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अपनी परंपरा को नहीं भूल सकता सिंधी समाज
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अंबेडकरनगर। देश का सिंधी समाज अपनी प्राचीन परंपरा व सभ्यता को नहीं भूल सकता। समाज के लोग 10 अप्रैल को सिंधी भाषा दिवस मनाएंगे। इसके अलावा 11 अप्रैल को विश्व सिंधी दाल पकवान दिवस, 13 अप्रैल को प्रभु झूलेलाल व अमर शहीद संत कंवरराम की जयंती मनायी जाएगी। इसके लिए तैयारियां भी जोर-शोर से चल रही हैं।
यह बातें शुक्रवार को अयोध्या से आए उत्तर प्रदेश सिंधी युवा समाज के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश ओमी ने जिला मुख्यालय पर कहीं। प्रेस से मुखातिब ओमी ने कहा कि सरकार ने 10 अप्रैल 1967 को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कर सिंधी भाषा दिवस घोषित किया था। सिंधी भाषा, साहित्य संस्कृति व लोक कलाएं और तीज त्योहार बचाने के लिए सिंधी समाज की पंचायतें अहम योगदान दे रही हैं।
संस्था समाज की महिलाओं व युवाओं को आगे बढ़ाने का काम कर रही है। सिंधी समाज के लोगों से उन्होंने अपने घरों में परिवार के सदस्यों से सिंधी भाषा में वार्ता करने का आह्वान किया। साथ ही तीज, सगड़ा, गोगो, टीजडी, थदडी मनाने व सिंधी महापुरुषों की जयंती व बलिदान दिवस मनाने की सलाह दी। प्रभू झूलेलाल, अमर शहीद संत कंवरराम, साधू टीएल वासवानी, सिंधुपति राजा दाहरसेन, अमर शहीद हेमू कालाणी, आचार्य जेपी कृपलानी व प्रदेश की पहली महिला मुख्यमंत्री सुचिता कृपलानी के बारे में बच्चों को जानकारी देने का भी सुझाव दिया। इस मौके पर जयराम संगवानी, जितेंद्र लखमानी, सुशील, रमेश कुमार, किशुन कुमार, रवि चंदानी, वैभव संगवानी आदि मौजूद रहे।
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यह बातें शुक्रवार को अयोध्या से आए उत्तर प्रदेश सिंधी युवा समाज के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश ओमी ने जिला मुख्यालय पर कहीं। प्रेस से मुखातिब ओमी ने कहा कि सरकार ने 10 अप्रैल 1967 को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कर सिंधी भाषा दिवस घोषित किया था। सिंधी भाषा, साहित्य संस्कृति व लोक कलाएं और तीज त्योहार बचाने के लिए सिंधी समाज की पंचायतें अहम योगदान दे रही हैं।
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संस्था समाज की महिलाओं व युवाओं को आगे बढ़ाने का काम कर रही है। सिंधी समाज के लोगों से उन्होंने अपने घरों में परिवार के सदस्यों से सिंधी भाषा में वार्ता करने का आह्वान किया। साथ ही तीज, सगड़ा, गोगो, टीजडी, थदडी मनाने व सिंधी महापुरुषों की जयंती व बलिदान दिवस मनाने की सलाह दी। प्रभू झूलेलाल, अमर शहीद संत कंवरराम, साधू टीएल वासवानी, सिंधुपति राजा दाहरसेन, अमर शहीद हेमू कालाणी, आचार्य जेपी कृपलानी व प्रदेश की पहली महिला मुख्यमंत्री सुचिता कृपलानी के बारे में बच्चों को जानकारी देने का भी सुझाव दिया। इस मौके पर जयराम संगवानी, जितेंद्र लखमानी, सुशील, रमेश कुमार, किशुन कुमार, रवि चंदानी, वैभव संगवानी आदि मौजूद रहे।
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