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धूप निकली पर गलन बरकार
अबेडकरनगर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 20 Jan 2016 10:49 PM IST
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पूरे दिन लोग गलन भरी ठंड से जूझते रहे। ठंड से बचने के लिए लोग जगह जगह अलाव तापने को मजबूर रहे। उधर बुधवार को भी तापमान में गिरावट से गेहूं किसानों के चेहरे खिले रहे। हालांकि बारिश न होने से उन्हें कुछ निराशा अवश्य हुई। किसानों का कहना था कि यदि बारिश होती, तो इसका व्यापक लाभ गेहूं की फसल को मिलता।
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मंगलवार को हुई रिमझिम बारिश के बाद उम्मीद थी कि यह सिलसिला बुधवार को भी जारी रहेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बुधवार पूर्वाह्न तक आसमान पर काले बादल उमड़ते-घुमड़ते रहे, लेकिन बरस नहीं सके। दोपहर होते होते पछुआ हवा चलने से आसमान पर छाए बादल हट गए और धूप निकली।
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हालांकि धूप में तपिश न होने के चलते इसका तापमान पर विशेष प्रभाव नहीं पड़ा। इस बीच सर्द हवा ने गलन बढ़ा दिया। पूरे दिन लोग ठंड से कंपकंपाते रहे। ठंड से बचने के लिए लोग जगह जगह न सिर्फ अलाव जलाकर तापने को मजबूर हुए, बल्कि चाय के होटलों व दुकानों पर चाय की चुस्कियां भी लेते रहे।
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बुधवार को भी तापमान में गिरावट से किसानों के चेहरे खिले रहे। उनका कहना है कि यदि ऐसी तापमान में गिरावट होती रही, तो इसका व्यापक लाभ गेहूं की फसल के साथ साथ दलहनी व तिलहनी फसलों को भी मिलेगा। हालांकि बारिश न होने पर मायूसी भी हुई।
अकबरपुर के किसान संतराम वर्मा व घनश्याम तिवारी ने कहा कि बुधवार को हुई रिमझिम बारिश दलहनी व तिलहनी फसल के लिए तो काफी थी, लेकिन गेहूं की फसल के लिए अभी और बारिश होनी चाहिए थी।
यदि आने वाले दिनों में बारिश होती है, तो इसका व्यापक लाभ गेहूं की फसल को मिलेगा। जलालपुर के रामप्रकाश सिंह व अजीत कुमार ने कहा कि मात्र इतनी बारिश गेहूं की फसल को लाभ नहीं होने वाला। यदि तापमान में इसी प्रकार से कमीं होती रहे, तो सिंचाई कर अच्छी पैदावार की जा सकती है।