{"_id":"5702a2004f1c1b0856c811b0","slug":"submitted-a-memorandum-in-opposition-of-president-s-rule-in-the-uttarakhand","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन के विरोध में सौंपा ज्ञापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन के विरोध में सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
Updated Mon, 04 Apr 2016 10:48 PM IST
विज्ञापन
अंबेडकरनगर जिला मुख्यालय पर एसडीएम सदर को ज्ञापन देते कांग्रेस कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस पार्टी जिलाध्यक्ष सै. मेराजुद्दीन किछौछवी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। कहा गया कि उत्तराखंड में जिस प्रकार से कानून को ताक पर रखकर राष्ट्रपति शासन लगाया गया, वह पूरी तरह अनुचित है।
विज्ञापन
इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसे तत्काल हटाया जाए और मुख्यमंत्री को बहुमत सिद्ध करने का मौका दिया जाए। इससे पहले कांग्रेस कार्यकर्ता जिला मुख्यालय स्थित कार्यालय से रूट मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और यहां सांकेतिक धरना दिया।
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष श्री किछौछवी ने कहा कि केंद्र सरकार पूरी तरह मनमानी पर उतर आई है। उसे लोकतंत्र का गला घोंटने से भी परहेज नहीं है। कहा कि उत्तराखंड में जिस प्रकार से जनता द्वारा चुनी सरकार को हटाकर राष्ट्रपति शासन लगाया गया, वह पूरी तरह अनुचित है।
विज्ञापन
कहा कि राष्ट्रपति शासन तत्काल हटाया जाए और सरकार को बहुमत सिद्ध करने के लिए मौका दिया जाए। प्रदेश सचिव मोहम्मद अनीस खां व जाफर मूसा ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि जनता को गुमराह कर केंद्र की सत्ता हथियाने वाली भाजपा सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है।
महंगाई चरम पर है। आम आदमी विभिन्न समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही उत्तराखण्ड में राष्ट्रपति शासन नहीं हटाया गया, तो बड़े पैमाने पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
इस दौरान डॉ. विजयशंकर तिवारी, संजय, गुलाम रसूल छोटू, बरकत अली, कर्मवीर सिंह, नीरज त्रिपाठी, दुर्गाप्रसाद पांडेय, बद्रीनरायन, नरेंद्र प्रजापति आदि मौजूद रहे।