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एसडीएम कोर्ट ने दिया पुनर्मतगणना कराने का निर्देश
अंबेडकरनगर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 04 Oct 2017 11:01 PM IST
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मतगणना
- फोटो : symbolic
वर्ष 2015 में जहांगीरगंज के देवरिया बुजुर्ग ग्राम प्रधान पद के लिए हुए चुनाव मामले में एसडीएम कोर्ट आलापुर ने पुनर्मतगणना का ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। चुनाव में पराजित हुई ग्राम प्रधान पद की प्रत्याशी नाजबानो ने एसडीएम कोर्ट में मतगणना प्रक्रिया को चुनौती दी थी।
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कहा था कि मतगणना में धांधली की गई है। इसके चलते ही उन्हें तीन मतों से पराजित घोषित कर दिया गया। एसडीएम ने बीडीओ जहांगीरगंज को निर्देशित किया कि जिला निर्वाचन अधिकारी से तिथि निर्धारित कर न्यायालय के समक्ष मतगणना कराई जाए।
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गौरतलब है कि दिसंबर 2015 में जहांगीरगंज विकास खंड के देवरिया बुजुर्ग गांव में प्रधान पद के लिए चुनाव प्रक्रिया आयोजित हुई थी। इसमें प्रत्याशी रही चंपा देवी पत्नी सुधाकर मौर्य को तीन मतों से जीत हासिल हुई थी।
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मतगणना में हेराफेरी का आरोप लगाते हुए पराजित हुई प्रत्याशी नाजबानो पत्नी अरशद ने एसडीएम न्यायालय में याचिका दायर की। कहा कि प्रत्याशी चंपा ने अधिकारियों से मिलीभगत कर मतगणना के दौरान मतों में हेराफेरी करा दी और उन्हें तीन मतों से चुनाव हरा दिया गया।
अधिवक्ता जगन्नाथ मिश्र ने एसडीएम के समक्ष नाजबानो का पक्ष रखा और पुनर्मतगणना कराए जाने की मांग की। एसडीएम ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मामले में गंभीरता से विचार किया। इसके बाद बीडीओ जहांगीरगंज को निर्देशित किया कि जिला निर्वाचन अधिकारी से तिथि निर्धारित कर फिर से मतगणना कराई जाए।
इस बार मतगणना न्यायालय के समक्ष सुनिश्चित होगी। एसडीएम राजेश श्रीवास्तव के इस फैसले के बाद से अन्य ग्राम पंचायतों में मतगणना में हुई धांधली को लेकर न्यायालय में विचाराधीन मामलों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।