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जिले को मिली 1,295 मीट्रिक टन कृभको यूरिया

Wed, 19 Jan 2022 11:57 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 19 Jan 2022 11:57 PM IST
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1295 metric ton urea alloted to urea
गौरीगंज (अमेठी)। रबी सीजन में यूरिया की मांग पूरी करने के लिए कृषि विभाग सक्रिय बना हुआ है। 2649 एमटी इफको व 499 निजी कंपनी की आपूर्ति मिलने के बाद बुधवार को कृभको कंपनी की 1295 मीट्रिक यूरिया की आपूर्ति मिली है। बुधवार को यूरिया की आपूर्ति मिलने के बाद समितियों के माध्यम से किसानों में वितरित की जा रही है। कृषि विभाग के अनुसार रबी सीजन मेें 24,123 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण हो चुका है।
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रबी सीजन की फसलों की टॉप ड्रेसिंग के दौरान यूरिया की अधिक आवश्यकता होती है। ऐसे में कई दिनों से जिले में यूरिया की कमी से परेशान नहीं होना पड़े, इसके लिए कृषि विभाग यूरिया की आपूर्ति प्राप्त कर वितरण करने में जुटा है। पिछले दिनों 2690 एमटी इफको कंपनी यूरिया के साथ 643 मीट्रिक टन उत्तमवीर कंपनी की यूरिया तो 420 एमटी डॉ. फसल कंपनी की यूरिया की आपूर्ति मिलने के बाद इफको बिक्री केंद्र, साधन सहकारी समिति के साथ निजी दुकानों से किसानों को वितरित करने में जुटा है। बुधवार को कृषि विभाग की मांग पर सुल्तानपुर रेल साइटिंंग पर 1295 मीट्रिक टन कृभको कंपनी की यूरिया मिली है।
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यूरिया मिलने के बाद 28 समितियों तक पहुंचाते हुए किसानों में वितरित की जा रही है। कृषि विभाग के अनुसार रबी सीजन में नवंबर, दिसंबर व जनवरी माह में अब तक 24,123 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किसानों को हो चुका है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में वर्तमान में 7823 मीट्रिक यूरिया का स्टॉक मौजूद है और यूरिया की डिमांड की गई है। जल्द ही आपूर्ति मिलने की संभावना है।
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जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से यूरिया के स्थान पर नैनो यूरिया तरल का छिड़काव फसलों मेें करने की अपील की है। नैनो यूरिया का पत्तियों पर छिड़काव करने से नाइट्रोजन की सफलता पूर्वक आपूर्ति फसलों में होती है। जिससे उत्पादन और उत्पाद की गुणवत्ता में वृद्धि के साथ-साथ पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है। बताया कि दो से चार मिलीलीटर मात्रा को प्रतिलीटर पानी में घोल बनाकर किसान खड़ी फसल में छिड़काव करें।
नाइट्रोजन की कम आवश्यकता वाली फसलों में दो मिलीलीटर एवं अधिक आवश्यकता वाली फसलों में चार मिलीलीटर तक नैनो यूरिया प्रति लीटर पानी की दर से पत्तियों पर छिड़काव किया जा सकता है। पहला छिड़काव अंकुरण या रोपाई के 30 से 35 दिन बाद तथा दूसरा छिड़काव पहले छिड़काव के 15 से 20 दिन बाद किया जा सकता है। एक एकड़ खेत के लिए प्रति छिड़काव लगभग 125 लीटर पानी की आवश्यकता होती है।

जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि जिले में रबी सीजन में आवश्यक यूरिया उर्वरक की आपूर्ति मिल चुकी है। उर्वरक की आपूर्ति मिलने के बाद किसानों को वितरित की जा रही है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि वितरण की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम गठित किया है। किसान यूरिया नहीं मिलने, विक्रेता के ओवररेटिंग करने या खेतों में फसलवार उर्वरक प्रयोग की जानकारी के लिए कंट्रोल रूम के नंबर 7983400613 पर संपर्क कर सकते हैं।
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