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Ambedkar Nagar News: सृष्टि के पालनकर्ता और कल्याण के प्रतीक हैं शिव
Sat, 30 Aug 2025 11:29 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sat, 30 Aug 2025 11:29 PM IST
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आलापुर (अंबेडकरनगर)। क्षेत्र के हिसामुद्दीनपुर में शनिवार को श्री शिवमहापुराण कथा का आयोजन हुआ। कथा प्रवाचक आचार्य राकेश ने शिव भक्ति की महिमा का गहन वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान शिव की आराधना से जीवन के समस्त कष्ट दूर होते हैं और परम सुख की प्राप्ति होती है।
प्रवाचक ने कहा कि शिव केवल विनाश के देवता नहीं, बल्कि सृष्टि के पालन और कल्याण के प्रतीक हैं। शिव का स्मरण हर स्थिति में भक्त को शांति और संबल प्रदान करता है। उन्होंने यह भी कहा कि शिवमहापुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि लोकमंगल का शास्त्र है जो मानव जीवन को धर्म, नीति और आचरण का सही मार्ग दिखाता है।
आचार्य राकेश ने उदाहरण देकर बताया कि शिव के प्रत्येक स्वरूप में गहरे संदेश छिपे हैं। कहीं करुणा, कहीं त्याग, तो कहीं साहस और धैर्य का प्रतीक हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिव भक्ति में आडंबर का कोई स्थान नहीं है, बल्कि सच्ची श्रद्धा और समर्पण ही साधना का आधार हैं। आचार्य ने बताया कि त्रिदेवों में शिव की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। शिव ही संतुलन स्थापित करते हैं और सृष्टि को नवीन ऊर्जा प्रदान करते हैं।
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प्रवाचक ने कहा कि शिव केवल विनाश के देवता नहीं, बल्कि सृष्टि के पालन और कल्याण के प्रतीक हैं। शिव का स्मरण हर स्थिति में भक्त को शांति और संबल प्रदान करता है। उन्होंने यह भी कहा कि शिवमहापुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि लोकमंगल का शास्त्र है जो मानव जीवन को धर्म, नीति और आचरण का सही मार्ग दिखाता है।
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आचार्य राकेश ने उदाहरण देकर बताया कि शिव के प्रत्येक स्वरूप में गहरे संदेश छिपे हैं। कहीं करुणा, कहीं त्याग, तो कहीं साहस और धैर्य का प्रतीक हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिव भक्ति में आडंबर का कोई स्थान नहीं है, बल्कि सच्ची श्रद्धा और समर्पण ही साधना का आधार हैं। आचार्य ने बताया कि त्रिदेवों में शिव की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। शिव ही संतुलन स्थापित करते हैं और सृष्टि को नवीन ऊर्जा प्रदान करते हैं।
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