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आज से गुलजार होंगे प्राथमिक विद्यालय
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अंबेडकरनगर। करीब पांच माह बाद फिर से प्राथमिक स्कूल बुधवार से गुलजार हो जाएंगे। विद्यालय खुलने को लेकर बच्चों में उत्साह का माहौल है। विभाग के निर्देश पर स्कूलों को साफ सुथरा करने के साथ ही उसे सजाने को लेकर तैयारी की गई है। बुधवार को नौनिहालों के स्कूल पहुंचने पर शिक्षक माला पहनाकर उनका स्वागत करेंगे। साथ ही कोरोना गाइडलाइन का पालन करने की सलाह देंगे। जिले के 1056 सरकारी प्राथमिक विद्यालय व 484 निजी प्राथमिक स्कूलों में तैयारियां मंगलवार को ही पूरी कर ली गईं। बच्चों के बैठने से लेकर पेयजल आदि की बेहतर व्यवस्था करने का दावा है। कुल 1540 विद्यालयों में लगभग 2 लाख बच्चे लंबे अरसे बाद पढ़ने के लिए स्कूल पहुंचेंगे। कोरोना प्रोटोकॉल का गंभीरता से पालन हो, इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी भी सक्रिय हैं।
कोरोना महामारी के चलते पिछले करीब दो वर्ष से शिक्षण व्यवस्था बेपटरी चल रही है। पहली लहर से राहत मिलने के बाद सरकार के निर्देश पर स्कूलों को खोला गया। हालांकि कुछ ही दिन शिक्षण कार्य विद्यालयों में चला। इसी बीच दूसरी लहर ने दस्तक दे दी और इसका कहर पहली लहर से अधिक दिखायी पड़ा। इसके चलते शासन को आननफानन में सभी स्कूल व कॉलेजों को बंद करना पड़ा। लगभग 5 माह से विद्यालय बंद चल रहे थे।
इस बीच एक बार फिर कोरोना से राहत मिली तो पहले कॉलेज खोले गए, इसके बाद बीते 23 अगस्त को उच्च प्राथमिक विद्यालयों को भी खोल दिया गया। शासन ने उसी समय निर्देश जारी किया था कि एक सितंबर से प्राथमिक स्तर के भी विद्यालय खोले जाएंगे। ऐसे में शासन के निर्देश पर प्राथमिक स्कूलों को खोलने के लिए भी जिले में तैयारियां चल रही थीं। विद्यालय की सफाई, बच्चों के बैठने, स्वच्छ पेयजल आदि समस्याओं को दूर करने का प्रयास चल रहा था।
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बुधवार को शासन के निर्देश पर जिले के 1056 सरकारी व 484 निजी प्राथमिक स्कूल खुलेंगे। कुल 1540 विद्यालयों में लगभग दो लाख बच्चे पंजीकृत हैं। कोरोना महामारी से बच्चों को बचाने के लिए शासन ने विशेष प्रोटोकॉल जारी किया है। इसके अलावा स्कूल पहुंचने पर बुधवार को बच्चों का माला पहनाकर स्वागत किया जाएगा। साथ ही स्कूलों को गुब्बारों से सजाने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए भी स्कूलों में आवश्यक तैयारी की गई है।
यह है विद्यालयों के लिए प्रोटोकॉल
शासन ने स्कूल खोलने के साथ ही प्रोटोकॉल भी जारी किया है। कहा कि विद्यालय परिसर की साफ सफाई, स्वच्छ पेयजल, फर्नीचर, हाथ धोने के लिए समुचित व्यवस्था के अलावा बच्चों के शरीर का तापमान व ऑक्सीजन लेवल मापने के लिए स्वास्थ्य समिति के सदस्यों को थर्मल स्कैनर व ऑक्सीमीटर के साथ उपलब्ध रहने का निर्देश है। परिवहन व्यवस्था बच्चों को देने से पहले अच्छे तरीके से सैनिटाइज कराने को कहा गया है। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए प्रबंध समिति को शामिल करते हुए टॉस्क फोर्स टीम गठित करने, शैक्षिक संस्थानों के शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के साथ ही अभिभावकों का शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने को कहा गया। विद्यालय का संचालन सुबह 8 से 11 बजे तक व साढ़े 11 से ढाई बजे तक किया जाएगा। छात्र-छात्राओं को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ पालन कराने का निर्देश है।
मुकम्मल रहेगी आवश्यक व्यवस्था
प्राथमिक स्कूलों को खुलने से पहले ही शासन ने व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए आवश्यक धनराशि मुहैया करा दी थी। जिले के परिषदीय स्कूलों को पहले ही 19 लाख से अधिक की धनराशि मुहैया करा दी थी। इस राशि से विद्यालयों को एप्रेन, ग्लब्स, किचन सामग्री सहित अन्य सामानों की खरीदारी का निर्देश है। कहा गया कि एमडीएम बनाने के दौरान रसोइया मजदूरों को कोई दिक्कत न हो, इसका पूरा ख्याल रखा गया है। अधिकांश विद्यालयों में सामानों की खरीदारी भी हो चुकी है।
