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Ambedkar Nagar News: स्मार्ट मीटर लगाने का काम सुस्त
Fri, 16 Jan 2026 01:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Fri, 16 Jan 2026 01:17 AM IST
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अकबरपुर में स्मार्ट मीटर लगाता कर्मी।
अंबेडकरनगर। जिले में स्मार्ट मीटर लगाने की रफ्तार बहुत धीमी है। एक साल बीत गए लेकिन 37375 उपभोक्ताओं के घर ही स्मार्ट मीटर लग पाया है। जिले में चार विद्युत वितरण खंंड हैं। इन वितरण खंडों में विभिन्न भार के 4.45 लाख उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं के घरों में लगे पुराने मीटर को हटाकर उनके स्थान पर स्मार्ट मीटर लगाने का काम वर्ष 2024 को शुरू हुआ था।
वर्ष 2025 तक 3.31 लाख घरों में स्मार्ट मीटर लगाया जाना है। जिले में छह दशक पूर्व बिजली घरों की स्थापना हुई। इसके बाद आबादी बढ़ने के साथ ही लाइनों की लंबाई बढ़ने से बिजली घरों पर भार भी बढ़ा। इसके साथ ही बिजली संसाधनों को हाईटेक करने की कवायद शुरू हुई।
पुराने साधारण मीटर के स्थान पर स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य शुरू हुआ। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने वर्ष 2024 में राजस्थान की संस्था को स्मार्ट लगाने की जिम्मेदारी दी। एक साल का समय बीत गया है। अकबरपुर में एक लाख 80 हजार उपभोक्ताओं के घरों में मीटर लगाया जाना था। इसमें अब तक केवल 22248 मीटर लगाए जा सके है। आलापुर में 70719 के सापेक्ष 5232 और जलालपुर में 70719 उपभोक्ताओं के सापेक्ष 5897 व टांडा में 64025 के सापेक्ष 3998 स्मार्ट मीटर ही लगाया जा सका है।
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सामान्य केबल पर लगा दिया जा रहा स्मार्ट मीटर
मीटर बदलने के दौरान लगने वाला मोटा आर्मर्ड केबल लगाया जाना है। नामित संस्था इसका भी शत-प्रतिशत अनुपालन नहीं करा पार रही है। साधारण तारों पर ही स्मार्ट मीटर लगा दिया जा रहा है। जबकि आर्मर्ड केबल सामान्य केबल से ज़्यादा सुरक्षित है और छेड़छाड़ मुश्किल है, ताकि गलत कनेक्शन (फेज-न्यूट्रल) की समस्या न हो।
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वर्ष 2025 तक 3.31 लाख घरों में स्मार्ट मीटर लगाया जाना है। जिले में छह दशक पूर्व बिजली घरों की स्थापना हुई। इसके बाद आबादी बढ़ने के साथ ही लाइनों की लंबाई बढ़ने से बिजली घरों पर भार भी बढ़ा। इसके साथ ही बिजली संसाधनों को हाईटेक करने की कवायद शुरू हुई।
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पुराने साधारण मीटर के स्थान पर स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य शुरू हुआ। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने वर्ष 2024 में राजस्थान की संस्था को स्मार्ट लगाने की जिम्मेदारी दी। एक साल का समय बीत गया है। अकबरपुर में एक लाख 80 हजार उपभोक्ताओं के घरों में मीटर लगाया जाना था। इसमें अब तक केवल 22248 मीटर लगाए जा सके है। आलापुर में 70719 के सापेक्ष 5232 और जलालपुर में 70719 उपभोक्ताओं के सापेक्ष 5897 व टांडा में 64025 के सापेक्ष 3998 स्मार्ट मीटर ही लगाया जा सका है।
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सामान्य केबल पर लगा दिया जा रहा स्मार्ट मीटर
मीटर बदलने के दौरान लगने वाला मोटा आर्मर्ड केबल लगाया जाना है। नामित संस्था इसका भी शत-प्रतिशत अनुपालन नहीं करा पार रही है। साधारण तारों पर ही स्मार्ट मीटर लगा दिया जा रहा है। जबकि आर्मर्ड केबल सामान्य केबल से ज़्यादा सुरक्षित है और छेड़छाड़ मुश्किल है, ताकि गलत कनेक्शन (फेज-न्यूट्रल) की समस्या न हो।