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दो हफ्ते में दो गांवों में 30 लोगों की मौत
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जगदीशपुर (अमेठी)। कोरोना काल में क्षेत्र के हारीमऊ और सिधियावां गांव में दो सप्ताह के दौरान करीब 30 लोगों की मौत से क्षेत्र के लोग दहशत में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मरने वाले सभी लोग सर्दी जुकाम व बुखार से पीड़ित थे। इनकी कोविड जांच नहीं कराई गई थी।
जगदीशपुर सीएचसी से हारीमऊ गांव की दूरी पांच किलोमीटर और सिधियावां की दूरी तीन किलोमीटर है। दोनों गांवों की आबादी भी करीब पांच-पांच हजार है। ग्रामीणों के मुताबिक दो सप्ताह के दौरान दोनों गांवों में करीब 30 लोगों की मौत हो चुकी है।
मरने वाले सभी लोगों को सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार के साथ ही सांस की दिक्कत थी। परिवारीजनों के मुताबिक इनकी कोविड जांच नहीं कराई गई थी। मौत के बाद परिवारीजनों द्वारा शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। दोनों गांवों में एक के बाद एक कई लोगों की मौत होने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
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इनकी हुई मौत
जगदीशपुर के सिधियांवा गांव निवासी मुस्सन (60), बब्बन (55), लल्लन (56), अहमदुल निशा (52), अंसार बेग (58), मुजीब (38), विश्वनाथ (42), बड़ागा (72), सज्जन (55), प्रवीन बानों (45), मतलूबुलनिशा (50), दयाराम (70) तथा हारीमऊ गांव में महफूज (50), नजमा (42), जाकिर (70) तथा इनकी एक बूह व एक अन्य सदस्य, तौफीक (42), इददू की सत्तर वर्षीय पत्नी, चौरासा (92), शिवबरन (75), ताहिरल निशा (65), शोभन सरकार (45) समेत करीब 30 लोग सामिल हैं।
विभिन्न बीमारियों से ग्रसित थे लोग : अधीक्षक
जगदीशपुर के सीएचसी प्रभारी डॉ. एमके त्रिपाठी ने बताया कि दोनों गांव में महामारी जैसी कोई बात नहीं है। मरने वालों में अधिकतर की उम्र 50 वर्ष से ऊपर थी। यह लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित थे जिसमें कुछ लोग बाहर से भी आए थे।
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जगदीशपुर सीएचसी से हारीमऊ गांव की दूरी पांच किलोमीटर और सिधियावां की दूरी तीन किलोमीटर है। दोनों गांवों की आबादी भी करीब पांच-पांच हजार है। ग्रामीणों के मुताबिक दो सप्ताह के दौरान दोनों गांवों में करीब 30 लोगों की मौत हो चुकी है।
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मरने वाले सभी लोगों को सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार के साथ ही सांस की दिक्कत थी। परिवारीजनों के मुताबिक इनकी कोविड जांच नहीं कराई गई थी। मौत के बाद परिवारीजनों द्वारा शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। दोनों गांवों में एक के बाद एक कई लोगों की मौत होने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
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इनकी हुई मौत
जगदीशपुर के सिधियांवा गांव निवासी मुस्सन (60), बब्बन (55), लल्लन (56), अहमदुल निशा (52), अंसार बेग (58), मुजीब (38), विश्वनाथ (42), बड़ागा (72), सज्जन (55), प्रवीन बानों (45), मतलूबुलनिशा (50), दयाराम (70) तथा हारीमऊ गांव में महफूज (50), नजमा (42), जाकिर (70) तथा इनकी एक बूह व एक अन्य सदस्य, तौफीक (42), इददू की सत्तर वर्षीय पत्नी, चौरासा (92), शिवबरन (75), ताहिरल निशा (65), शोभन सरकार (45) समेत करीब 30 लोग सामिल हैं।
विभिन्न बीमारियों से ग्रसित थे लोग : अधीक्षक
जगदीशपुर के सीएचसी प्रभारी डॉ. एमके त्रिपाठी ने बताया कि दोनों गांव में महामारी जैसी कोई बात नहीं है। मरने वालों में अधिकतर की उम्र 50 वर्ष से ऊपर थी। यह लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित थे जिसमें कुछ लोग बाहर से भी आए थे।