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बेगुनाहों का खून बहाना जेहाद नहीं
अमरउजाला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Mar 2016 10:42 PM IST
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मजलिस में बोलते मौलाना।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मौलाना हसनैन ने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि इसलाम तलवार के जोर पर फैलाया गया। उन्हें शायद इसलाम के इतिहास की ही जानकारी नहीं है। इसलाम के संस्थापक आखिरी रसूल हजरत मोहम्मद मुस्तफा यदि तलवार के जोर पर इसलाम को फैलाते तो उस वृद्धा से उसका हालचाल पूछने उसके घर न जाते जो प्रतिदिन उन पर कूड़ा फेंका करती थी।
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कहा कि बीते कुछ वर्षों से जेहाद के नाम पर खूनखराबा किया जा रहा है। बेगुनाहों का खून बहाया जा रहा है। स्कूलों में घुसकर मासूम बच्चों को गोली मारी जा रही है। स्कूली बसों को बम से उड़ाया जा रहा है। किसने ऐसा करने की इजाजत दी है। इसलाम में कहीं भी ऐसा नहीं है।
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जेहाद का मतलब होता है अंधेरे में रोशनी की और बेवफाओं के बीच वफा की अलख जगाना। यही असली जेहाद है। मौलाना ने युवाओं कहा कि वे आखिरी रसूल के बताए रास्ते पर चलकर समाज व देश के उत्थान में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। कार्यक्रम का संचालन आरिफ अनवर ने किया। इस दौरान रिजवान हुसैन, मुनव्वर हुसैन, कैफी, हाजी मेहदी रजा, शीबू रिजवी आदि मौजूद रहे।
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