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Amethi News: दूध का भरपूर उत्पादन, फिर भी मिला रहे पानी
Sat, 01 Jun 2024 01:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 01 Jun 2024 01:21 AM IST
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अमेठी सिटी। आज विश्व दुग्ध दिवस है। जिले में दूध का उत्पादन करीब एक लाख लीटर रोज का है, फिर भी लोगों के घरों में पहुंचने वाले दूध में पानी की मिलावट हो रही है। स्थिति यह है कि खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से साल भर में दूध के 28 सैंपल भरे गए, जिसमें से 20 में पानी की मिलावट पाई गई। जबकि, न्यायालय के चार फैसलों में दूध बेचने वालों पर 10 से 20 हजार रुपये तक जुर्माना लगाने की कार्रवाई की गई है।
दुग्ध उत्पादन को जिले से बाहर भी भेजा जा रहा है। जबकि घर-घर तक दूध पहुंचाने वालों पर ही लोग ज्यादा भरोसा कर रहे हैं। नतीजा है कि दूध बेचने वाले पानी की मिलावट भी खूब कर रहे हैं। जिले के मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी निर्भय नारायण सिन्हा ने बताया कि एक अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 तक कुल 28 दूध के नमूने जांच के लिए भेजे गए। रिपोर्ट में 20 अधोमानक पाए गए हैं।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि दूध में पानी मिला देने से उसमें फैट व एसएनएफ की मात्रा कम हो जाती है। जिससे वह कम स्वास्थ्यवर्धक हो जाता है।
जिले में दुग्ध उत्पादन की स्थिति
अमेठी जिले के क्षेत्रीय दुग्ध निरीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में दुग्ध व दुग्ध पदार्थ से बने उत्पादों की मांग बढ़ गई है। जिले में 177 पराग की सहकारी दुग्ध समितियां सक्रिय हैं। जिले के अमेठी, संग्रामपुर, भादर, भेटुआ व मुसाफिरखाना में सक्रिय हैं। जबकि अन्य आठ विकासखंडों में अभी तक पराग की ओर से कार्य नहीं किया जा रहा है।
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जिले में पराग की ओर से एक दिन में औसतन चार हजार लीटर दुग्ध उत्पादन हो रहा है। लेकिन यदि अमूल सहित अन्य डेयरी व स्थानीय डेयरी, दूध बिक्री करने वालों को जोड़ा जाए तो पूरे जिले में करीब एक लाख लीटर रोज का उत्पादन हो रहा है। गर्मी अधिक होने से दूध का उत्पादन घट गया है। मौसम परिवर्तन के बाद दूध उत्पादन में सुधार आएगा।
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दुग्ध उत्पादन को जिले से बाहर भी भेजा जा रहा है। जबकि घर-घर तक दूध पहुंचाने वालों पर ही लोग ज्यादा भरोसा कर रहे हैं। नतीजा है कि दूध बेचने वाले पानी की मिलावट भी खूब कर रहे हैं। जिले के मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी निर्भय नारायण सिन्हा ने बताया कि एक अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 तक कुल 28 दूध के नमूने जांच के लिए भेजे गए। रिपोर्ट में 20 अधोमानक पाए गए हैं।
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मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि दूध में पानी मिला देने से उसमें फैट व एसएनएफ की मात्रा कम हो जाती है। जिससे वह कम स्वास्थ्यवर्धक हो जाता है।
जिले में दुग्ध उत्पादन की स्थिति
अमेठी जिले के क्षेत्रीय दुग्ध निरीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में दुग्ध व दुग्ध पदार्थ से बने उत्पादों की मांग बढ़ गई है। जिले में 177 पराग की सहकारी दुग्ध समितियां सक्रिय हैं। जिले के अमेठी, संग्रामपुर, भादर, भेटुआ व मुसाफिरखाना में सक्रिय हैं। जबकि अन्य आठ विकासखंडों में अभी तक पराग की ओर से कार्य नहीं किया जा रहा है।
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जिले में पराग की ओर से एक दिन में औसतन चार हजार लीटर दुग्ध उत्पादन हो रहा है। लेकिन यदि अमूल सहित अन्य डेयरी व स्थानीय डेयरी, दूध बिक्री करने वालों को जोड़ा जाए तो पूरे जिले में करीब एक लाख लीटर रोज का उत्पादन हो रहा है। गर्मी अधिक होने से दूध का उत्पादन घट गया है। मौसम परिवर्तन के बाद दूध उत्पादन में सुधार आएगा।