{"_id":"68b1f9e178005fecfe0a6679","slug":"small-enterprises-are-a-great-achievement-providing-employment-to-50-thousand-people-ambedkar-nagar-news-c-91-1-brp1007-141093-2025-08-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: छोटे उद्यमों का बड़ा कमाल, 50 हजार हाथों को रोजगार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: छोटे उद्यमों का बड़ा कमाल, 50 हजार हाथों को रोजगार
Sat, 30 Aug 2025 12:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sat, 30 Aug 2025 12:35 AM IST
विज्ञापन
35. अयोध्या मार्ग पर स्थित कॉपी बनाने का कारखाना। स्रोत विभाग
प्रमन श्रीवास्तव
अंबेडकरनगर। जनपद ने बीते कुछ वर्षों में औद्योगिक विकास की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। विशेषकर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के क्षेत्र में जिला तेजी से उभरा है और यह बदलाव अब जिले की आर्थिक संरचना में भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है। इसमें सबसे बड़ी भूमिका सूक्ष्म और लघु उद्योगों की है। इनसे न सिर्फ अर्थव्यवस्था बदली है, बल्कि लोगों को रोजगार के अवसर भी बड़े पैमाने पर मुहैया हो रहे हैं।
जिला उद्योग केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्तमान में जिले में करीब 10,000 सूक्ष्म व लघु उद्योग संचालित हो रहे हैं, जिनमें प्रत्यक्ष रूप से 50,000 से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है। ज्यादातर उद्योगों का प्रतिमाह टर्नओवर पांच से छह लाख रुपये तक है। कुछ ऐसे भी उद्योग हैं जो 10 से लेकर 20 लाख तक का कारोबार हर माह कर रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि इन उद्योगों में निवेश कम करने के बावजूद अच्छे परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। यही वजह है कि आज छोटे उद्योग तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में सरकार द्वारा चलाई गई एक जनपद एक उत्पाद, स्टार्टअप इंडिया, मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम जैसी योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव जिले में दिख रहा है। उद्यमी मित्र अखिलेश पटेल ने बताया कि छोटे उद्योगों को सस्ती दरों पर ऋण, तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण और बाज़ार उपलब्धता जैसे लाभों से सशक्त किया गया है। यह आंकड़े स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भरता और उद्यमिता को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक बड़ा कदम भी है।
कम निवेश, मुनाफा अधिक
टांडा के रामपुर कला स्थित वेदांता कुटीर उद्योग की स्थापना हरिनाथ विश्वकर्मा की ओर से की गई थी। यहां आरसीसी छत पर लगाए जाने वाले फैन बॉक्स बनाए जाते हैं। यहां करीब 20 लोगों को रोजगार मिल रहा है और टर्नओवर 8 से 10 लाख रुपये प्रतिमाह है।
विज्ञापन
पांच हजार से शुरू किया काम, आज कमा रहे लाखों
दुर्गेश शर्मा, अभिषेक शर्मा व उनके पिरतेश शर्मा ने अयोध्या मार्ग पर लाल ब्रदर्स पेट्रोल पंप के पास शर्मा कॉपी सेलर के नाम से कॉपी-किताब बाइंडिंग का काम पांच हजार रुपये से शुरू किया था। आज वह स्वयं कॉपियां बनाते हैं और पूरे जिले में सप्लाई करते हैं। इनकी फर्म का टर्नओवर करीब 15 से 20 लाख रुपये का टर्नओवर है।
फैक्ट फाइल
योजना लक्ष्य (संख्या) प्राप्ति
ओडीओपी- 64 12
सीएम युवा स्वरोजगार- 171- 46
सीएम युवा उद्यमी- 1900 975
जिले में सूक्ष्म और लघु उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में प्रशासन सतत प्रयासरत है। यह न केवल बेरोजगारी को कम कर रहा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बना रहा है। इसके लिए नियमित रूप से अधिकारियों के साथ समीक्षा की जा रही है।
- आनंद कुमार शुक्ला, सीडीओ
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। जनपद ने बीते कुछ वर्षों में औद्योगिक विकास की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। विशेषकर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के क्षेत्र में जिला तेजी से उभरा है और यह बदलाव अब जिले की आर्थिक संरचना में भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है। इसमें सबसे बड़ी भूमिका सूक्ष्म और लघु उद्योगों की है। इनसे न सिर्फ अर्थव्यवस्था बदली है, बल्कि लोगों को रोजगार के अवसर भी बड़े पैमाने पर मुहैया हो रहे हैं।
जिला उद्योग केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्तमान में जिले में करीब 10,000 सूक्ष्म व लघु उद्योग संचालित हो रहे हैं, जिनमें प्रत्यक्ष रूप से 50,000 से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है। ज्यादातर उद्योगों का प्रतिमाह टर्नओवर पांच से छह लाख रुपये तक है। कुछ ऐसे भी उद्योग हैं जो 10 से लेकर 20 लाख तक का कारोबार हर माह कर रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि इन उद्योगों में निवेश कम करने के बावजूद अच्छे परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। यही वजह है कि आज छोटे उद्योग तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में सरकार द्वारा चलाई गई एक जनपद एक उत्पाद, स्टार्टअप इंडिया, मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम जैसी योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव जिले में दिख रहा है। उद्यमी मित्र अखिलेश पटेल ने बताया कि छोटे उद्योगों को सस्ती दरों पर ऋण, तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण और बाज़ार उपलब्धता जैसे लाभों से सशक्त किया गया है। यह आंकड़े स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भरता और उद्यमिता को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक बड़ा कदम भी है।
विज्ञापन
कम निवेश, मुनाफा अधिक
टांडा के रामपुर कला स्थित वेदांता कुटीर उद्योग की स्थापना हरिनाथ विश्वकर्मा की ओर से की गई थी। यहां आरसीसी छत पर लगाए जाने वाले फैन बॉक्स बनाए जाते हैं। यहां करीब 20 लोगों को रोजगार मिल रहा है और टर्नओवर 8 से 10 लाख रुपये प्रतिमाह है।
विज्ञापन
पांच हजार से शुरू किया काम, आज कमा रहे लाखों
दुर्गेश शर्मा, अभिषेक शर्मा व उनके पिरतेश शर्मा ने अयोध्या मार्ग पर लाल ब्रदर्स पेट्रोल पंप के पास शर्मा कॉपी सेलर के नाम से कॉपी-किताब बाइंडिंग का काम पांच हजार रुपये से शुरू किया था। आज वह स्वयं कॉपियां बनाते हैं और पूरे जिले में सप्लाई करते हैं। इनकी फर्म का टर्नओवर करीब 15 से 20 लाख रुपये का टर्नओवर है।
फैक्ट फाइल
योजना लक्ष्य (संख्या) प्राप्ति
ओडीओपी- 64 12
सीएम युवा स्वरोजगार- 171- 46
सीएम युवा उद्यमी- 1900 975
जिले में सूक्ष्म और लघु उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में प्रशासन सतत प्रयासरत है। यह न केवल बेरोजगारी को कम कर रहा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बना रहा है। इसके लिए नियमित रूप से अधिकारियों के साथ समीक्षा की जा रही है।
- आनंद कुमार शुक्ला, सीडीओ

35. अयोध्या मार्ग पर स्थित कॉपी बनाने का कारखाना। स्रोत विभाग