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Ambedkar Nagar News: जिला जेल में जल्द बदलेगी पांच सौ बंदियों की बैरक
Sun, 15 Sep 2024 10:52 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sun, 15 Sep 2024 10:52 PM IST
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जिला कारागार।
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अंबेडकरनगर। जिला कारागार में निरुद्ध 500 से अधिक बंदियों को अब उनके नाम वाले पहले अक्षर के अनुसार बैरक आवंटित की जा रही है। यह नई व्यवस्था कारागार मुख्यालय के आदेश के बाद लागू की गई है।
इसका उद्देश्य बंदियों की पहचान और खोज को आसान बनाना है। पहले जेल में राम श्याम, मोहन सोहन आदि नामों के बंदी एक ही बैरक में रखे जाते थे, जिससे जेल अधिकारियों को उन्हें ढूंढने में परेशानी होती थी। लेकिन अब, इस नई प्रणाली के तहत हर बंदी को उसके नाम के पहले अक्षर के अनुसार बैरक में रखा जा रहा है।
इस प्रक्रिया से अधिकारियों को यह समझने में आसानी होगी कि किस बंदी को किस बैरक में रखा गया है। इसका एक और फायदा यह है, कि मुलाकात के समय बंदियों को जल्दी ढूंढा जा सकेगा और कोर्ट की तारीखों पर जाने वाले बंदियों को तलाशने में किसी प्रकार की देरी या दिक्कत नहीं होगी। जिला जेल के अधिकारी और बंदी रक्षक अब अल्फाबेट के अनुसार सभी बंदियों की सूची तैयार कर रहे हैं, ताकि जल्द से जल्द सभी को उनके नाम के अनुसार बैरक में आवंटित किया जा सके। ज्यादातर बंदियों को इस व्यवस्था के तहत नई बैरकें मिल चुकी हैं, जबकि कुछ का काम अभी जारी है।
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कारागार मुख्यालय से आदेश मिलने के बाद जेल में यह व्यवस्था कर दी गई है। अल्फाबेट के हिसाब से बंदियों को बैरक आवंटित की जा रही है। ज्यादातर को बैरक में ट्रांसफर भी कर दिया गया है, जल्द ही आदेश को पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा। -शशिकांत, जेल अधीक्षक, जिला कारागार
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इसका उद्देश्य बंदियों की पहचान और खोज को आसान बनाना है। पहले जेल में राम श्याम, मोहन सोहन आदि नामों के बंदी एक ही बैरक में रखे जाते थे, जिससे जेल अधिकारियों को उन्हें ढूंढने में परेशानी होती थी। लेकिन अब, इस नई प्रणाली के तहत हर बंदी को उसके नाम के पहले अक्षर के अनुसार बैरक में रखा जा रहा है।
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इस प्रक्रिया से अधिकारियों को यह समझने में आसानी होगी कि किस बंदी को किस बैरक में रखा गया है। इसका एक और फायदा यह है, कि मुलाकात के समय बंदियों को जल्दी ढूंढा जा सकेगा और कोर्ट की तारीखों पर जाने वाले बंदियों को तलाशने में किसी प्रकार की देरी या दिक्कत नहीं होगी। जिला जेल के अधिकारी और बंदी रक्षक अब अल्फाबेट के अनुसार सभी बंदियों की सूची तैयार कर रहे हैं, ताकि जल्द से जल्द सभी को उनके नाम के अनुसार बैरक में आवंटित किया जा सके। ज्यादातर बंदियों को इस व्यवस्था के तहत नई बैरकें मिल चुकी हैं, जबकि कुछ का काम अभी जारी है।
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कारागार मुख्यालय से आदेश मिलने के बाद जेल में यह व्यवस्था कर दी गई है। अल्फाबेट के हिसाब से बंदियों को बैरक आवंटित की जा रही है। ज्यादातर को बैरक में ट्रांसफर भी कर दिया गया है, जल्द ही आदेश को पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा। -शशिकांत, जेल अधीक्षक, जिला कारागार