गाइडलाइन का करें पालन
शासन के निर्देश पर बुधवार से प्राथमिक विद्यालयों को खोला जा रहा है। सरकारी व निजी विद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि कोरोना गाइडलाइन का गंभीरता से पालन करें। सभी खंड अधिकारियों के अलावा मैं स्वयं स्कूलों के निरीक्षण पर निकलूंगा। यदि कहीं लापरवाही मिली तो कार्रवाई होगी।
-भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए
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कोरोना महामारी के चलते पिछले करीब दो वर्ष से शिक्षण व्यवस्था बेपटरी चल रही है। पहली लहर से राहत मिलने के बाद सरकार के निर्देश पर स्कूलों को खोला गया। हालांकि कुछ ही दिन शिक्षण कार्य विद्यालयों में चला। इसी बीच दूसरी लहर ने दस्तक दे दी और इसका कहर पहली लहर से अधिक दिखायी पड़ा। इसके चलते शासन को आननफानन में सभी स्कूल व कॉलेजों को बंद करना पड़ा। लगभग 5 माह से विद्यालय बंद चल रहे थे।
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इस बीच एक बार फिर कोरोना से राहत मिली तो पहले कॉलेज खोले गए, इसके बाद बीते 23 अगस्त को उच्च प्राथमिक विद्यालयों को भी खोल दिया गया। शासन ने उसी समय निर्देश जारी किया था कि एक सितंबर से प्राथमिक स्तर के भी विद्यालय खोले जाएंगे। ऐसे में शासन के निर्देश पर प्राथमिक स्कूलों को खोलने के लिए भी जिले में तैयारियां चल रही थीं। विद्यालय की सफाई, बच्चों के बैठने, स्वच्छ पेयजल आदि समस्याओं को दूर करने का प्रयास चल रहा था।
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बुधवार को शासन के निर्देश पर जिले के 1056 सरकारी व 484 निजी प्राथमिक स्कूल खुलेंगे। कुल 1540 विद्यालयों में लगभग दो लाख बच्चे पंजीकृत हैं। कोरोना महामारी से बच्चों को बचाने के लिए शासन ने विशेष प्रोटोकॉल जारी किया है। इसके अलावा स्कूल पहुंचने पर बुधवार को बच्चों का माला पहनाकर स्वागत किया जाएगा। साथ ही स्कूलों को गुब्बारों से सजाने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए भी स्कूलों में आवश्यक तैयारी की गई है।
यह है विद्यालयों के लिए प्रोटोकॉल
शासन ने स्कूल खोलने के साथ ही प्रोटोकॉल भी जारी किया है। कहा कि विद्यालय परिसर की साफ सफाई, स्वच्छ पेयजल, फर्नीचर, हाथ धोने के लिए समुचित व्यवस्था के अलावा बच्चों के शरीर का तापमान व ऑक्सीजन लेवल मापने के लिए स्वास्थ्य समिति के सदस्यों को थर्मल स्कैनर व ऑक्सीमीटर के साथ उपलब्ध रहने का निर्देश है। परिवहन व्यवस्था बच्चों को देने से पहले अच्छे तरीके से सैनिटाइज कराने को कहा गया है। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए प्रबंध समिति को शामिल करते हुए टॉस्क फोर्स टीम गठित करने, शैक्षिक संस्थानों के शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के साथ ही अभिभावकों का शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने को कहा गया। विद्यालय का संचालन सुबह 8 से 11 बजे तक व साढ़े 11 से ढाई बजे तक किया जाएगा। छात्र-छात्राओं को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ पालन कराने का निर्देश है।
मुकम्मल रहेगी आवश्यक व्यवस्था
प्राथमिक स्कूलों को खुलने से पहले ही शासन ने व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए आवश्यक धनराशि मुहैया करा दी थी। जिले के परिषदीय स्कूलों को पहले ही 19 लाख से अधिक की धनराशि मुहैया करा दी थी। इस राशि से विद्यालयों को एप्रेन, ग्लब्स, किचन सामग्री सहित अन्य सामानों की खरीदारी का निर्देश है। कहा गया कि एमडीएम बनाने के दौरान रसोइया मजदूरों को कोई दिक्कत न हो, इसका पूरा ख्याल रखा गया है। अधिकांश विद्यालयों में सामानों की खरीदारी भी हो चुकी है।
गाइडलाइन का करें पालन
शासन के निर्देश पर बुधवार से प्राथमिक विद्यालयों को खोला जा रहा है। सरकारी व निजी विद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि कोरोना गाइडलाइन का गंभीरता से पालन करें। सभी खंड अधिकारियों के अलावा मैं स्वयं स्कूलों के निरीक्षण पर निकलूंगा। यदि कहीं लापरवाही मिली तो कार्रवाई होगी।
-भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए