{"_id":"68c70912a27585adfc0a66f6","slug":"religious-rituals-started-for-guru-parva-in-udasin-ashram-ambedkar-nagar-news-c-91-1-abn1014-142006-2025-09-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: उदासीन आश्रम में गुरु पर्व के लिए शुरू हुए धार्मिक अनुष्ठान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: उदासीन आश्रम में गुरु पर्व के लिए शुरू हुए धार्मिक अनुष्ठान
Sun, 14 Sep 2025 11:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sun, 14 Sep 2025 11:57 PM IST
विज्ञापन
विद्युतनगर (अंबेडकरनगर)। टांडा क्षेत्र के बड़ा फाटक छज्जापुर स्थित उदासीन आश्रम में गुरु पर्व के पावन अवसर पर धार्मिक अनुष्ठान आरंभ हो गए हैं। आश्रम परिसर रविवार सुबह से ही वैदिक मंत्रोच्चार की ध्वनि से गूंज उठा। साधु-संतों और श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने वातावरण को पूर्णत: आध्यात्मिक बना दिया। महंत डॉ. चंद्र प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि गुरु पर्व से पूर्व दो दिनों तक विशेष अनुष्ठान संपन्न कराए जाते हैं। इस वर्ष भी परंपरा का पालन करते हुए पूजन, जप और हवन प्रारंभ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि उदासीन आश्रम में होने वाले धार्मिक अनुष्ठान केवल पूजा-अर्चना भर नहीं हैं, बल्कि यह सनातन ऋषि परंपरा का जीवंत उदाहरण हैं, जिसने भारतीय समाज को संयम, साधना और लोक कल्याण का मार्ग दिखाया है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
संत समागम में आएंगे विभिन्न प्रांतों के संत
गुरु पर्व का मुख्य आयोजन 16 सितंबर को निर्धारित है। इस दिन देश के विभिन्न प्रांतों से संत आश्रम पहुंचेंगे और अपने गुरुजनों को नमन करेंगे। आश्रम प्रबंधन ने बताया कि इस अवसर पर संत समागम, प्रवचन, भजन-कीर्तन और भंडारे का आयोजन होगा। भजन-कीर्तन की स्वर लहरियां वातावरण को भक्ति रस से सराबोर करेंगी, वहीं प्रवचन में संतजन गुरु परंपरा के महत्व और समाज सेवा की आवश्यकता पर प्रकाश डालेंगे।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
विज्ञापन
विज्ञापन
संत समागम में आएंगे विभिन्न प्रांतों के संत
गुरु पर्व का मुख्य आयोजन 16 सितंबर को निर्धारित है। इस दिन देश के विभिन्न प्रांतों से संत आश्रम पहुंचेंगे और अपने गुरुजनों को नमन करेंगे। आश्रम प्रबंधन ने बताया कि इस अवसर पर संत समागम, प्रवचन, भजन-कीर्तन और भंडारे का आयोजन होगा। भजन-कीर्तन की स्वर लहरियां वातावरण को भक्ति रस से सराबोर करेंगी, वहीं प्रवचन में संतजन गुरु परंपरा के महत्व और समाज सेवा की आवश्यकता पर प्रकाश डालेंगे।
विज्ञापन