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दो माइनर कटीं, 80 बीघा फसल डूबी
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
Updated Sun, 22 Jan 2017 11:58 PM IST
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अंबेडकरनगर के आलापुर में शनिवार रात सोल्हवां के पास कटी माइनर।
- फोटो : अमर उजाला
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तहसील क्षेत्र आालापुर में दो माइनरें कटने से लगभग 80 बीघा फसल जलमग्न हो गई। इससे 60 से अधिक किसान प्रभावित हुए। एक माह में जहांगीरगंज माइनर में हुई दूसरी बार कटान से प्रभावित किसानों में नहर विभाग के अधिकारियों के प्रति आक्रोश दिखाई पड़ा। उनका कहना था कि माइनर की न तो समुचित साफ-सफाई होती है और न ही पटरी की मरम्मत की जाती है।
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इसकी कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत भी की गई लेकिन कभी गंभीरता नहीं दिखाई गई। नतीजतन इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है। राजेसुल्तानपुर प्रतिनिधि के अनुसार शनिवार रात लगभग नौ बजे सोल्हवां गांव के निकट से गुजरी माइनर में कटान हो गई। माइनर का पानी तेजी के साथ खेतों में पहुंचने लगा। किसानों को जानकारी हुई तो उनमें हड़कंप मच गया।
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देखते ही देखते बड़ी संख्या में किसान कटान वाले स्थान पर पहुंच गए। तेजी से खेतों में पहुंच रहे पानी को रोकने का प्रयास शुरू कर दिया गया। शुरुआत में तो किसानों को सफलता नहीं मिली लेकिन रविवार सुबह होते-होते कटान बंद कर दी गई।
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हालांकि इस बीच सोल्हवां के चंद्रभूषण तिवारी, गंगानाथ तिवारी, फूलचंद, ओमप्रकाश, भालचंद, राधेश्याम सिंह, त्रिवेणीराम, दीपनरायन, सभाजीत, सुरेंद्र, साधू व सूर्यनरायन तथा अशरफपुर के रामराज पाल, घुरहू पाल, मोल्हू पाल की लगभग 50 बीघा सरसों, गेहूं, मटर व उरद आदि की फसल डूब चुकी थीं। एक माह में इसी माइनर में दूसरी बार हुई कटान से प्रभावित किसानों में आक्रोश फैल गया।
उनका कहना था कि तमाम मांग के बावजूद माइनर की न तो समुचित साफ-सफाई की गई और न ही पटरी की मरम्मत ही की जा सकी। नतीजतन इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। गौरतलब है कि बीते दिनों ही यहीं पर हुई कटान से 100 बीघा फसल डूब गई थी।
उधर आलापुर प्रतिनिधि के अनुसार रामनगर विकास खंड के भीटी-चहोड़ा माइनर में शनिवार देर रात चहोड़ा बरमसा गांव के बीच कटान हो गई। खेतों में माइनर का पानी पहुंचने की जानकारी होते ही ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई।
कड़ाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में किसान कटान वाले स्थान पर पहुंच गए। किसानों ने नहर विभाग के अधिकारियों को मामले की जानकारी देने के साथ ही क्षतिग्रस्त पटरी ठीक करने का प्रयास शुरू कर दिया। रविवार सुबह जब तक पानी के बहाव पर अंकुश लगाया जाता, 30 बीघा से अधिक आलू, सरसों व मटर समेत अन्य फसल डूब चुकी थी।
कटान से रामलखन यादव, नरसिंह, रामकेवल व रामदयाल आदि प्रभावित हुए। आलापुर के एसडीएम विनय गुप्ता ने बताया कि मामले की जानकारी है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आगे इस तरह की कोई दिक्कत न हो। इसके लिए आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं।