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लेखपाल बोले- मांगें होंगी माननी, डरेंगे नहीं

Mon, 23 Dec 2019 11:18 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 23 Dec 2019 11:18 PM IST
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Strick of Lekhpals Continues
अंबेडकरनगर। शासन-प्रशासन की तमाम सख्ती के बावजूद विभिन्न मांगों को लेकर लेखपाल हड़ताल पर डटे हुए हैं। सोमवार को भी जारी हड़ताल के बीच धरने पर बैठे लेखपालों ने कहा कि सरकार चाहे जितने मुकदमे दर्ज करा दे और निलंबन की कार्रवाई करे, उनके कदम पीछे हटने वाले नहीं हैं। वे जायज मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। ऐसे में जब तक उनकी मांगों का निस्तारण नहीं होता तब तक हड़ताल समाप्त होने वाली नहीं है। इस बीच सोमवार को संयुक्त कर्मचारी परिषद व ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन ने भी तहसील पहुंचकर हड़ताल को समर्थन दिया। उधर लेखपालों की हड़ताल का खामियाजा आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र लेने के लिए आने वाले लोगों को भुगतना पड़ रहा है। नागरिकों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।
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गौरतलब है कि हड़ताल पर डटे लेखपालों पर शिकंजा कसते हुए न सिर्फ लेखपालों पर केस दर्ज किया जा रहा है, बल्कि निलंबन की कार्रवाई भी की जा रही है। इन सबके बावजूद लेखपाल हड़ताल पर डटे हुए हैं। सोमवार को भी हड़ताल पर डटे लेखपालों ने धरना देकर हक की आवाज बुलंद की। जिलाध्यक्ष रामचरन दुबे ने कहा कि सरकार के इशारे पर प्रशासन लेखपालों की आवाज को बलपूर्वक दबाना चाहती है। इस प्रकार के दमनकारी रवैये को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जायज मांगों को लेकर जो आंदोलन छेड़ा गया है, उसे अब अंजाम तक पहुंचाकर ही रहा जाएगा। जब तक पुरानी पेंशन को बहाल नहीं किया जाता, पदोन्नति नहीं की जाती और उनसे अतिरिक्त कार्य लेना बंद नहीं किया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। वक्ताओं ने कहा कि बगैर शर्त लेखपालों पर दर्ज केस वापस लिया जाए। साथ ही निलंबित लेखपालों को बहाल किया जाए। इस बीच सोमवार को संयुक्त कर्मचारी परिषद के संरक्षक सूर्यभान सिंह व ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष प्रदीप द्विवेदी ने तहसील पहुंचकर हड़ताल का समर्थन किया। कहा कि वे लेखपालों के साथ हैं।
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उधर, लेखपालों की हड़ताल का खामियाजा नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र के साथ ही खसरा खतौनी की नकल के लिए लोगों को बार बार संबंधित तहसील कार्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है। अकबरपुर तहसील में आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र के लिए सोमवार को पहुंचे मनोज कुमार व अभिषेक ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि प्रमाणपत्र न मिलने से वे कई फार्म नहीं भर पा रहे हैं। अब तक तीन बाद तहसील का चक्कर लगा चुके हैं। नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि नागरिकों के हित को देखते हुए प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।
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