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डिफाल्टर घोषित हुए 700 पटरी दुकानदार

Wed, 22 Jun 2022 11:54 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jun 2022 11:54 PM IST
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700 shopkeepers declared defaulters
गौरीगंज (अमेठी)। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत जिले के चारों नगर निकायों के 1843 पटरी दुकानदारों को 10 हजार रुपये का ऋण बिना गारंटी के डूडा ने दिलवाया था। इनमें से 700 दुकानदार ऋण की किस्त नहीं जमा कर रहे हैं। इन्हें बैंक ने डिफाल्टर घोषित कर दिया है। इन्होंने अगर जल्द भुगतान नहीं किया तो ये बैंक की अन्य योजनाओं से वंचित हो सकते हैं।
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कोरोना महामारी में लॉकडाउन लगने से पटरी दुकानदारों की कमर टूट गई थी। इनका परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच गया था। कोरोना का प्रभाव कम होने पर लॉकडाउन हटाया गया लेकिन इनके पास व्यवसाय करने के लिए धन का संकट था। इनकी समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना शुरू की। इसके तहत पटरी दुकानदारों को बिना गारंटी के 10 हजार रुपये का ऋण बैंकों से दिलाया गया ताकि इनका व्यवसाय फिर से स्थापित हो सके।
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जिले की नगर पालिका परिषद गौरीगंज, जायस, नगर पंचायत मुसाफिरखाना व अमेठी के 1,843 पटरी दुकानदारों को पीएम स्वनिधि योजना के लिए चयनित किया गया। जिला नगरीय विकास अभिकरण कार्यालय ने पटरी दुकानदारों से आवेदन लेकर बिना गारंटी के विभिन्न बैंकों से 10 हजार रुपये का ऋण 12 महीने के लिए दिलाया।
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ऋण मिलने के बाद से 797 पटरी दुकानदार ऐसे हैं जिन्होंने लगातार किस्त जमा किया है लेकिन 700 पटरी दुकानदार ऐसे हैं जिन्होंने योजना के तहत 10 हजार रुपये का ऋण तो लिया लेकिन किस्त जमा नहीं की। किसी ने एक भी किस्त नहीं जमा की तो किसी ने एक या दो किस्तें जमा करने के बाद बंद कर दी जिसके चलते बैंक ने उन्हें डिफाल्टर घोषित कर दिया है।
स्वनिधि योजना से लाभान्वित 1843 में से 797 पटरी दुकानदारों ने 10 हजार रुपये का ऋण मिलने के बाद तय समय में जमा कर दिया। पूरा ऋण समय पर जमा होने पर 797 पटरी दुकानदार 20 हजार रुपये के ऋण के पात्र हो गए। इन्हें 20 हजार रुपये का ऋण दिलाने के लिए डूडा ने आवेदन लिया। इनमें से 280 को 20 हजार रुपये का ऋण 18 महीने के लिए दे दिया गया है जबकि 517 आवेदन बैंकों में अभी लंबित पड़े हैं।

जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक विमल कुमार गुप्ता ने बताया कि स्वनिधि योजना के तहत मिले ऋण की किस्तों को न जमा करने वाले पटरी दुकानदारों को डिफाल्टर घोषित कर दिया गया है। डूडा से समन्वय स्थापित कर ऋण की रिकवरी की जाएगी।
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