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Ambedkar Nagar News: हिंदी, अंग्रेजी व गणित की पुस्तकों का दिया व्यावहारिक ज्ञान
Sat, 02 Aug 2025 11:26 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sat, 02 Aug 2025 11:26 PM IST
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आलापुर (अंबेडकरनगर)। ब्लॉक संसाधन केंद्र रामनगर में शुक्रवार से एनसीईआरटी आधारित एफएलएन प्रशिक्षण का दूसरा चरण शुरू हुआ। पहले दिन शिक्षक-शिक्षा मित्रों को कक्षा तीन की हिंदी, अंग्रेजी और गणित की पाठ्य पुस्तकों वीणा, मेरीगोल्ड्स, गणित मेला की संरचना, अभ्यास पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
एआरपी विनय चतुर्वेदी ने बताया कि वीणा में कुल 13 अध्याय हैं। जिनमें कक्कू, शेखीबाज मक्खी, बहादुर बित्तो शामिल हैं। इसके अतिरिक्त इसमें 18 पाठ हैं। जैसे सीखो, चींटी, कितने पैर। इन पाठों के अभ्यास कार्य पढ़ने, समझने, लिखने तथा शब्दार्थ सीखने पर केंद्रित हैं। उन्होंने कहा कि ये अभ्यास बच्चों की भाषा-कौशल, भावनाओं व विचारों की अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित करने में सहायक हैं। प्रशिक्षकों ने अंग्रेजी की पुस्तकों मेरीगोल्ड्स और रैनड्रॉप्स की पाठ संरचना व वाक्य अभ्यास से शिक्षकों को परिचित कराया। बताया गया कि कैसे संवादी भाषा व रोचक गतिविधियों से बच्चे शिक्षा में अधिक रुचि लें।एआरपी अभिषेक यादव ने बताया कि गणित मेला कक्षा‑तीन के लिए महत्वपूर्ण संसाधन है। जिसमें संख्या, जोड़, घटाव, गुणा और भाग जैसे मूलभूत गणितीय सिद्धांत चित्रात्मक उदाहरणों, खेलों और गतिविधियों के माध्यम से सिखाए गए हैं। एआरपी शैलेंद्र कुमार ने बताया कि विषयों को एक-दूसरे से जोड़कर पढ़ाने से ज्ञान समृद्ध होता है और शिक्षण अधिक प्रभावी बनता है। इस दौरान राजितराम, नागेंद्र कुमार, मोनिका, प्रियंका, घनश्याम, कविता, रमेश चंद यादव, नीलम सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल रहे।
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एआरपी विनय चतुर्वेदी ने बताया कि वीणा में कुल 13 अध्याय हैं। जिनमें कक्कू, शेखीबाज मक्खी, बहादुर बित्तो शामिल हैं। इसके अतिरिक्त इसमें 18 पाठ हैं। जैसे सीखो, चींटी, कितने पैर। इन पाठों के अभ्यास कार्य पढ़ने, समझने, लिखने तथा शब्दार्थ सीखने पर केंद्रित हैं। उन्होंने कहा कि ये अभ्यास बच्चों की भाषा-कौशल, भावनाओं व विचारों की अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित करने में सहायक हैं। प्रशिक्षकों ने अंग्रेजी की पुस्तकों मेरीगोल्ड्स और रैनड्रॉप्स की पाठ संरचना व वाक्य अभ्यास से शिक्षकों को परिचित कराया। बताया गया कि कैसे संवादी भाषा व रोचक गतिविधियों से बच्चे शिक्षा में अधिक रुचि लें।एआरपी अभिषेक यादव ने बताया कि गणित मेला कक्षा‑तीन के लिए महत्वपूर्ण संसाधन है। जिसमें संख्या, जोड़, घटाव, गुणा और भाग जैसे मूलभूत गणितीय सिद्धांत चित्रात्मक उदाहरणों, खेलों और गतिविधियों के माध्यम से सिखाए गए हैं। एआरपी शैलेंद्र कुमार ने बताया कि विषयों को एक-दूसरे से जोड़कर पढ़ाने से ज्ञान समृद्ध होता है और शिक्षण अधिक प्रभावी बनता है। इस दौरान राजितराम, नागेंद्र कुमार, मोनिका, प्रियंका, घनश्याम, कविता, रमेश चंद यादव, नीलम सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल रहे।
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