फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   The quality of soil will be tested by taking 18 thousand samples

Ambedkar Nagar News: 18 हजार नमूने लेकर परखी जाएगी मिट्टी की गुणवत्ता

Wed, 23 Apr 2025 10:40 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर Updated Wed, 23 Apr 2025 10:40 PM IST
विज्ञापन
The quality of soil will be tested by taking 18 thousand samples
अंबेडकरनगर। खेती से बढ़िया उत्पादन के लिए मिट्टी की जांच बेहद जरूरी होती है, इसका मुख्य उद्देश्य खेत की जरूरत के अनुसार उसे पोषकतत्व उपलब्ध करवाना है, ताकि उत्पादन बेहतर हो सके और निर्धारित मात्रा में उर्वरकों का इस्तेमाल किया जा सके। इसके लिए 18 हजार से ज्यादा मिट्टी के नमूने लेने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
विज्ञापन

जिले में पांच लाख से अधिक किसान है। फसल का उत्पादन बढ़ाने के लिए किसान विभिन्न प्रकार के रसायनिक खाद व कीटनाशक प्रयोग करते हैं। उर्वरकों के अंधाधुंध इस्तेमाल के कारण मिट्टी के पोषणतत्व समाप्त हो रहे हैं। मिट्टी की गुणवत्ता बनी रहे इसके लिए कृषि विभाग लगातार मिट्टी की गुणवत्ता की जांच करता है। वर्ष 2025-26 में 180 गांव से 18 हजार मिट्टी के नमूने लेकर उसकी गुणवत्ता का लक्ष्य शासन से मिला है। इसके लिए 64 कर्मचारियों को लगाया गया है। इनमें 16 कृषि सखियां भी शामिल हैं।
विज्ञापन

पौधे के विकास के लिए कुल 17 पोषक तत्वों की जरूरत होती है। अधिक पैदावार व लाभ लेने के लिए उर्वरको का संतुलित मात्रा में प्रयोग आवश्यक है। उर्वरकों का संतुलित मात्रा में प्रयोग करने के लिए मिट्टी का परीक्षण करवाना आवश्यक है। जिला कृषि अधिकारी पीयूष राय ने बताया कि रवि की फसल में 70 प्रतिशत तथा खरीफ की फसल में 30 प्रतिशत नमूने लेकर मिट्टी की गुणवत्ता की जांच की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

----
ऐसे लिया जाता है मिट्टी का नमूना-
मिट्टी का नमूना हमेशा फसल की बुवाई या रोपाई के एक माह पहले लेना चाहिए। जिस खेत का नमूना लेना हो उसके अलग-अलग 8 से 10 स्थानों पर निशान लगाया जाता है। चुनी हुई जगह के ऊपरी सतह से घासफूस हटाकर सतह से 15 सेमी यानि आधा फुट गहरा गड्ढा खोद कर खुरपे से एक तरफ से अंगुली की मोटाई तक का ऊपर से नीचे तक का नमूना काटा जाता है। मिट्टी को बाल्टी या टब में इकट्ठा कर लिया जाता है। अन्य स्थानों से भी नमूने लेकर मिट्टी का मिश्रण किया जाता है। अब इस नमूने (लगभग आधा किलो मिट्टी) को साफ थैली में डाल लें। एक पर्ची पर किसान का नाम, पिता का नाम, गांव, तहसील व जिले का नाम खेत का खसरा नंबर भूमि सिंचित है या असिंचित आदि लिखकर थैली में डालकर जांच के लिए भेजा जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed