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Ambedkar Nagar News: नियमित अभ्यास और तकनीक ने दिलाए पदक
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आहाना तिवारी।संवाद
अंबेडकरनगर। एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित प्रथम शॉर्ट कोर्स सीनियर राज्य स्तरीय तैराकी चैंपियनशिप में खिलाड़ियों ने अपनी सफलता के अनुभव साझा किए। वाराणसी के अनुराग आर सिंह और मुरादाबाद के रितिक शर्मा ने पांच-पांच स्वर्ण पदक जीतकर पुरुष वर्ग की व्यक्तिगत चैंपियनशिप साझा की। खिलाड़ियों ने नियमित अभ्यास, तकनीक में सुधार और प्रशिक्षक के मार्गदर्शन को सफलता का आधार बताया।
अंबेडकरनगर के मालीपुर निवासी अनुराग परिवार के साथ वाराणसी में रहते हैं। दस वर्षों से तैराकी कर रहे अनुराग ने बताया कि गति और सहनशक्ति के साथ सही तकनीक पर पकड़ जरूरी है। अभ्यास के दौरान गलतियों में सुधार और प्रशिक्षक के सुझावों पर अमल करने से प्रदर्शन बेहतर होता है। नए खिलाड़ियों को योग्य प्रशिक्षक की देखरेख में अभ्यास करना चाहिए।
मुरादाबाद के रितिक शर्मा 11 वर्षों से तैराकी कर रहे हैं। वह प्रतिदिन दो से ढाई घंटे अभ्यास करते हैं। उन्होंने कहा कि निरंतर तैयारी, प्रदर्शन का आकलन और पर्याप्त आराम जरूरी है। प्रतियोगिता से ठीक पहले अभ्यास का समय अचानक बढ़ाने के बजाय नियमितता बनाए रखनी चाहिए। शुरुआती खिलाड़ियों को स्कूल और जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर अनुभव हासिल करना चाहिए।
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कटेहरी क्षेत्र के रुक मंगलपुर की मूल निवासी आहाना परिवार के साथ लखनऊ में रहती हैं। कक्षा 12 की छात्रा आहाना ने तीसरी कक्षा से तैराकी शुरू की थी। उन्होंने 50 मीटर फ्रीस्टाइल और बटरफ्लाई में स्वर्ण, 100 मीटर फ्रीस्टाइल में रजत और 400 मीटर फ्रीस्टाइल में कांस्य पदक जीता। उनके पिता कर्नल विनोद कुमार तिवारी सेना में कार्यरत हैं, जबकि मां सुमन तिवारी गृहिणी हैं।
गौतमबुद्धनगर की गीतिका चौहान ने भी प्रतियोगिता में दमदार प्रदर्शन किया। आठ वर्षों से तैराकी कर रहीं गीतिका ने दो रजत और दो कांस्य पदक जीते।
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अंबेडकरनगर के मालीपुर निवासी अनुराग परिवार के साथ वाराणसी में रहते हैं। दस वर्षों से तैराकी कर रहे अनुराग ने बताया कि गति और सहनशक्ति के साथ सही तकनीक पर पकड़ जरूरी है। अभ्यास के दौरान गलतियों में सुधार और प्रशिक्षक के सुझावों पर अमल करने से प्रदर्शन बेहतर होता है। नए खिलाड़ियों को योग्य प्रशिक्षक की देखरेख में अभ्यास करना चाहिए।
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मुरादाबाद के रितिक शर्मा 11 वर्षों से तैराकी कर रहे हैं। वह प्रतिदिन दो से ढाई घंटे अभ्यास करते हैं। उन्होंने कहा कि निरंतर तैयारी, प्रदर्शन का आकलन और पर्याप्त आराम जरूरी है। प्रतियोगिता से ठीक पहले अभ्यास का समय अचानक बढ़ाने के बजाय नियमितता बनाए रखनी चाहिए। शुरुआती खिलाड़ियों को स्कूल और जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर अनुभव हासिल करना चाहिए।
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कटेहरी क्षेत्र के रुक मंगलपुर की मूल निवासी आहाना परिवार के साथ लखनऊ में रहती हैं। कक्षा 12 की छात्रा आहाना ने तीसरी कक्षा से तैराकी शुरू की थी। उन्होंने 50 मीटर फ्रीस्टाइल और बटरफ्लाई में स्वर्ण, 100 मीटर फ्रीस्टाइल में रजत और 400 मीटर फ्रीस्टाइल में कांस्य पदक जीता। उनके पिता कर्नल विनोद कुमार तिवारी सेना में कार्यरत हैं, जबकि मां सुमन तिवारी गृहिणी हैं।
गौतमबुद्धनगर की गीतिका चौहान ने भी प्रतियोगिता में दमदार प्रदर्शन किया। आठ वर्षों से तैराकी कर रहीं गीतिका ने दो रजत और दो कांस्य पदक जीते।

आहाना तिवारी।संवाद

आहाना तिवारी।संवाद

आहाना तिवारी।संवाद