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बारिश से जलभराव, राह चलना मुश्किल
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
Updated Fri, 16 Sep 2016 11:49 PM IST
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रोडवेज के बगल में स्थित मोहल्ले में बारिश के बाद भरा पानी।
- फोटो : अमर उजाला
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जनपद में शुक्रवार को दिन में डेढ़ घंटे हुई झमाझम बारिश से गली मोहल्ले टापू बन गए। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने के चलते मुख्य मार्ग सहित, गलियों में जलभराव हो गया। नालियों के जाम हो जाने से लोगों के घरों के आसपास पानी भरा रहा। मुख्य मार्ग पर भी जलभराव होने से लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
बस स्टेशन, फैजाबाद रोड व कलेक्ट्रेट के निकट जलभराव होने से लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। जलभराव की समस्या से जूझ रहे लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से जलनिकासी की समुचित व्यवस्था किए जाने की मांग की।
जिला मुख्यालय पर जलनिकासी व्यवस्था पिछले कुछ समय से पूरी तरह चौपट हो गई है। थोड़ी देर भी तेज बरसात हुई, तो कई मोहल्लों समेत प्रमुख मार्गों पर जलभराव हो जाता है। इससे आवागमन बाधित होने लगता है। शुक्रवार को दिन में दो चरण में लगभग डेढ़ घंटे तक हुई तेज बारिश के चलते जगह जगह जलभराव हुआ।
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इससे लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अकबरपुर नगर के फैजाबाद मार्ग पर बनगांव रोड से ठीक पहले मुख्य मार्ग पर पानी भर गया। शीतला आश्रम के आगे कांजी हाउस के निकट अकबरपुर फैजाबाद मुख्य मार्ग पर भी जलभराव रहा। इस क्षेत्र में जलनिकासी के लिए बनी नाली पूरी तरह जाम रही।
बस स्टेशन जाने वाले मार्ग की दोनों पटरियों पर भी शुक्रवार को जलभराव रहा। इससे यात्रियों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। कई यात्रियों के कपड़े भी इस दौरान खराब हो गए। यात्रियों ने इस स्थिति को लेकर काफी नाराजगी भी व्यक्त की।
नगर के उसरहवा मोहल्ले में भी पानी भर जाने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पटेलनगर व कलक्ट्रेट के निकट भी कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति रही। अकबरपुर फैजाबाद मार्ग, सब्जी मंडी, कृषि भवन, कलक्ट्रेट के निकट, कोतवाली के निकट जलभराव रहा।
गली मोहल्लों के साथ मुख्य मार्ग पर जलभराव होने पर नागरिकों ने नाराजगी का इजहार किया है। मीरानपुर निवासी रमाशंकर ने कहा कि जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने के चलते नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहता है। इन दिनों जब संक्रामक बीमारियों का प्रकोप फैला हुआ है, तब भी ऐसी स्थिति से निपटने को प्रशासन गंभीर नहीं है।
छात्रा दिव्या ने कहा कि स्कूल से आते समय जलभराव से होकर गुजरना पड़ा। कीचड़ व गंदगी के चलते आवागमन मुश्किल होता रहता है। शहजादपुर निवासी पंकज व खलीक ने कहा कि प्रशासन का ध्यान जलनिकासी की ओर न जाना चिंताजनक है। गंदगी जिस तरह फैल रही है, उससे यहां भी संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
शुक्रवार को हुई बारिश से एक तरफ जहां किसानों के चेहरे खुशी से चमक उठे, तो वहीं उमसभरी गर्मी से जूझ रहे लोगों को राहत मिली। सुबह से ही आसमान पर उमड़े काले बादलों ने दोपहर बाद बरसना शुरू किया। दो चरणों में हुई लगभग डेढ़ घंटे की बारिश ने किसानों को काफी राहत दी।
दरअसल इन दिनों धान की फसल को सिंचाई की आवश्यकता थी। किसानों ने बारिश से ही उम्मीद बांध रखी थी। शुक्रवार को बारिश हुई, तो किसानों के चेहरे खिल उठे। अकबरपुर के किसान राजितराम व जहांगीरगंज के किसान चंद्रशेखर ने कहा कि मौजूदा समय में सिंचाई की आवश्यकता थी। बारिश से फसल को लाभ हुआ है।
यदि इसी प्रकार से समय समय पर बारिश होती रहे, तो इससे अच्छी फसल होने की संभावना है। किसान जगदंबा व सतीशचंद्र ने कहा कि बारिश धान के लिए अमृत साबित होगी।
