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Ambedkar Nagar News: सास की हत्या में दामाद को उम्रकैद

Mon, 12 Oct 2026 10:42 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 12 Oct 2026 10:42 PM IST
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Son-in-law gets life imprisonment for murdering mother-in-law
अंबेडकरनगर। सम्मनपुर थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव में वैवाहिक विवाद के चलते सास की चाकू से गोदकर हत्या करने के मामले में सत्र न्यायाधीश चंद्रोदय कुमार ने सोमवार को आरोपी दामाद राकेश तिवारी को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की 80 प्रतिशत धनराशि मृतका के परिजनों को मुआवजे के रूप में देने का आदेश दिया गया है। वहीं, आर्म्स एक्ट के आरोप में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।
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अभियोजन के अनुसार, अयोध्या जिले के दर्शननगर क्षेत्र के असापुर तेलइया निवासी राकेश तिवारी की शादी शालिनी उपाध्याय से हुई थी। वैवाहिक विवाद के चलते शालिनी पति से अलग होकर अपनी मां निर्मला देवी के साथ सिकंदरपुर स्थित मायके में रह रही थी। दहेज न मिलने पर 14 अप्रैल 2022 को राकेश उसे सम्मनपुर क्षेत्र में छोड़कर चला गया था। इसके बाद शालिनी ने महिला थाने में शिकायत कर पति समेत ससुराल पक्ष के कई लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
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अभियोजन के मुताबिक, घटना से पहले राकेश ने शालिनी के मोबाइल पर व्हाट्सएप संदेश भेजकर साथ रहने या तलाक देने के संबंध में फैसला करने का दबाव बनाया था। उसने 10 जनवरी तक जवाब देने को कहा था। साथ ही परिवार को नुकसान पहुंचाने और खुदकुशी करने तक की धमकी दी थी।
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इसके अगले दिन यानी 11 जनवरी 2025 की रात करीब एक बजे राकेश घर में दाखिल हुआ। शालिनी के अनुसार, आरोपी ने चाकू दिखाकर उसका मुंह दबाया और दाहिने हाथ पर वार कर दिया। शोर सुनकर मां निर्मला देवी बचाव के लिए पहुंचीं तो आरोपी ने शालिनी को छोड़कर उन पर हमला कर दिया। उसने निर्मला देवी की गर्दन, पेट समेत शरीर के कई हिस्सों पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौत हो गई।

मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने राकेश को वैवाहिक विवाद में फंसाने और घटना के समय अयोध्या में मौजूद होने का तर्क दिया। हालांकि, अदालत ने शालिनी की गवाही, चिकित्सकीय साक्ष्य और बरामदगी से जुड़े साक्ष्यों को हत्या के आरोप की पुष्टि के लिए पर्याप्त माना। इसके आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई।
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