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Ambedkar Nagar News: पावर कारपोरेशन की मनमानी ने बढ़ाई उपभोक्ताओं की मुश्किलें

Fri, 03 Nov 2023 10:52 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 03 Nov 2023 10:52 PM IST
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Power Corporation's arbitrariness increased the problems of consumers
अंबेडकरनगर। जिले में पावर कारपोरेशन की मनमानी ने उपभोक्ताओं की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। उपभोक्ताओं को मनमाने ढंग से बिजली बिल भेजे जा रहे हैं। एक तरफ जहां कई जगह मीटर में डंप यूनिट के खेल का खुलासा हुआ है तो वहीक्दूसरी तरफ बड़ी तादाद में ऐसे लोग हैं जिन्हें उनकी खपत से ज्यादा का बिजली पहुंच रहा है।
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बीते दिनों जनपद दौरे पर आए प्रभारी मंत्री गिरीशचंद्र यादव के सामने भाजपा के मंडल अध्यक्षों ने पावर कारपोरेशन की मनमानी की शिकायत की थी। इसमें मनमाने ढंग से बिजली बिल का मुद्दा भी खूब गूंजा था। इसे अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि बिजली संबंधी सभी शिकायतों का तेजी से निस्तारण कराया जाए। इसके बाद भी हालात अभी जस के तस हैं। न तो किसी विशेष कैंप का आयोजन किया जा रहा है और न ही शिकायतों का तत्परतापूर्वक निस्तारण करने पर ध्यान दिया जा रहा है। इससे प्रतिदिन अलग-अलग क्षेत्रों में हजारों उपभोक्ता बिजली विभाग के दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
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चक्कर लगाते बीत रहा समय

अजमेरी बादशाहपुर गांव निवासी फूलचंद मनमाने ढंग से आए बिजली बिल को लेकर परेशान हैं। सितंबर माह में उनका बिल अचानक 13 हजार रुपये आ गया। गड़बड़ी दूर करने के लिए अधिशासी अभियंता विद्युत टांडा कार्यालय में प्रार्थनापत्र दिया। शिकायत के बाद अक्तूबर माह में मीटर रीडर आया तो बिल 15 हजार 64 रुपये बिल थमा दिया। उन्होंने मीटर रीडर को बताया कि सिर्फ कुछ बल्ब व पंखे ही चलते हैं। इतना अधिक बिल कैसे आ रहा है। इस गड़बड़ी को दुरुस्त कराने के लिए वो कभी एसडीओ तो कभी अधिशासी अभियंता कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं।
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अंधेरे होने से बचने को जमा की रकम
अकबरपुर नगर के कटरिया निवासी राकेश अधिक बिल आने से परेशान हैं। कहा कि मई माह में मीटर रीडर आया तो उसने 27 हजार रुपये का बिल पकड़ा दिया। घर में इतनी खपत भी नहीं है। इसे दुरुस्त कराने के लिए कई बार बिजली कार्यालय का चक्कर लगाया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कनेक्शन काट दिए जाने की चेतावनी अलग से दी गई। लगा कि केबल उतार लिया गया तो घर में अंधेरा हो जाएगा। मजबूर होकर 27 हजार रुपये जमा करने पड़े।

गड़बड़ी दुरुस्त न होने से नहीं जमा कर पा रहे बिल
भीटी तहसील क्षेत्र के महापारा निवासी राजेश मिश्र ने कहा कि वे बिजली का बिल नियमित रूप से जमा करते रहे हैं। सितंबर माह में अचानक 14 हजार रुपये का बिल आ गया। उपकेंद्र व एसडीओ कार्यालय पर पहुंचकर इसकी शिकायत की। इसके बाद भी अब तक इसे दुरुस्त नहीं किया जा सका है। इसके चलते बिल जमा नहीं हो पाया है। कनेक्शन कटने का डर भी सता रहा है।


बिना कनेक्शन भेज दिया बिल
प्राथमिक विद्यालय देवरिया बुजुर्ग की स्थापना 2012 में हुई। यहां तीन वर्ष पहले बिजली का बिल पहुंचा तो शिक्षक सन्न रह गए। बकाया भी मामूली नहीं, एक लाख रुपये के करीब था। इतनी बड़ी रकम का बिजली बिल पहुंचा तो जरूर लेकिन विद्यालय पर न तो बिजली का तार लगा है न ही उसके आसपास कोई बिजली का खंभा है। बकाये के चलते स्कूल में अधिकृत कनेक्शन भी नहीं लग पा रहा है। सिर्फ कागजी प्रक्रिया ही आगे बढ़ रही है।


प्राथमिकता पर दूर कराई जा रही गड़बड़ी
बिजली बिल को लेकर कुछ गड़बड़ी सामने आई है। इनका संज्ञान लेकर शिकायतें दूर कराई जा रही हैं। सभी अभियंताओं को निर्देश है कि ऐसे मामलों में स्वयं रुचि लेकर उपभोक्ताओं की परेशानियों को दूर कराएं। - अंबा प्रसाद वशिष्ठ, अधीक्षण अभियंता
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