों को लगातार वापस किया जा रहा है। डाकघर पर तो भीड़ इस कदर एकत्र होती है कि कोविड-19 के नियमों के खुलेआम धज्जियां उड़ती देखी जा सकती हैं। हर रोज बढ़ती भीड़ और उसके अनुपात में आधार बनने की संख्या को देखते हुए पोस्टमास्टर आरएन पांडेय ने अब टोकन की व्यवस्था बनाई है। बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यह व्यवस्था बनाई जा रही है। टोकन में आवेदक को डाकघर आने के लिए दिन व समय दिया जाएगा।
डाकघर में प्रतिदिन 25 आवेदकों को टोकन जारी किया जाएगा। इसी तरह से सप्ताह मे छह दिन के लिए प्रतिदिन के हिसाब से 25 टोकन पुलिस की मौजूदगी में वितरित होंगे। आवेदक निर्धारित तिथि पर प्रधान डाकघर में बने काउंटर पर अपना आधार कार्ड बनवाएंगे। गौरतलब होगा कि प्रधान डाकघर में आधार कार्ड बनाने की दो मशीनें लगी हैं लेकिन कर्मियों के अभाव में सिर्फ एक ही मशीन संचालित हो रही है।
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आधार कार्ड बनवाने के लिए शासन की ओर से बैंक शाखाओं व डाकघरों को नामित करने के बाद लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पहले कंप्यूटर सेंटर व सीएचसी केंद्रों पर आधार कार्ड बनवाने के लिए लोगों को कतार में लगने व नंबर लगाने की जहमत नहीं उठानी पड़ती थी। जब से बैंक शाखा व डाकघरों पर आधार कार्ड बनने लगा तब से लोग कई दिनों तक इन शाखाओं का चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
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इन शाखाओं पर इसके लिए एक काउंटर बनाया गया है। वह भी नियमित संचालित नहीं हो पाता। बैंक व डाकघरों में कर्मी की कमी होने पर पहले अपना काम संचालित कराया जाता है बाद में आधार का। यही नहीं आए दिन सर्वर फेल होने की बात कहकर लोगों को वापस कर दिया जाता है। इससे खराब स्थिति तो डाकघर अमेठी की ही है।
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यहां पिछले कई माह से सर्वर खराब होने की बात कहकर लोगों को लगातार वापस किया जा रहा है। डाकघर पर तो भीड़ इस कदर एकत्र होती है कि कोविड-19 के नियमों के खुलेआम धज्जियां उड़ती देखी जा सकती हैं। हर रोज बढ़ती भीड़ और उसके अनुपात में आधार बनने की संख्या को देखते हुए पोस्टमास्टर आरएन पांडेय ने अब टोकन की व्यवस्था बनाई है। बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यह व्यवस्था बनाई जा रही है। टोकन में आवेदक को डाकघर आने के लिए दिन व समय दिया जाएगा।
डाकघर में प्रतिदिन 25 आवेदकों को टोकन जारी किया जाएगा। इसी तरह से सप्ताह मे छह दिन के लिए प्रतिदिन के हिसाब से 25 टोकन पुलिस की मौजूदगी में वितरित होंगे। आवेदक निर्धारित तिथि पर प्रधान डाकघर में बने काउंटर पर अपना आधार कार्ड बनवाएंगे। गौरतलब होगा कि प्रधान डाकघर में आधार कार्ड बनाने की दो मशीनें लगी हैं लेकिन कर्मियों के अभाव में सिर्फ एक ही मशीन संचालित हो रही है।