अधिशासी अभियंता संगीता ने बताया कि जलनिकासी व्यवस्था पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है। नालियों की साफ सफाई व्यवस्था को सही कराया जा रहा है। आगे इसे और प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि लोगों को जलभराव से परेशान न होना पड़े।
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बस स्टेशन, फैजाबाद रोड व कलेक्ट्रेट के निकट जलभराव होने से लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। जलभराव की समस्या से जूझ रहे लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से जलनिकासी की समुचित व्यवस्था किए जाने की मांग की।
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जिला मुख्यालय पर जलनिकासी व्यवस्था पिछले कुछ समय से पूरी तरह चौपट हो गई है। थोड़ी देर भी तेज बरसात हुई, तो कई मोहल्लों समेत प्रमुख मार्गों पर जलभराव हो जाता है। इससे आवागमन बाधित होने लगता है। शुक्रवार को दिन में दो चरण में लगभग डेढ़ घंटे तक हुई तेज बारिश के चलते जगह जगह जलभराव हुआ।
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इससे लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अकबरपुर नगर के फैजाबाद मार्ग पर बनगांव रोड से ठीक पहले मुख्य मार्ग पर पानी भर गया। शीतला आश्रम के आगे कांजी हाउस के निकट अकबरपुर फैजाबाद मुख्य मार्ग पर भी जलभराव रहा। इस क्षेत्र में जलनिकासी के लिए बनी नाली पूरी तरह जाम रही।
बस स्टेशन जाने वाले मार्ग की दोनों पटरियों पर भी शुक्रवार को जलभराव रहा। इससे यात्रियों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। कई यात्रियों के कपड़े भी इस दौरान खराब हो गए। यात्रियों ने इस स्थिति को लेकर काफी नाराजगी भी व्यक्त की।
नगर के उसरहवा मोहल्ले में भी पानी भर जाने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पटेलनगर व कलक्ट्रेट के निकट भी कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति रही। अकबरपुर फैजाबाद मार्ग, सब्जी मंडी, कृषि भवन, कलक्ट्रेट के निकट, कोतवाली के निकट जलभराव रहा।
गली मोहल्लों के साथ मुख्य मार्ग पर जलभराव होने पर नागरिकों ने नाराजगी का इजहार किया है। मीरानपुर निवासी रमाशंकर ने कहा कि जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने के चलते नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहता है। इन दिनों जब संक्रामक बीमारियों का प्रकोप फैला हुआ है, तब भी ऐसी स्थिति से निपटने को प्रशासन गंभीर नहीं है।
छात्रा दिव्या ने कहा कि स्कूल से आते समय जलभराव से होकर गुजरना पड़ा। कीचड़ व गंदगी के चलते आवागमन मुश्किल होता रहता है। शहजादपुर निवासी पंकज व खलीक ने कहा कि प्रशासन का ध्यान जलनिकासी की ओर न जाना चिंताजनक है। गंदगी जिस तरह फैल रही है, उससे यहां भी संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
शुक्रवार को हुई बारिश से एक तरफ जहां किसानों के चेहरे खुशी से चमक उठे, तो वहीं उमसभरी गर्मी से जूझ रहे लोगों को राहत मिली। सुबह से ही आसमान पर उमड़े काले बादलों ने दोपहर बाद बरसना शुरू किया। दो चरणों में हुई लगभग डेढ़ घंटे की बारिश ने किसानों को काफी राहत दी।
दरअसल इन दिनों धान की फसल को सिंचाई की आवश्यकता थी। किसानों ने बारिश से ही उम्मीद बांध रखी थी। शुक्रवार को बारिश हुई, तो किसानों के चेहरे खिल उठे। अकबरपुर के किसान राजितराम व जहांगीरगंज के किसान चंद्रशेखर ने कहा कि मौजूदा समय में सिंचाई की आवश्यकता थी। बारिश से फसल को लाभ हुआ है।
यदि इसी प्रकार से समय समय पर बारिश होती रहे, तो इससे अच्छी फसल होने की संभावना है। किसान जगदंबा व सतीशचंद्र ने कहा कि बारिश धान के लिए अमृत साबित होगी।
अधिशासी अभियंता संगीता ने बताया कि जलनिकासी व्यवस्था पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है। नालियों की साफ सफाई व्यवस्था को सही कराया जा रहा है। आगे इसे और प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि लोगों को जलभराव से परेशान न होना पड़े।