{"_id":"61cf43cf02977801a1367555","slug":"will-get-two-thousand-mt-urea-soon-ambedkar-nagar-news-lko6113997116","type":"story","status":"publish","title_hn":"जल्द मिलेगी दो हजार एमटी यूरिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जल्द मिलेगी दो हजार एमटी यूरिया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेडकरनगर। किसानों को नए वर्ष में यूरिया खाद के संकट से निजात मिलने की उम्मीद है। जनवरी के प्रथम सप्ताह में जिले को लगभग 2 हजार मीट्रिक टन यूरिया मिल जाएगी। इससे जिले की 106 साधन सहकारी समितियों पर किसानों को आसानी से यूरिया मिल सकेगी। ऐसे में उम्मीद है कि वर्ष 2022 की शुरुआत किसानों को खाद संकट से राहत दिलाएगी। खाद की उपलब्धता होने के साथ ही कृषि विभाग ने उसके सुचारु वितरण की प्रक्रिया को भी पूरा कर लिया है।
बीत रहे वर्ष में किसानों को कई बार खाद संकट का सामना करना पड़ा। ऐसे में नए वर्ष की शुरुआत में किसानों को खाद की दिक्कत न हो, इसके लिए जरूरी तैयारियां चल रही हैं। कृषि विभाग 2 हजार मीट्रिक टन यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए तैयारी में जुटा है। उम्मीद है कि नए वर्ष के पहले सप्ताह में जिले को 2 हजार मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध हो जाएगी।
इसके बाद तत्परता के साथ इसका वितरण सभी 106 साधन सहकारी समितियों पर किया जाएगा। वरिष्ठ लिपिक चंद्रकेश ने बताया कि जिले में यूरिया की कोई कमी नहीं है। रबी सीजन में अक्तूबर से दिसंबर तक जिले को 21 हजार 923 मीट्रिक टन यूरिया की जरूरत थी। इसमें से 20 हजार 994 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध हो चुकी है। 16 हजार 728 मीट्रिक खाद का वितरण हो चुका है। 4266 मीट्रिक टन यूरिया खाद स्टॉक में है। इसके अलावा पीसीएफ के पास 531 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है।
विज्ञापन
इसके अलावा डीएपी खाद का लक्ष्य 11 हजार 957 मीट्रिक टन था। इसमें से 10 हजार 2 मीट्रिक टन खाद का वितरण हो चुका है। शेष 1291 एमटी डीएपी अभी अवशेष है। फिलहाल इस समय अभी डीएपी खाद की जरूरत नहीं है। कटेहरी के किसान राजितराम यादव व महेंद्र सिंह ने समितियों पर जल्द यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग की। कहा कि मौजूदा समय में किसान गेहूं फसल की सिंचाई कर रहे हैं। सिंचाई के बाद गेहूं की फसल में यूरिया खाद की सख्त जरूरत है। ऐसे में यदि समय रहते समितियों पर खाद की उपलब्धता हो जाएगी तो किसानों को भागदौड़ से निजात मिलेगी।
जल्द उपलब्ध जो जाएगी यूरिया
किसानों की आवश्यकता को देखते हुए यूरिया की मांग भेजी गई है। जनवरी के प्रथम सप्ताह में 2 हजार मीट्रिक टन यूरिया खाद मिलने की उम्मीद है। खाद की उपलब्धता होते ही इसका वितरण समितियों पर सुनिश्चित किया जाएगा।
-पीयूष राय, जिला कृषि अधिकारी
विज्ञापन
बीत रहे वर्ष में किसानों को कई बार खाद संकट का सामना करना पड़ा। ऐसे में नए वर्ष की शुरुआत में किसानों को खाद की दिक्कत न हो, इसके लिए जरूरी तैयारियां चल रही हैं। कृषि विभाग 2 हजार मीट्रिक टन यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए तैयारी में जुटा है। उम्मीद है कि नए वर्ष के पहले सप्ताह में जिले को 2 हजार मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध हो जाएगी।
विज्ञापन
इसके बाद तत्परता के साथ इसका वितरण सभी 106 साधन सहकारी समितियों पर किया जाएगा। वरिष्ठ लिपिक चंद्रकेश ने बताया कि जिले में यूरिया की कोई कमी नहीं है। रबी सीजन में अक्तूबर से दिसंबर तक जिले को 21 हजार 923 मीट्रिक टन यूरिया की जरूरत थी। इसमें से 20 हजार 994 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध हो चुकी है। 16 हजार 728 मीट्रिक खाद का वितरण हो चुका है। 4266 मीट्रिक टन यूरिया खाद स्टॉक में है। इसके अलावा पीसीएफ के पास 531 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है।
विज्ञापन
इसके अलावा डीएपी खाद का लक्ष्य 11 हजार 957 मीट्रिक टन था। इसमें से 10 हजार 2 मीट्रिक टन खाद का वितरण हो चुका है। शेष 1291 एमटी डीएपी अभी अवशेष है। फिलहाल इस समय अभी डीएपी खाद की जरूरत नहीं है। कटेहरी के किसान राजितराम यादव व महेंद्र सिंह ने समितियों पर जल्द यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग की। कहा कि मौजूदा समय में किसान गेहूं फसल की सिंचाई कर रहे हैं। सिंचाई के बाद गेहूं की फसल में यूरिया खाद की सख्त जरूरत है। ऐसे में यदि समय रहते समितियों पर खाद की उपलब्धता हो जाएगी तो किसानों को भागदौड़ से निजात मिलेगी।
जल्द उपलब्ध जो जाएगी यूरिया
किसानों की आवश्यकता को देखते हुए यूरिया की मांग भेजी गई है। जनवरी के प्रथम सप्ताह में 2 हजार मीट्रिक टन यूरिया खाद मिलने की उम्मीद है। खाद की उपलब्धता होते ही इसका वितरण समितियों पर सुनिश्चित किया जाएगा।
-पीयूष राय, जिला कृषि अधिकारी