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एक-एक बोरी यूरिया के लिए जूझते नजर आए किसान
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फोटो-4 अंबेडकरनगर के महरुआ में यूरिया खाद लेने के लिए लगी किसानों की भीड़।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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महरुआ। सहकारी समिति महरुआ पर पहुंची 400 बोरी यूरिया लेने के लिए सोमवार को किसानों का तांता लग गया। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे किसान एक-एक बोरी के लिए मिन्नत करते दिखे। कुछ किसान मांग के अनुसार खाद न होने से भड़क गए। इस पर डायल 112 को बुलाना पड़ा। इसके बाद मामला शांत हो सका। बाद में एक आधार कार्ड पर एक बोरी यूरिया किसानों को उपलब्ध कराई गई।
महरुआ क्षेत्र में यूरिया का संकट लंबे समय से बना हुआ है। इस बीच सोमवार को किसानों को जानकारी हुई कि रविवार शाम समिति पर 400 बोरी खाद पहुंची है। सूचना पर सोमवार सुबह समिति परिसर में किसानों का तांता लग गया। सुबह नौ बजे समिति का ताला खुलते ही किसान एक-एक बोरी खाद के लिए जूझते नजर आए। कुछ किसान मांग के अनुसार खाद न मिलने से भड़क गए। किसानों की नाराजगी व भीड़ को देखते हुए सचिव संदीप दुबे ने डायल 112 टीम को सूचना दी।
कुछ देर बाद पहुंची पुलिस की मौजूदगी के बीच एक आधार कार्ड पर एक बोरी यूरिया किसानों को दी गई। हालांकि, किसानों की संख्या के सामने 400 बोरी यूरिया कम पड़ गई, जिससे तमाम किसानों को निराश होकर लौटना पड़ा। किसान रामसुमेर, पहलवान, अशोक, सुनील आदि का कहना था कि इधर-उधर चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन यूरिया नहीं मिल पा रही है। यहां भी नंबर आता, इससे पहले ही खाद खत्म हो गई।
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महरुआ क्षेत्र में यूरिया का संकट लंबे समय से बना हुआ है। इस बीच सोमवार को किसानों को जानकारी हुई कि रविवार शाम समिति पर 400 बोरी खाद पहुंची है। सूचना पर सोमवार सुबह समिति परिसर में किसानों का तांता लग गया। सुबह नौ बजे समिति का ताला खुलते ही किसान एक-एक बोरी खाद के लिए जूझते नजर आए। कुछ किसान मांग के अनुसार खाद न मिलने से भड़क गए। किसानों की नाराजगी व भीड़ को देखते हुए सचिव संदीप दुबे ने डायल 112 टीम को सूचना दी।
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कुछ देर बाद पहुंची पुलिस की मौजूदगी के बीच एक आधार कार्ड पर एक बोरी यूरिया किसानों को दी गई। हालांकि, किसानों की संख्या के सामने 400 बोरी यूरिया कम पड़ गई, जिससे तमाम किसानों को निराश होकर लौटना पड़ा। किसान रामसुमेर, पहलवान, अशोक, सुनील आदि का कहना था कि इधर-उधर चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन यूरिया नहीं मिल पा रही है। यहां भी नंबर आता, इससे पहले ही खाद खत्म हो गई।
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