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जाकिर के भाषण व पीस टीवी पर लगे प्रतिबंध
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
Updated Tue, 26 Jul 2016 11:36 PM IST
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प्रेस से मुखातिब आॅल इंडिया उलमा व मशायख बोर्ड के पदाधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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ऑल इंडिया उलमा व मशायख बोर्ड ने जाकिर नाईक के भाषण व पीस टीवी के प्रसारण पर पूरी तरह प्रतिबंध की मांग उठाई है। कहा कि ऐसा न किए जाने पर मुस्लिम युवकों में कट्टरता रोकी नहीं जा सकेगी।
बोर्ड प्रेसीडेंट मौलाना सैय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने मंगलवार को जिला मुख्यालय पर आयोजित प्रेसवार्ता में डॉ. जाकिर नाईक के भाषणों को देश में प्रतिबंधित किए जाने की मांग की। कहा कि देश की अस्मिता व अखंडता के विरुद्घ जो भी आवाज उठाता है और आम जनता को गुमराह करता है उस पर सरकार को सख्त व त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए।
कहा कि नाईक जैसे चंद लोग ही मुस्लिम समुदाय को बदनाम कर रहे हैं। नाईक ने न सिर्फ कट्टर विचारधारा का प्रचार-प्रसार कर मुस्लिम युवाओं को बरगलाने का प्रयास किया है, बल्कि कुरान व हदीस का अपमान किया है। ऐसे में सरकार को ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
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बोर्ड प्रेसीडेंट मौलाना सैय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने मंगलवार को जिला मुख्यालय पर आयोजित प्रेसवार्ता में डॉ. जाकिर नाईक के भाषणों को देश में प्रतिबंधित किए जाने की मांग की। कहा कि देश की अस्मिता व अखंडता के विरुद्घ जो भी आवाज उठाता है और आम जनता को गुमराह करता है उस पर सरकार को सख्त व त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए।
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कहा कि नाईक जैसे चंद लोग ही मुस्लिम समुदाय को बदनाम कर रहे हैं। नाईक ने न सिर्फ कट्टर विचारधारा का प्रचार-प्रसार कर मुस्लिम युवाओं को बरगलाने का प्रयास किया है, बल्कि कुरान व हदीस का अपमान किया है। ऐसे में सरकार को ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
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