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Ambedkar Nagar News: विधवा को भी समाज में सम्मान से जीने का हक
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अंबेडकरनगर। शहजादपुर मेें चल रहा आर्य समाज लोहियानगर का 90वें वार्षिकोत्सव का समापन हो गया। आचार्य ज्ञानप्रकाश वैदिक ने युवाओं से अपील किया कि वे राष्ट्रहित में मजबूती के साथ कदम उठाएं। शिक्षा समेत अलग अलग क्षेत्रों में सफलता की बुलंदियों पर पहुंचकर राष्ट्र को विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ाएं। कहा कि विधवा को भी समाज में सम्मान से जीने का हक है।
मंगलवार को सुबह आर्य समाज मंदिर फव्वारा तिराहा में हवन पूजन का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं अकबरपुर नगर पालिका अध्यक्ष सरिता गुप्ता ने कहा कि नारी शिक्षा पर हम सभी को विशेष ध्यान देना होगा।
यदि महिलाएं सशक्त होंगी तो समाज व देश का विकास भी तेजी से होगा। बाल विवाह जैसी कुरीतियों को पूरी तरह से समाप्त करने पर जोर देते हुए कहा कि यह समाज के लिए अभिशाप है। सरिता ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि बालिका शिक्षा पर भी जोर देना चाहिए।
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वक्ता आचार्य ज्ञानप्रकाश वैदिक ने विधवा विवाह का समर्थन करते हुए कहा कि इससे तमाम प्रकार की समस्या दूर होंगी। कम उम्र में यदि कोई विधवा हो जाए तो उसकी शादी जरूर करानी चाहिए। उसे भी अधिकार मिलना चाहिए।
उन्होंने महर्षि दयानंद का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने सदैव विधवा विवाह समर्थन किया था। हम सभी को उनके बताए आदर्शों पर चलकर ऐसी महिलाओं को उनका अधिकार दिलाना होगा।
आयोजन समिति से जुड़े विजयपाल आर्य ने कहा कि अंतिम दिन भंडारे का आयोजन हुआ। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भागीदारी की। बाद में टोली की विदाई कर दी गई। इससे पहले आजादी के नायकों को नमन भी किया गया। इस दौरान प्रज्ञा, ऊषा देवी, बिट्टन देवी, गिरिजा देवी, निर्मला, ऊषा जायसवाल, मिथिलेश, सरिता, कुसुम लता, राजकरन, शिवप्रसाद, संगम आदि मौजूद रहे।
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मंगलवार को सुबह आर्य समाज मंदिर फव्वारा तिराहा में हवन पूजन का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं अकबरपुर नगर पालिका अध्यक्ष सरिता गुप्ता ने कहा कि नारी शिक्षा पर हम सभी को विशेष ध्यान देना होगा।
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यदि महिलाएं सशक्त होंगी तो समाज व देश का विकास भी तेजी से होगा। बाल विवाह जैसी कुरीतियों को पूरी तरह से समाप्त करने पर जोर देते हुए कहा कि यह समाज के लिए अभिशाप है। सरिता ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि बालिका शिक्षा पर भी जोर देना चाहिए।
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वक्ता आचार्य ज्ञानप्रकाश वैदिक ने विधवा विवाह का समर्थन करते हुए कहा कि इससे तमाम प्रकार की समस्या दूर होंगी। कम उम्र में यदि कोई विधवा हो जाए तो उसकी शादी जरूर करानी चाहिए। उसे भी अधिकार मिलना चाहिए।
उन्होंने महर्षि दयानंद का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने सदैव विधवा विवाह समर्थन किया था। हम सभी को उनके बताए आदर्शों पर चलकर ऐसी महिलाओं को उनका अधिकार दिलाना होगा।
आयोजन समिति से जुड़े विजयपाल आर्य ने कहा कि अंतिम दिन भंडारे का आयोजन हुआ। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भागीदारी की। बाद में टोली की विदाई कर दी गई। इससे पहले आजादी के नायकों को नमन भी किया गया। इस दौरान प्रज्ञा, ऊषा देवी, बिट्टन देवी, गिरिजा देवी, निर्मला, ऊषा जायसवाल, मिथिलेश, सरिता, कुसुम लता, राजकरन, शिवप्रसाद, संगम आदि मौजूद रहे।