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Ambedkar Nagar News: प्रतापपुर चमुर्खा के सचिव पर कार्रवाई की संस्तुति
Wed, 27 Aug 2025 12:16 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Wed, 27 Aug 2025 12:16 AM IST
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अंबेडकरनगर। साधन सहकारी समिति प्रतापपुर चमुर्खा के सचिव दुर्गा प्रसाद पांडेय के खिलाफ जनसुनवाई पोर्टल पर 11 लोगों ने गंभीर आरोप लगाकर शिकायत की थी। जिला कृषि अधिकारी अरविंद कुमार चौधरी ने जांच में आरोप सही पाए जाने पर सचिव के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही केस दर्ज करने की पत्रावली उच्चाधिकारियों को भेजी है। इसपर एआर कोऑपरेटिव ने जांच समिति का गठन किया है।
जनसुनवाई पोर्टल पर सचिव के खिलाफ अलग अलग तिथियों पर 11 शिकायती पत्र दिए गए थे। जिला कृषि अधिकारी ने 11 जुलाई को कटेहरी के बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति प्रतापपुर चमुर्खा की जांच की। इस दौरान पीओएस मशीन व गोदाम में स्टाॅक में अंतर मिलने पर 14 जुलाई को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। नोटिस का जवाब न देने पर 28 जुलाई को समिति का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया था।
चार अगस्त को सचिव ने कारण बताओ नोटिस का जवाब दिया, जो संतोषजनक नहीं था। लगातार खाद की किल्लत को देखते हुए समिति का लाइसेंस किसान हित में बहाल करा सचिव से अन्य अनियमितता के संबंध में सात दिनों में अपना स्पष्टीकरण साक्ष्य व अभिलेखों सहित प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।
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इसके बाद भी जवाब न देने पर 12 अगस्त को सचिव के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की गई। इसके बाद 22 व 23 अगस्त को वायरल वीडियो में सचिव रात नौ बजे समिति पर खाद का वितरण करने के साथ ही निर्धारित सरकारी दर से अधिक दाम पर किसानों को खाद का वितरण करते पाए गए।
जिला कृषि अधिकारी ने इन सभी प्रकरणों का जिक्र करते हुए एफआईआर कराने की संस्तुति की है। एआर कोऑपरेटिव राघवेंद्र प्रताप शुक्ल ने बताया कि मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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जनसुनवाई पोर्टल पर सचिव के खिलाफ अलग अलग तिथियों पर 11 शिकायती पत्र दिए गए थे। जिला कृषि अधिकारी ने 11 जुलाई को कटेहरी के बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति प्रतापपुर चमुर्खा की जांच की। इस दौरान पीओएस मशीन व गोदाम में स्टाॅक में अंतर मिलने पर 14 जुलाई को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। नोटिस का जवाब न देने पर 28 जुलाई को समिति का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया था।
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चार अगस्त को सचिव ने कारण बताओ नोटिस का जवाब दिया, जो संतोषजनक नहीं था। लगातार खाद की किल्लत को देखते हुए समिति का लाइसेंस किसान हित में बहाल करा सचिव से अन्य अनियमितता के संबंध में सात दिनों में अपना स्पष्टीकरण साक्ष्य व अभिलेखों सहित प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।
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इसके बाद भी जवाब न देने पर 12 अगस्त को सचिव के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की गई। इसके बाद 22 व 23 अगस्त को वायरल वीडियो में सचिव रात नौ बजे समिति पर खाद का वितरण करने के साथ ही निर्धारित सरकारी दर से अधिक दाम पर किसानों को खाद का वितरण करते पाए गए।
जिला कृषि अधिकारी ने इन सभी प्रकरणों का जिक्र करते हुए एफआईआर कराने की संस्तुति की है। एआर कोऑपरेटिव राघवेंद्र प्रताप शुक्ल ने बताया कि मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।